Saturday, 26 November 2016

गजल

कना कऽ पूछै हाल जगत
बहुत पसारै जाल जगत

अहींसँ भेलै दीन दुखी
अहींसँ मालामाल जगत

सुतल सुतल छै ड्राइवरे
खसल पड़ल तिरपाल जगत

के के बढ़ल अछि आगू तकर
बहुत करै पड़ताल जगत

हुनक जगत छनि सोन सुगंधि
हमर तँ कादो थाल जगत


सभ पाँतिमे 12-122-21-12 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिमे दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
अंतिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Thursday, 24 November 2016

गजल

आहि उठबे करतै इयाद एलापर
नोर खसबे करतै इयाद एलापर

पानि खाली देहक मिझा सकैए बस
मोन जरबे करतै इयाद एलापर

हाल केहन से अनुभवेसँ बुझि सकबै
फूल झड़बे करतै इयाद एलापर

मलहमो बेकारे बुझाइए हमरा
घाव रहबे करतै इयाद एलापर

पड़ि रहब ओछाएनपर नै छै सूतब
आँखि जगबे करतै इयाद एलापर


सभ पाँतिमे 2122+2212+1222 मात्राक्रक अछि
अंतिम शेरक पहिल पाँतिमे एकटा दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Tuesday, 22 November 2016

गजल

आर जिलेबी पार जिलेबी
बड़ सुंदर संसार जिलेबी

किछु ने कहबै चुप्पे रहबै
अपने छै बुधियार जिलेबी

चाक कहू चक्र कहू या किछु
सभ सुनतै कुम्हार जिलेबी

ओ सभ कहथिन भोजन साजन
हम कहबै हथियार जिलेबी

रसगुल्ला सभहँक संगतमे
बनि गेलै खुंखार जिलेबी

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Sunday, 20 November 2016

गजल

हुनके चूड़ा
हुनके पिज्जा

कोन अजादी
पुछितो लज्जा

गठरी बान्हल
किनकर हिस्सा

खूब हँसोथब
सभहँक इच्छा

अनचिन्हारक
किछु ने पक्का


सभ पाँतिमे 22-22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि 

Friday, 18 November 2016

गजल

केखनो उठा देलकै
केखनो खसा देलकै

देवता बना केकरो
नोरमे भसा देलकै

डारि पात छै ओकरे
बात से बुझा देलकै

पानि छै बहुत दूर तँइ
आगि ओ लगा देलकै

सोचने रहै अपने सन
आन सन बना देलकै

सभ पाँतिमे 212+12+212 मात्राक्रम अछि
अंतिम शेरक पहिल पाँतिमे एकटा दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Sunday, 13 November 2016

गजल

आँखिमे बहार छै
हाथमे उधार छै

भिन्न भिन्न गाँहके
एकटा बजार छै

बेरपर अलग अलग
ओहने भजार छै

एकबाल केहनो
जल्दिये उतार छै

डोल केर दोस्त ओ
तेहने इनार छै

सभ पाँतिमे 212+12+12 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Tuesday, 8 November 2016

गजल

बेबाक लिखू बिंदास लिखू
बात सधारण या खास लिखू

अन धन लछमी मिठगर भेने
दुरदिन रहितो मधुमास लिखू

शब्द बहुत लिखलहुँ आब अहाँ
अइ खिच्चा ठोरक आस लिखू

हम बूझै छी नीक अहाँकेँ
अपने दाबल इतिहास लिखू

असगर रहनाइ कठिन नै छै
तँइ भीड़ भरल बनबास लिखू

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
"बिंदास" कूल ड्यूड सभहँक शब्द छनि

Monday, 7 November 2016

गजल

छठि भक्ति गजल

अहाँ आएब यै राना दाइ फेरो
हँ, नै जाएब यै राना दाइ फेरो

बहुत सुख संग अन धन लछमी जरूरे
अहाँ लाएब यै राना दाइ फेरो

हँसी हमरो खुशी हमरो भेटि जेतै
जँ मुस्काएब यै राना दाइ फेरो

दया सदिखन बनेने रहबै तकर आस
तँ देखाएब यै राना दाइ फेरो

गजल लीखत बहुत अनचिन्हार ऐठाँ
अहाँ गाएब यै राना दाइ फेरो

सभ पाँतिमे 1222-1222-2122 मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Sunday, 6 November 2016

गजल

छठिक शुभकामना सहित ई भक्ति गजल


नहुँए नहुँ आबथि पबनैतिन
सुरजे सन लागथि पबनैतिन

आस्ते आस्ते जोरे जोरसँ
गीत मधुर गाबथि पबनैतिन

कोशी हाथी छिट्टा पथिया
सभहँक रस जानथि पबनैतिन

पुरबा बहने काँपथि तैयो
पाबनि ई ठानथि पबनैतिन

खरना चाहथि दीनो गानथि
परना नै चाहथि पबनैतिन

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि

Friday, 4 November 2016

गजल

ताड़ी लेने एलै पासी हमरे लेल
लबनी देने गेलै पासी हमरे लेल

नहिएँ चाही फुनगी भुनगी अपना लेल
हमरे सदिखन ठेलै पासी हमरे लेल

हमरा हिस्सामे छै खाली फेने फेन
केहन निष्ठुर भेलै पासी हमरे लेल

हाथक कादोकेँ हीरा बुझलहुँ तँइ आब
उगना सन हेरेलै पासी हमरे लेल

हमरा एम्पायर घोषित केलक तइ बाद
हमरे पिचपर खेलै पासी हमरे लेल

सभ पाँतिमे 222-222-222--221 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Tuesday, 1 November 2016

गजल

सेज सजिते इजोरिया एलै
घोघ उठिते इजोरिया एलै

मूँह हुनकर अतेक सुंदर जे
बात बजिते इजोरिया एलै

आँखि झुकलै इजोरिया भागल
आँखि उठिते इजोरिया एलै

शब्द उपजल अलग अलग ढ़ंगसँ
अर्थ बुझिते इजोरिया एलै

मोन देहक इजोत बहुरंगी
ध्यान लगिते इजोरिया एलै

सभ पाँतिमे 2122-12-1222  मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
इजोरिया शब्दक बहुरंगी अर्थ छटा लेल हम जनआनंद मिश्र जीक आभारी छी
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों