Monday, 20 February 2017

गजल

छौ तोहर केहन करतूत सखी
देखि जो कनी हमर सबूत सखी

छै काँचे जौबन काँचे जीबन
नेहो हुनकर काँचे सूत सखी

बहुते झुकला टुटलापर लागल
दुनियाँमे किछु नै निजगूत सखी

हुनकर घिरना सहि बुझलहुँ जे
हम्मर नेह कते मजबूत सखी

नहिए रहलै विश्वासो लायक
अनचिन्हरबा छै अवधूत सखी

सभ पाँतिमे 222-222-222 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Monday, 13 February 2017

रुबाइ

हमर बाटक पता हमर साधना देत
हमर लक्ष्यक पता हमर साधना देत
प्रेम तँ सभ करै छै करबे करतै मुदा
हमर प्रेमक पता हमर साधना देत

Monday, 6 February 2017

गजल

जै ठाँ निबाह नै हेतै
तै ठाँ उछाह नै हेतै

रहतै समुद्र नुनगर आ
पोखरि अथाह नै हेतै

केना कहू जे किछु रहने
दुनियाँ बताह नै हेतै

किछु झूठ लेल मरलो सन
सच तोतराह नै हेतै

सभ साधनाक एकै फल
जीवन कँचाह नै हेतै


सभ पाँतिमे 2212+1222 मात्राक्रम अछि
दोसर शेरक पहिल पाँतिमे एकटा दीर्घकेँ नियम शैथिल्यक कारण लघु मानल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

Saturday, 4 February 2017

गजल

हम्मर हक केर बात के करतै
आ गुड लक केर बात के करतै

भागल जे छीनि छानि मोनक नेह
ओहन ठक केर बात के करतै

चालू छै आन जान बहुते तँइ
उपजल शक केर बात के करतै

हीरा मोतीक भीड़मे ओकर
नाकक छक केर बात के करतै

जागल सूतल अहीं छियै सरकार
टूटल भक केर बात के करतै

सभ पाँतिमे 22-2212-1222
दोसर आ पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु नियम शैथिल्य बूझल जाए
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों