Thursday, 30 June 2016

गजल

ताकै छी, अपन पता चाही
जिनगी जे कहै, कथा चाही

हम छी खोलने करेजाकेँ
छै गुमकी, कनी हवा चाही

नै चाही जगतसँ किछु हमरा
हमरा बस सभक दुआ चाही

लूटलकै मजा बहुत सब यौ
हमरो आब ई मजा चाही

"ओम"क छै करेज ई पजरल
नेहक एकरा सजा चाही

गजल

हारल करेजक हाल की कहू
जागल सिनेहक हाल की कहू

प्रेमक नगरमे अछि बसल हिया
बारल विदेहक हाल की कहू

सदिखन लिखै छी नेह हम अपन
राखल सनेसक हाल की कहू

कोना क' बीतल राति ई हमर
काटल बिदेसक हाल की कहू

बेकल बनल "ओम"क करेज ई
मारल उछेहक हाल की कहू

गजल

अहाँ तोड़ैत रहू, हम जोड़ाइते रहब
नशा छी एहन, सबकेँ सोहाइते रहब

रहत छाती पर छापल ई नाम टा हमर
कते पोछब हमरा, हम ठोकाइते रहब

अहाँ कोड़ू हमरा नै बाजब किछो सुनू
बनल छी सागक बाड़ी, कोड़ाइते रहब

किया छी बारल नजरिसँ हम देखियौ कनी
सुनब चर्चा हमरो आ नोराइते रहब

करेजा 'ओम'क करबै टुकड़ी कतेक यौ
भ' गेलौं तार करेजक, मोड़ाइते रहब

Tuesday, 28 June 2016

गजल

देश देह दुबराएल छै
लोक मोन उधिआएल छै

पाप पुण्य एना केलकै
स्वर्ग नर्क भरमाएल छै

भोर साँझ हमरे मेहनति
घाम केकरो आएल छै

ठोर कहि रहल जे प्रीत केर
गीत ओकरे गाएल छै

गाछ गाछ जरि रहलै मुदा
डारि पात हरिआएल छै


सभ पाँतिमे 21-21-222-12 मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Thursday, 23 June 2016

गजल

नाम विकासक
काज विनाशक

धरती बेचि कऽ
बात अकासक

छुटिए  गेलै
संग हुलासक

माछे जानै
हाल पियासक

बेपारी छी
भाव लहासक

सभ पाँतिमे 22-22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Wednesday, 22 June 2016

गजल

एक ठोप नोर
साँझ राति भोर

टूटि गेल आस
की लगाउ जोर

प्राण देह मोन
माछ पानि बोर

देश धर्म चास
बीत बीत चोर

चाहि रहलै खाली
सिक्स सिक्स फोर

सभ पाँतिमे 21-21-21 मात्राक्रम अछि
अंतिम शेरक पहिल पाँतिमे दूटा दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Ghazal

My heart is on fire
Because of your desire

Forgone is the food
Forgotten are attire

You are the pearl
And the golden sapphire

Aspires all the senses
To make it square

Affection continues for sure
Till the moment of pyre

Love addicts in my vein
Going to be higher

I am incomplete soul
Only you can make me entire

If I get you for forever
Then what else is the require

These words are my feelings
Don't understand fake admire

[Couplets 2,3,4 and 5 are created by Rajeev Ranjan Mishra and remaining by Kundan Kumar Karna]

Tuesday, 21 June 2016

गजल

हारिकेँ बाद जीतो त' अबिते छै
रातिकेँ बाद सगरो इजोते छै

दुखक माला जपै छी किए दिन भरि
एहि जगमे घड़ी सुखक बहुते छै

नोर राखू पजारब गजल एहिसँ
किछु पुरनका खड़ेएल रहिते छै

बेंगकेँ जिन्दगी  नै इनारे भरि
भादबक बाढ़िमे ओ त जनिते छै

छोरि तकनाइ मुँह  हाथ नम्हर करु
किछु पबै लेल 'मनु' दाम लगिते छै
(मात्रा क्रम ; २१२-२१२-२१२-२२)
जगदानन्द झा 'मनु'

Monday, 13 June 2016

गजल


अहाँक यादि में पागल पागल
अहाँक रूप के मारल मारल

गनैत मेघ के चंदा तारा
निछोह राति में जागल जागल

चमकि रहल छलै अँगना मोनक
अहींक लेल छल पोछल पाछल

कतेक बेर तक ताकब रस्ता
बिछोह आगि के जारल जारल

उछेह राखि हम नेहक सागर
फिरैत बाध में भागल भागल

सनेस यैह टा भेटल नीरज
करेज राख सन राखल राखल

प्रत्येक पाँति में मात्राक्रम 
121212-2222 अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित 
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों