Thursday, 28 January 2016

गजल

बाल गजल

अब्बा पीटै अम्मी चाहै हमरा
खाला भगबै मामू डाँटै हमरा

चुप्पे गेलहुँ घुमि एलहुँ मेला तँइ
बड़का भैया मारै पीटै हमरा

सभ दिनमे चलि एन्नी ओन्नी चलि जाइ
खाली दादा दादी राखै हमरा

हमरो आपा आबै गाबै नाचै
तँइ ओ सुंदर सुंदर लागै हमरा

सुंदर काकी देलथि अरफी बरफी
तँइ कक्का हँसुआ लऽ कऽ काटै हमरा


सभ पाँतिमे दस टा दीर्घ अछि।
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि। टू टा लघुकेँ एकटा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।
खाला= मौसी
आपा=बड़की बहीन

Thursday, 21 January 2016

गजल

कखनो सुखक भोर लिखै छी
कखनो खसल नोर लिखै छी
मिठगर रसक बात कहै छी
संगे करू झोर लिखै छी
कारी करेजक कहबै की
बिहुँसैत ई ठोर लिखै छी
सोनक हिरण देखि क' दौड़ल
लोकक अजब होड़ लिखै छी
"ओम"क गजल की सुनबै यौ
खटगर बनल घोर लिखै छी
2-2-1-2, 2-1, 1-2-2 प्रत्येक पाँतिमे एक बेर

Wednesday, 20 January 2016

गजल

ओना तँ देशमे बहुत बबाल छै
साहेब केर चुप मुदा कमाल छै

पुछिते रहत कियो अहाँसँ सभ समय
जेबीसँ ई जुड़ल उठल सवाल छै

तैयार छै कसाइ फूल पान लऽ
जै ठाम आदमी जते हलाल छै

ऐ देशमे विकास नै जनमि सकत
बस भाषणेसँ लोक सभ निहाल छै

पूछत कियो सवालपर सवाल से
ऐठाम केकरो कहाँ मजाल छै


सभ पाँतिमे 2212+12+12+12+12 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृतानुसार दीर्घ मानल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Saturday, 16 January 2016

गजल

ने   रूप  छै  ने  रंग  छै   तोरा  जकाँ
ने  बोल  छै  ने  ढंग  छै   तोरा  जकाँ

ने  गीत  छै   ने  छंद  छै  ने   राग  छै
ने  ढोल  ने  मिरदंग  छै   तोरा  जकाँ

मखमल कही वा संगमरमर सन कही
छै  झूठ  सब  ने अंग  छै तोरा  जकाँ

किछ दूर चललौं साथ हम सबके मुदा
ने  सोर   ने  हुड़दंग  छै   तोरा   जकाँ

सब  लोग  छै  साथे  मुदा  साँचे  कही
ने   मोह  माया  संग   छै   तोरा  जकाँ

नीरज कहै  तू  छैं अलग  अनमोल  छैं
एहन   कहाँ   अतरंग  छै  तोरा  जकाँ

सब पाँति में मात्राक्रम
2212-2212-2212

सुझाव सादर

गजल

हम सुखी होइत गेलहुँ जेना जेना
ओ दुखी होइत गेला तेना तेना

केलियै ओ करबै ई हमहीं केलहुँ
बात एहन हम केलहुँ एना एना

धार बूझैए सभ किछु हमरो तोरो
पार केलक के जीवन केना केना

पूछि देलक तेहन जे उत्तर नै छल
मूँह छपलहुँ आ भगलहुँ जेना तेना

पूल सन बनि गेलै अनचिन्हरबा तँइ
लोक उठलै तामसमे फेना फेना

सभ पाँतिमे 2122+222+2222 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Monday, 11 January 2016

गजल

बाल गजल

मोइन पोखरि नालामे हेली हम
गाछीमे नाची गाबी खेली हम

चोरा जामुन तोड़ी आमो तोड़ी
ई बड़का काज कऽ नमहर भेली हम

हेतौ तोरा अँगनामे पिल्ला तै
आसामे तोहर आँगन एली हम

तागत छै ज्ञानक हमरो हिस्सामे
नहुँ नहुँ धीरे दुनियाँकेँ ठेली हम

बच्चा छी बच्चामे भगवाने छै
ने बाभन ने डोमा ने तेली हम

सभ पाँतिमे दस टा दीर्घ अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Tuesday, 5 January 2016

गजल

बहुत भेलै मोनक बात यौ साहेब
दियौ कनिको भोजन भात यौ साहेब

पसरि गेलै खूने खून नोरे नोर
उजड़िए गेलै अहिबात यौ साहेब

हमर जेबीमे छै राति छै अन्हार
हुनक बटुआ चमकै प्रात यौ साहेब

रहथि जे सभ बिच्चे बीच ठामे ठाम
समय तिनका केलक कात यौ साहेब

अहाँ नवका पल्लव छी हमर गाछीक
छियै हम सभ पीयर पात यौ साहेब

सभ पाँतिमे 1222-2221-2221 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों