Sunday, 25 September 2016

गजल

किश्तेमे हँसबै किश्तेमे कनबै हम
किश्तेमे जीबै किश्तेमे मरबै हम

भोरसँ साँझसँ रातिसँ आइसँ की काल्हिसँ
जहिया मगँबै खाली तोरे मँगबै हम

अपने जौड़सँ बान्हल छानल रहलहुँ तँइ
किछु जे कहबै तँ कहू किनका कहबै हम

शब्द अहाँ बूझू की वाक्य अहाँ बूझू
जीवन भरि खाली अपनाकेँ रचबै हम

जइ दिन कहतै अनचिन्हार कियो हमरा
ओही दिनकेँ थैहर थैहर बुझबै हम

सभ पाँतिमे 222 + 222 + 222 + 22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि 

Tuesday, 20 September 2016

गजल

झूठक बीजबिंदु एते टा
साँचक बीजबिंदु एते टा

देलक चोट फूल तँइ कहलहुँ
काँटक बीजबिंदु एते टा

जिंदा आदमीक संगे संग
लाशक बीजबिंदु एते टा

फैक्ट्रीकेँ लगा चला बुझलहुँ
चासक बीजबिंदु एते टा

खेतक पानि नापि कहलक ओ
मेघक बीजबिंदु एते टा


सभ पाँतिमे 2221 + 2122 + 2  मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Saturday, 17 September 2016

गजल

सुच्चा सिंह हमहीं
लुच्चा सिंह हमहीं

सभ बुधिमान बनलै
भुच्चा सिंह हमहीं

बिन तेलक अचारो
कुच्चा सिंह हमहीं

अच्छे लाल ओ छथि
टु्च्चा सिंह हमहीं

हत्था आरि मालिक
हुच्चा सिंह हमहीं

22-2122

कहियो काल कऽ हल्का-फुल्का

Sunday, 11 September 2016

गजल

भीतर भीतर गुमसैए
बाहर बाहर धधकैए

जीवन फाटल गुड्डी छै
तैयो ओ सभ उड़बैए

सभहँक चिंता अँगना धरि
अपना अपनी बचबैए

असगर असगर दुनियाँमे
लाशो अपने उठबैए

बरखा बुन्नी पाहुन सन
कहियो कखनो पहुँचैए

सभ पाँतिमे 222 + 222 + 2 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Saturday, 3 September 2016

गजल

कर्ममे एना रमा जाउ संगी
स्वर्गमे सिड़ही लगा जाउ संगी

भेटलै ककरा कथी मेहनत बिनु
बाट गन्तव्यक बना जाउ संगी

नै घृणा ककरोसँ नै द्वेष राखू
नेह चारु दिस बहा जाउ संगी

चित्तमे सुनगत अनेरो जँ चिन्ता
धूँइयामे सब उड़ा जाउ संगी

ठेस लागल ओकरे जे चलल नित
डेग उत्साहसँ बढा जाउ संगी

किछु करु हो जैसँ कल्याण लोकक
नाम दुनियामे कमा जाउ संगी

ओझरी छोड़ाक जिनगीक आबो
संग कुन्दनके बिता जाउ संगी

फाइलुन–मुस्तफइलुन–फाइलातुन

© कुन्दन कुमार कर्ण

http://www.kundanghazal.com

Friday, 2 September 2016

गजल

बात जे कहल गेलै अनचोक्के
हाथ सभ जुटल गेलै अनचोक्के

केखनो करा दैए दुर्घटना
बात जे बुझल गेलै अनचोक्के

मोन पड़ि रहल सभ धीरे धीरे
संग जे छुटल गेलै अनचोक्के

बाजि नै सकल किछु रहलै चुप्पे
प्रश्न से पुछल गेलै अनचोक्के

धार बूझि रहलै सभ किरदानी
पानि जे सुखल गेलै अनचोक्के


सभ पाँतिमे 212-1222-222  मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों