Monday, 31 October 2016

गजल

खेत मसान सन
पेट लगान सन

भूख जँ धर्म छै
दर्द विधान सन

भाव घिसल पिटल
शब्द महान सन

देह कलश बनल
मोन भसान सन

आँखि उठल खसल
अर्थ असान सन


सभ पाँतिमे 211-212  मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Saturday, 29 October 2016

गजल

धूँआ धाकड़ लीन दिवाली
के मानत ई ग्रीन दिवाली

जादव कुर्मी बाभन सोइत
सभहँक भिन्ने भीन दिवाली

सभठाँ नेता एकै रंगक
भारत हो की चीन दिवाली

छन छन टूटै नहिएँ जूटै
सीसा पाथर टीन दिवाली

देशक बाहर देशक भीतर
सौंसे घिनमा घीन दिवाली

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि


हमर एही गजलक मराठी अनुवाद भेल अछि देखल जाए।अनुवाद केने छथि चंद्रकांत यादव...


धु-ध्वनीतच लिन दिवाळी
कुणी ऐकली ग्रिन दिवाळी?

मराठा, मोची, मातंग, माळी
अशी ही ऐक्यविहिन दिवाळी

जगी नेत्यांची एक कातडी
भारत असो वा चिन दिवाळी

पेटते आणि आग पसरते
पेट्रोल, केरोसिन दिवाळी

हा असो वा तो देश असो
सर्व सणांत ही दीन दिवाळी

Tuesday, 25 October 2016

गजल

रस्ता छेकल दुनियाँमे
हमरे भेटल दुनियाँमे

ब्रम्हांडक ई रीत बुझू
दुनियाँ फेकल दुनियाँमे

अपने लिखलहुँ नाम अपन
अपने मेटल दुनियाँमे

हमरा एहन तोरा सन
बहुते बेकल दुनियाँमे

कपड़ा बरतन गहना बुझि
मोनो बेचल दुनियाँमे


सभ पाँतिमे 222-222-2 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Monday, 24 October 2016

गजल

इल्ली दिल्ली पटना राज
सौंसे पसरल गदहा राज

अपना मोने हमहीं पंच
के जानैए विधना राज

बहुते भेलै गंगा जमुना
हमरा चाही कमला राज

आगू पाछू छै खरमास
तइपर एतै भदबा राज

पंडित मुल्ला जनते बीच
तँइ सभ चाहै फतबा राज


सभ पाँतिमे 222-222-21 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Saturday, 22 October 2016

गजल

इम्हर उम्हर बहसल बात
बड़ दुख दैए सनकल बात

खाली खाली हुनकर मूँह
उड़िए गेलै उघरल बात

हुनका भेटनि सौंसे सौंस
हमरा भेटै चनकल बात

दाबल रहतै तैयो भाइ
सुनबे करबै निरसल बात

झुट्ठा चकमक चकमक दीप
सचकेँ मानू झलफल बात

सभ पाँतिमे 222-222-21 मात्राक्रम अछि
एही रदीफ काफियापर हमर एकटा पुरान गजल सेहो अछिसुझाव सादर आमंत्रित अछि

Tuesday, 18 October 2016

गजल

रातिमे भोरक इच्छा
भोरमे साँझक इच्छा

डेग छै सभहँक जँइ-तँइ
हाथमे हाथक इच्छा

छै घृणा स्थायी भाव
साथमे प्रेमक इच्छा

ओ जरै अपने दुखमे
सभ कहै धाहक इच्छा

तीर सन फूलो भेटल
फूल सन काँटक इच्छा

सभ पाँतिमे 2122 +222 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Wednesday, 12 October 2016

गजल

अंबार हेतै की नै हेतै
जैकार हेतै की नै हेतै

हमहूँ पठेने रहियै हुनका
स्वीकार हेतै की नै हेतै

ग्राहक तँ भेलै छै बरबाद
पैकार हेतै की नै हेतै

ई ओइ पारक चेन्हासी छै
अइ पार हेतै की नै हेतै

कीनि एलै  दोकानक दोकान
व्यवहार हेतै की नै हेतै

सभ पाँतिमे 2122 + 222 + 22
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि
पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ अतिरिक्त छूट मानल गेल अछि

Saturday, 8 October 2016

गजल

ई  हँसी लाबा छै
ओ खुशी भुज्जा छै

छै हमर दुख काशी
सुख हुनक काबा छै

देह पूरा पूरी
मोन किछु आधा छै

ठोर छै तड़कुन सन
आँखि बस डाबा छै

राग रंगक सीमा
प्रेममे बाधा छै



सभ पाँतिमे 212+ 222 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि



Thursday, 6 October 2016

गजल

हमरो समय बीति जेतै
हुनको समय बीति जेतै

ओकर इयादक सहारे
सड़लो समय बीति जेतै

उज्जर पीयर नील हरियर
ललको समय बीति जेतै

बंदूक संदूक जे छै
तकरो समय बीति जेतै

पुरना समयपर नै हँसियौ
नवको समय बीति जेतै

सभ  पाँतिमे 2212 + 2122 मात्राक्रम अछि
अंतिम शेरक पहिल पाँतिमे एकटा दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि


तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों