Friday, 31 March 2017

आशीष अनचिन्हारक सभ बाल गजल एकैठाम

1

भोरे उठि मैदान गेलै बौआ
ओम्हरहिसँ दतमनि तँ लेतै बौआ

पोखरिमे नीकसँ नहेतै धोतै
चिक्कन चुनमुन बनि क' एतै बौआ

सरिएतै पोथी पहिरतै अंगा
इस्कूलो खुब्बे तँ जेतै बौआ

नै रखतै दोस्ती खरापक संगे
पढ़ि बड़का डाक्टर तँ बनतै बौआ

सभहँक करतै मदति सोना बेटा
सदिखन नीके बाट चलतै बौआ

हरेक पाँतिमे दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ-ह्रस्व-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ-दीर्घ

2

मामा हमर खटाइ छै
मामी मुदा मिठाइ छै

नानी रखै नुका नुका
मौसी हमर बिलाइ छै

माए हमर तँ पानि सन
बाबू हमर सलाइ छै

भैया रहै डरल डरल
भौजी हमर अताइ छै

गुड्डी जकाँ उड़ल फिरी
दीदी हमर लटाइ छै

सभ पाँतिमे 2212+12+12 मात्राक्रम अछि।
@

जे नै करत पढ़ाइ रौ
छौंकी तकर दवाइ छै

3
कौआ कारी बौआ गोर
बेटी उठलै भोरे भोर

मारा मारी चिकरा चिकरी
कानै बाजै खसबै नोर

धम धम छम छम गम गमसँ
चमकै बिजुरी पोरे पोर

भानस बनलै थारी सजलै
सुगनी पीबै झोरे झोर

भैया मारै जक्खन खूब
हन हन पट पट बजबै ठोर

सभ पाँतिमे 222-222-21 मात्राक्रम अछि।


दोसर आ चारिम शेरक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।

4

सोना हमर बुधियार सन
मंदिर महँक जैकार सन

भोजन भगत बदमाश छै
काजक समय बेकार सन

भुसबा तिलबा लाइ धरि
सदिखन तँ चूबै लार सन

बिनु पाइकेँ ने बात छै
आगू बनत पैकार सन

इस्कूल नै जेतै मुदा
नम्बर तँ चाही भार सन

सभ पाँतिमे 2212+2212 मात्राक्रक अछि।

मतलाक पहिल पाँति हेलो मिथिलामे सुनल गीतसँ प्रेरित अछि।

5

नानी मौसी मामा दे
कक्का काकी बाबा दे

हमरो चाही किछु ने किछु
काशी मथुरा काबा दे

पिज्जा बर्गर चारि दिनक
मुरही भुज्जा लाबा दे

हमहूँ बनबै सोना सन
चुल्हा भट्ठी आबा दे

बरखा बुन्नी अपने छै
घैला चुकरी डाबा दे

सभ पाँतिमे 22+22+22+2 मात्राक्रम अछि।
तेसर शेरक पहिल पाँतिमे दूटा अलग लघुकेँ एकटा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।


सुझाव सादर आमंत्रित अछि

6

खिचड़ी भेटल गरम गरम
चोखा लागै लरम लरम

पापड़ घी ओ अचार सभ
हमरा मोनक भरम भरम

भोजन बादें भजन हवन
पेटक पूजा धरम धरम

चाहे जेहन लगै रहै
खेबामे नै शरम तरम

खेलहुँ खिचड़ी चमकि छमकि
भेटल मुख सुख परम परम


सभ पाँतिमे 22+22+12+12 मात्राक्रम अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

7
ऐ बाल गजलक पहिल तीन शेर आ तकर बादक तीन शेर अलग-अलग पढ़ल जाए--

रसगुल्ला दे छेना दे
नै लेबौ कम पूरा दे

हमरा थारीमे पुच्छी
नै खेबौ हम मूड़ा दे

माछी खसलै थारीमे
हमरा दोसर पूआ दे

खेलहुँ माँड़े भात सदा
आइ तँ हमरा चूड़ा दे

कत्ते घुमबै गाछीमे
कनियें टा बस दूरा दे

माटरजी माँगै पैसा
हमरा पहिने पैसा दे

सभ पाँतिमे मात्राक्रम 222+222+2 अछि।

चारिम शेरक दूनू पाँतिमे 2टा लघुकेँ 1टा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

8

कुक्कुर भूकै गाछीमे
तेल लगा ले लाठीमे

भैंसी गैया सभ संगे
मोन लगैए पाठीमे

हमरो हेतै दाढ़ी मोछ
केशो हेतै छातीमे

नै चाही सुइटर फुइटर
गर्मी लागै गाँतीमे

ठकना फेकू मखना सभ
भगलै मारा मारीमे

सभ पाँतिमे 222+222+2 मात्राक्रम अछि।
पहिल आ दोसर शेरक दोसर पाँतिमे दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि। संगे संग तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतमे एकटा अतिरिक्त लघु केर छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

9
लाठी लेने घूमै बौआ
सदिखन हल्ला मचबै बौआ

बाबा बूलथि नहुँए नहुँए
आगू आगू भागै बौआ

राखल छै चिन्नी कोनामे
सभटा लिल्ला जानै बौआ

रूसै फूलै कानै बाजै
झटपट तैयो मानै बौआ

ने पढ़तै ने लिखतै खाली
भरि भरि थारी खेतै बौआ

सभ पाँतिमे 222+222+22  मात्राक्रम अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

10

आमुन बेटी जामुन बेटी
लिच्ची सनकेँ दारुन बेटी

सरदी गरमी पुरबा पछबा
सावन भादव फागुन बेटी

धो पोछि क' सगरो चमकाबै
आँगन बासन साबुन बेटी

अनका घरकेँ पोसै पालै
हमरा घरकेँ पाहुन बेटी

सभहँक उप्पर जूति चलेतै
कानन बाजन कानुन बेटी


सभ पाँतिमे 222+222+22 मात्राक्रम अछि।
तेसर आ अंतिम शेरक पहिल पाँतिमे दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि। तेनाहिते मूल शब्द "कानून" छै मुदा काफिया ओ लयकेँ रक्षा करैत "कानुन" कहल गेल अछि।
दारुण लेल दारुन कहल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

11

जाइंग द गाछीमे चुप्पे चुप्पे
नाचिंग द गाछीमे चुप्पे चुप्पे

खोलिंग द बरतन लेइंग द चिन्नी
खाइंग द गाछीमे चुप्पे चुप्पे

मारिंग द लाठी फोरिंग द माथा
भागिंग द गाछीमे चुप्पे चुप्पे

हगनी मुतनी आ छेछरिया कटनी
पादिंग द गाछीमे चुप्पे चुप्पे

बात घरैया सभ हो की छौंड़ीकेँ
बाजिंग द गाछीमे चुप्पे चुप्पे

सभ पाँतिमे 22222+22222 मात्राक्रम अछि

अधिकांश पाँतिमे दूटा अलग-अलग लघुकेँ एकटा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

12


इस्कूल बंद हतै बाह रे बाह
मास्टर उदास भेलै बाह रे बाह

माए हमर पसारै खूब मुस्की
बस्ता हमर छिनेतै बाह रे बाह

किरकेट खेलबै हम खेतमे आब
डबरामे गेंद जेतै बाह रे बाह

फूटल मुदा ई निगर बोइयामेसँ
खटगर अचार खेबै बाह रे बाह

बाबा डरा कऽ हमरा नै घुमेता तँ
हमहीं घुमा कऽ एबै बाह रे बाह

सभ पाँतिमे 2212+ 1222+1221 मात्राक्रम अछि।

दोसर, तेसर आ चारिम शेरमे दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

13

दिवाली एलै धम धम धम
फटक्का फूटै बम बम बम

जरै डिबिया सभहँक आँगन
करै दरबज्जा चम चम चम

खतम भेलै फुलझरियो से
बहन्ना करही कम कम कम

किनेबै चकरी जेबी भरि
जरेबै खाली हम हम हम

सभ पाँतिे 1222-2222 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

14

गेलै उक्पाती बुढ़िया बाड़ीमे
लगले रहलै तेल हुनक लाठीमे

हमरा लोकनि फैलसँ कड़ुगर झँसगर
बड़ सनगर भक्का खेलहुँ गाछीमे

चोरक हल्ला सुनलहुँ सभहँक मूँहे
ताला आनि लगा देलहुँ काँपीमे

बथुआ खुब्बे नीक लगैए तैयो
धेआन हमर बसिया खेसारीमे

हमरा हेलब चुभकब नीक लगैए
पोखरिमे नालामे की नालीमे

सभ पाँतिमे 222+222+222+2 मात्राक्रम अछि
दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।


सुझाव सादर आमंत्रित अछि

15

छोट्टे सनकेँ हम्मर बौआ
नमहर नमहर ता ता थैया

उज्जर बगुला हरियर सुग्गा
ललका मैना कारी कौआ

थारी बाटी भरले सनकेँ
खत्मे छै तिलकोरक तरुआ

दूधक पौडर तोरे लेल
चिन्नी खेतै पौआ पौआ

हम्मर बौआ बेली सनकेँ
सुंदर सुंदर गेंदा गेंदा

सभ पाँतिमे आठ टा दीर्घ मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पाहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृत काव्यशास्त्रानुसार दीर्घ मानल गेल अछि।


सुझाव सादर आमंत्रित अछि

16

खेने रहियै आमक कुच्चा
चिनियो लागै खट्टे खट्टा

हमरा नामे कोड़ो बाती
हमरे नामे खुट्टा खुट्टा

हमरा सन के छै उकपाती
सभके मारी घुस्से घुस्सा

छै झिल्ली कचरी आलूचप
मुरही फाँकी फक्के फक्का

नै नीक लगैए मस्टरबा
नीक लगैए अट्टा पट्टा


सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि।
अंतिम शेरक दूनू पाँतिमे अलग-अलग लगूकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

17

मोजा दे जुत्ता दे सीड़क दे सुइटर दे
बड़ ठंडा लागै बस चद्दरि दे मफलर दे

सुनि ले हमहूँ करबै खूब तमाशा सौंसे
तंतर दे अंतर दे जंतर दे मंतर दे

बड़ भूकै छै करिया कुक्कुर जोरे जोर
टुटतै एक्कर हड्डी बस लाठी नमहर दे

कफ जमि गेलै छातीमे खोंखीपर खोंखी
तँइ तरकारी बेसी कड़ुगर दे झँसगर दे

चिन्नी दे गूड़ो दे कुच्चा संगे दूधो
खट्टा खेबौ कम हमरा बेसी मिठगर दे

सभ पाँतिमे बारहटा दीर्घ अछि।
दू टा अलग-अलग लघुकँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृतक हिसाबें दीर्घ मानल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

18

चिन्नी खेलहुँ चोरा चोरा
आरो धेलहुँ चोरा चोरा

भैया छै बड़का तँइ हमहूँ
बड़का भेलहुँ चोरा चोरा

हमरो जे कनियाँ रहितै से
खुब्बे गेलहुँ चोरा चोरा

गेल छलहुँ गाछी पिकनिक लेल
आँगन एलहुँ चोरा चोरा

जे भेटल जत्ते भेटल से
सभटा लेलहुँ चोरा चोरा

सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिमे अलग-अलग लघुकेँ मिला कऽ दीर्घ मानल गेल अछि। एही पाँतिक अंतिम लघु अतिरिक्त अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।


19

छै ईसू बीसू जीसू मीसू
हम्मर बौआकेँ बड़का बूझू

जीबू जाबू आ ढनढन पादू
खिलखिल झिलमिल चुनमुन सन लागू

बौआकेँ नानी सुंदर सुंदर
हुनकर गालेपर हरदी पीसू

उपटन पिसतै बौआकेँ मौसी
हुनकर नाम कनी जल्दी बाजू

बाबाकेँ धोती कुरता गमछा
नानाकेँ ढेका जल्दी घीचू

सभ पाँतिमे 222+222+222 मात्राक्रम अछि।
दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
संबंध बदलिते संबंधवाची शब्दकेँ बदलल जा सकैए। उदाहरण लेल तेसर शेरमे नानी बदला दादी, बाबी, पीसी, मौसी काकी सेहो आबि सकैए। तेनाहिते चारिम आ पाँचम शेरमे सेहो बदलल जा सकैए।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

20

नीपल पोतल चिक्कन चुनमुन
बेटी हम्मर गुनगुन गुनगुन

ता थइ ता थइ थैया थैया
पायल बाजै रुनझुन रुनझुन

कानै खीजै रूसै फूलै
फेरो नाचै छुनछुन छुनछुन

दौड़ै सदिखन अँगने आँगन
खसितो रहलै ढ़ुनमुन ढ़ुनमुन

पढ़तै लिखतै करतै काज
ऐमे नै किछु गुनधुन गुनधुन

सभ पाँतिमे आठ टा दीर्घ अछि।
अंतिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

21

बकरी आबै अर्रर
कुक्कुर भागै हर्रर

बगड़ा मैना बगुला
कौआ बाजै कर्रर

इम्हर ढन उम्हर ढुन
बौआ पादै भर्रर

भीजै अंगा पैन्टो
बौआ मूतै छर्रर

घिरनी नाचै घन घन
गुड्डी उड़लै फर्रर

सभ पाँतिमे 22-22-22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

22

बड़ सुंदर गलफुल्लू बौआ
घोड़ा गदहा उल्लू बौआ

अंगो भीजल पेन्टो भीजल
बड़ मूतै छुलछुल्लू बौआ

इम्हर कानै उम्हर बाजै
बड़ खच्चर गँड़िखुल्लू बौआ

हरियर पीयर उज्जर कारी
लाल गुलाबी बुल्लू बौआ

आमुन जामुन इमली सिमली
गाछे गाछे झुल्लू बौआ

सभ पाँतिमे आठ टा दीर्घ अछि
चारिम शेरक दोसर पाँतिमे अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

23

मोइन पोखरि नालामे हेली हम
गाछीमे नाची गाबी खेली हम

चोरा जामुन तोड़ी आमो तोड़ी
ई बड़का काज कऽ नमहर भेली हम

हेतौ तोरा अँगनामे पिल्ला तै
आसामे तोहर आँगन एली हम

तागत छै ज्ञानक हमरो हिस्सामे
नहुँ नहुँ धीरे दुनियाँकेँ ठेली हम

बच्चा छी बच्चामे भगवाने छै
ने बाभन ने डोमा ने तेली हम

सभ पाँतिमे दस टा दीर्घ अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

24

अब्बा पीटै अम्मी चाहै हमरा
खाला भगबै मामू डाँटै हमरा

चुप्पे गेलहुँ घुमि एलहुँ मेला तँइ
बड़का भैया मारै पीटै हमरा

सभ दिनमे चलि एन्नी ओन्नी चलि जाइ
खाली दादा दादी राखै हमरा

हमरो आपा आबै गाबै नाचै
तँइ ओ सुंदर सुंदर लागै हमरा

सुंदर काकी देलथि अरफी बरफी
तँइ कक्का हँसुआ लऽ कऽ काटै हमरा


सभ पाँतिमे दस टा दीर्घ अछि।
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि। टू टा लघुकेँ एकटा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।
खाला= मौसी
आपा=बड़की बहीन


आशीष अनचिन्हारक सभ भक्ति गजल एकैठाम

1

हम रटै छी गोविन्द गिरधारीकेँ
हम तकै छी मुरली मनोहारीकेँ

देवकी वसुदेवक जशोदा नंदक
पूत गोपी वल्लभ जमुन तारीकेँ

जे उबारथि तारथि उठाबथि चाहथि
हम कहै छी तै कंस संहारीकेँ

पूजि ने थकलहुँ हम सुदामा मित्रक
द्रौपदी सत इज्जतक रखबारीकेँ

जै कहैए जमुना कदम्बक गाछो
रास रचि गीता कहि क' भयहारीकेँ


हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे
हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे


सभ पाँतिमे 2122+2212+222 मात्राक्रम अछि।अंतिम शेरक बाद पारम्परिक पदक प्रयोग अछि।

2
जय दुर्गा जय अम्बे जय काली मैया
जय भवतारणि नरकक भयहारी मैया

महिसासुरघाती सुर मुनि अर्चित पूजित
जय गौरी श्यामा जय दुखटारी मैया

टप टप शोणित लप लप जीहक संगम छै
नारी नै अबला सभपर भारी मैया

पापी पुण्यात्मा जोगी भोगी सभ ई
कहलक जे तों मुदमंगलकारी मैया

गे हम लिखबौ कोना तोरा बारेमे
हम छी बच्चा तों पालनकारी मैया

सभ पाँतिमे 222+222+222+22 मात्राक्रम अछि।

3

सोनाकेँ महलिया जखन टुटलै हो राम
सारा सन महलिया तखन बनलै हो राम

कानै संसार संग सुत मित सभ रहि रहि क'
छटपट्टी मोनमे हमर लगलै हो राम

काँचे बाँसक बना रहल महफा सभ कियो
पूरा भेलै जखन तखन उठलै हो राम

काठक उँचका पलंगिया सोभै बड़ बेसी
लह लह धधरासँ देहिया जरलै हो राम

जाबे धधरा रहै घरक आशा छल हमरा
पचकठिया होइते नगर छुटलै हो राम


सभ पाँतिमे 22+2221+122+2221 मात्राक्रम अछि।

चारिम आ पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानि लेबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

4
कत' के कनियाँ कोने महफा हो राम
कत' के समधी कोने दुल्हा हो राम

देहक कनियाँ कर्मक महफा हो राम
सत समधी दुल्हा परमात्मा हो राम

किनकर हाथें सोहागिन बनलहुँ हम तँ
कोने सेनुरबा छै सोभा हो राम

हम जम हाथें सोहागिन भेलहुँ आइ
नोरक सेनुरबा छै शोभा हो राम

सभकेँ भेटै कर्मक फल अपने मोने
गाबै निरगुण अनचिन्हरबा हो राम

सभ पाँतिमे 222+222+222+21मात्राक्रम अछि।

अंतिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

5

शिव शंकर भोला हे प्रभु
लिअ भांगक गोला हे प्रभु

टहलू भूतक संगे अहाँ
गौरी के टोला हे प्रभु

बड़का चुप्पा छै गण हिनक
नंदी बड़बोला हे प्रभु

भूतक बरियाती संग छै
बस साँपक डोला हे प्रभु

आत्मा गौरी शिव देह सम
छै सभहँक चोला हे प्रभु

सभ पाँतिमे 222+222+12 मात्राक्रम अछि।

पाँतिक अंतिम लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।

6

से एलै केहन दिनमा ए राम
की फुटलै माटिक बसना ए राम

नै रहलै कोनो काजक धन बीत
किनलहुँ जे दिल्ली पटना ए राम

धधरामे सोना सन पोसल देह
जरि जरि भेलै से मटिया ए राम

छुटलै बेटा बेटी दुनियाँ संग
भेलै जखने पचकठिया ए राम

ईहो निरगुण जे गाबै तकरा तँ
भेटै ओ अनचिन्हरबा ए राम

सभ पाँतिमे 222-222-2221 मात्राक्रम अछि

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

7

वसुदेवक भागसँ एलथि कन्हैया
जसुदाकेँ जागसँ एलथि कन्हैया

जै ठामक लोके छल राक्षस सनकेँ
तै ठाँ बचि नागसँ एलथि कन्हैया

गाए गोपी बँसुरी बिरदाबन आ
राधाकेँ तागसँ एलथि कन्हैया

टूटल आसक डोरी सभहँक तखने
कनियें उपरागसँ एलथि कन्हैया

वेदक नामे उपनिषदक बाटे आ
गीता बैरागसँ एलथि कन्हैया

सभ पाँतिमे 22-22-22-22-22 मात्राक्रम अछि।
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।

ओना मैथिलीमे भक्ति गजल तँ बड़ दिनसँ अछि मुदा नामाकरण जगदानंद झा मनुक कएल छनि। ई भक्ति गजल हुनके लेल। 

सुझाव सादर आमंत्रित अछि।



8

जय दुर्गा जय काली जय भगवति जय जय
अबियौ हाली हाली जय भगवति जय जय

अड़हूलक कोंढ़ी लेने जगता भगता
मालिन संगे माली जय भगवति जय जय

सोभै लहठी नथिया टीका सेनूर
तैपर बड़का बाली जय भगवति जय जय

रुनझुन बाजल पायल हुनकर साँझहिमे
पसरल भोरक लाली  जय भगवति जय जय

खनमे ब्रम्हाणी रुद्राणी  खनमे
संहारी कंकाली जय भगवति जय जय

सभ पाँतिमे 222+222+222+22 मात्राक्रम अछि

तेसर शेरक अंतिम अक्षरकेँ संस्कृत छंद शास्त्रानुसार दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
चारिम शेरमे लयक दृष्टिसँ आर मेहनति चाही
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

9


नै हेतौ तोहर निबाह गे कनियाँ
दुनियाँ छै बड़का कटाह गे कनियाँ

जेबीकेँ गर्मी रहै नै दुनियामे
नै हो एते गौरबाह गे कनियाँ

भेलौ तोरा रोग बस धनौंधीके
संबंधो सभ लेभराह गे कनियाँ

खाली साढ़े तीन हाथके धरती
अनचिन्हारे छौ गबाह गे कनियाँ

निरगुण अनचिन्हार गाबि रहलै बड़
छै चलती बेरक उछाह गे कनियाँ

सभपाँतिमे 22+2221+2122+2मात्राक्रम अछि
दोसर शेरक पहिल पाँतिमे एकटा दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

10

बितलै खरना एलै साँझक बेरा उठलै ढ़ाकी गे
माथे सोभै सूपक संगे सुंदर पथिया मौनी गे

पबनैतिन सभ चलली घाटक दिस नहुँ नहुँ सम्हर सम्हरि
साँझक बेरा झलफल कनकन हहरै सभहँक छाती गे

हाथे हाथ सजल अरघक नरियर तैपर राखल दीपो
घाटे घाट सजल केरा भुसबा संगे तरकारी गे

कोशी साजल हाथी मातल छै तैपर ठकुआ राखल
सभ घूमै चारू दिस गीतो गाबथि बहिना काकी गे

भेलै भिनसरबा सिहकै पछबा बड़ सोचथि पबनैतिन
नै देलथि दरशनमा राना मैया हम बड़ पापी गे

आबो तँ उगह हो आदित भेलै बड़ देर अबेर कुबेर
नाम उचारथि अरघी हाथ अरघ लेने सभ साँती गे

करिते गोहारि किरिन फुटलै उठलै लाली पुरुबक दिस
माँगै पबनैतिन सुख नैहर सासुर बेटा बेटी गे

भेलै परना गेलै सभ घाटो लागै सून उदासल
घाटक दूभि कहै अबिअह परुकाँ रहतौ खुशहाली गे

सभ पाँतिमे 222+222+222+222+222 अछि
दूटा अलग-अलग लघुकेँ एकटा दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
छठम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु फाजिल लेबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

11

शारदे शारदे शारदे
नीक बनबाक आधार दे

जय विजय केर संगे कनी
बेबहारक सुखद हार दे

नै महल नै अटारी मुदा
एकटा नीक सन चार दे

दूर बैसल हमर लोक वेद
नीक छै से समाचार दे

लोक छै आब अनचिन्हरबा
किछु दे की नै दे चिन्हार दे


सभ पाँतिमे 212+212+212  मात्राक्रम अछि।
मक्ताक अंतिम पाँतिमे दू ठाम दीर्घकेँ लघु मानल गेल अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिमे अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि।

12

भक्ति पियास दियौ हे मैया
मुक्ति हुलास दियौ हे मैया

जय जगतारणि सभ दुख हारणि
सुख के आस दियौ हे मैया

दुखमे डूबल सगरो दुनियाँ
बस उगरास दियौ हे मैया

ज्ञानक जोती हीरा मोती
कंठक भास दियौ हे मैया

बचि जेतै दुनियाँ के लाज
ई बिसबास दियौ हे मैया

सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि।
दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
अंतिम शेरक अंतिम लघुकेँ संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

13

विधिकेँ हाथ
विधिना साथ

सभहँक नाथ
भोलेनाथ

हुनका आगू
झूकै माथ

तोरा लग नै
कोनो लाथ

किछु भक्तिक तों
चिपड़ी पाथ

सभ पाँतिमे 2221 मात्राक्रम अछि
तेसर, चारिम आ पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि


14

छठिक शुभकामना सहित ई भक्ति गजल


नहुँए नहुँ आबथि पबनैतिन
सुरजे सन लागथि पबनैतिन

आस्ते आस्ते जोरे जोरसँ
गीत मधुर गाबथि पबनैतिन

कोशी हाथी छिट्टा पथिया
सभहँक रस जानथि पबनैतिन

पुरबा बहने काँपथि तैयो
पाबनि ई ठानथि पबनैतिन

खरना चाहथि दीनो गानथि
परना नै चाहथि पबनैतिन

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि

15

अहाँ आएब यै राना दाइ फेरो
हँ, नै जाएब यै राना दाइ फेरो

बहुत सुख संग अन धन लछमी जरूरे
अहाँ लाएब यै राना दाइ फेरो

हँसी हमरो खुशी हमरो भेटि जेतै
जँ मुस्काएब यै राना दाइ फेरो

दया सदिखन बनेने रहबै तकर आस
तँ देखाएब यै राना दाइ फेरो

गजल लीखत बहुत अनचिन्हार ऐठाँ
अहाँ गाएब यै राना दाइ फेरो

सभ पाँतिमे 1222-1222-2122 मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

16

आयू पूरल जौबन छूटल
सुत मित दुनियाँ सेहो रूसल

अप्पन अनकर हम्मर हुनकर
अतबेमे ई जीवन बीतल

कोठा सोफा अहिना रहतै
ई चर्चा हमरे नै बूझल

जिनका बुझलहुँ अपना अपनी
अंत समय से टन्ना लूटल

दुरजन डूबल सुविधा रसमे
निरगुण रसमे साधू डूबल

सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि नियम शैथिल्यक तहत।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि


17
रामे राम सीताराम
गामे गाम सीताराम

कारी देह उज्जर मोन
श्यामे श्याम सीताराम

डेगे डेग दुर्गा कालि
ठामे ठाम सीताराम

लछमी सरसती आँगनमे
धामे धाम सीताराम

रटि रटि जीह पावन भेल
नामे नाम सीताराम

सभ पाँतिमे 2221-2221 मात्राक्रम अछि

चारिम शेरक पहिल पाँतिमे अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि

Tuesday, 28 March 2017

रुबाइ

अपन पीठ अपने ठोकि लेलियै हम
अपन गेंद अपने लोकि लेलियै हम
आनक गला घोंटलासँ की फायदा
अपन कंठ अपने मोकि लेलियै हम

Monday, 27 March 2017

गजल

लूटक मंडीमे बैसल छी हम
झूठक मंडीमे बैसल छी हम

भेटैए रंग बिरंगक समाद
दूतक मंडीमे बैसल छी हम

छै हुनके थारी सभहँक हिस्सा
भूखक मंडीमे बैसल छी हम

अबियौ किनियौ हमरे दोकानसँ
छूटक मंडीमे बैसल छी हम

कोठा बनलै सौंसे दुनियाँमे
खेतक मंडीमे बैसल छी हम

सभ पाँतिमे 222-222-222 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ नियम शैथिल्यक तहत एकटा दीर्घ मानल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि 

आशीष अनचिन्हारक सभ पोथीक लिंक एकैठाम

आशीष अनचिन्हारक सभ लेख आलेख समीक्षा आलोचनाक लिंक एकैठाम

आशीष अनचिन्हारक सभ लेख आलेख समीक्षा आलोचनाक लिंक एक ठाम


1) गजलक साक्ष्य ( तारानंद वियोगी जीक गजल संग्रह केर आशीष अनचिन्हार द्वारा कएल गेल आलोचना)
2) मैथिली गजल आ अभट्ठाकारी 
3) अज्ञानी संपादकक फेरमे मरैत गजल ( घर-बाहर पत्रिकाक अप्रैल-जून 2012 अंकमे प्रकाशित गजलक समीक्षा) 
4) मैथिली बाल गजलक अवधारणा
5) पहरा अधपहरा (बाबा बैद्यानथ जीक गजल संग्रह केर आशीष अनचिन्हार द्वारा कएल गेल आलोचना )

अरबी-फारसी-उर्दूक अन्य काव्य विधा
गजलक  संक्षिप्त परिचय  भाग-1
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-2
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-3
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-8
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-9
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-10
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-11
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-12
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-13
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गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-21
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-22
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-23
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-24
गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-25



आशीष अनचिन्हारक सभ कता एकैठाम

1

देखिते हुनका करेजक गाछ मजरि गेल
प्रेम गमकए लागल पहिल गोपी जकाँ
लगबिते चोभा गिनगी हमर सम्हरि गेल
बनि गेलहुँ हम कृष्ण अहाँ गोपी जकाँ

2

जकर अगैंठीमोड़ एतेक सुन्दर
तकर देहक हिलकोर केहन हेतैक
जकर आँखिक नोर एतेक सुन्दर
तकर हँसी भरल ठोर केहन हेतैक

3

जे लोकक थारिए ढ़कोसि जाइए
दू दिनक उपास मे संत बनि जाएत
जे लोकक हँसिए भकोसि जाइए
उपदेशक बात वएह कहि जाएत

4

रामे जानथि आब करेज के की हएत
अहाँक नजरि सँ ओ तबाह भए गेल
रामे जानथि आब मोन के की हएत
अहाँक नजरि सँ ओ घबाह भए गेल

5

जँ आँखि हमर नहि थकैए देखबा सँ
तँ अँही कहू सजनी हम की करू
जँ मोन नहि भरैए संग रहबा सँ
तँ अँही कहू सजनी हम की करू

6
दूनू मे कोनो फर्क नहि हमरा बुझने
उड़ीस आ दलाल के एकै बूझू
दूनू मे कोनो फर्क नहि हमरा बुझने
नेता आ मच्छर के एकै बूझू

7

नेता के गरा मे बान्हल घैल बूझू
डूबल देशक नाम कहबै तँ भारत हएत
दलाल आ गुंडाक हाथ फैल बूझू
लूटल देशक नाम कहबै तँ भारत हएत

8

मोन करैए अँहाक कोरा मे सूती
निशा भरल आँखि मे बेर-बेर डूबी
जहिआ सँ देखलहुँ अँहाक सुन्नरि रुप
की कहू सजनी सुतली राति मे उठी

9

जहरक मारल जी जाएत आँखिक नहि
इ बड़का अजगुत प्रेमक संसार मे
अनकासँ जीतब मुदा अपना सँ नहि
इ बड़का अजगुत प्रेमक संसार मे

10

अँहाक कुशल तँ अपने कुशल बुझाइए
तँए एक दोसराक कुशल मनाबी
अँहाक कष्ट तँ हमरो अपने बुझाइए
तँए एक दोसराक भार उठाबी

11

जा धरि सरकार बचेतै आतंकी के
ता धरि लोक मारले जाएत सदिखन
जा धरि सरकार बनेतै आतंकी के
ता धरि इ बम फोड़ले जाएत सदिखन

आशीष अनचिन्हारक सभ रुबाइ एकैठाम

अइ खंडमे बहुतो रुबाइ एहन अछि जे कि प्रारंभिक अवस्थामे लिखल गेल अछि तँइ बहुतो रुबाइमे अशुद्धि सेहो अछि। यथा समय एकरा सही कएल जाइत। 

1
हिम्मति रखने काज सदा बनि जाएत
देह तँ जरत नाम मुदा रहि जाएत
इ जे देखा रहल समस्या केर पहाड़
ठानि लेब तँ रुइ जकाँ उड़ि जाएत

2
भेटत खुशी केकरो देखलाक बाद
केकरो ठोरसँ नाम सुनलाक बाद
कहबामे लागत बरु एकै-दू छन
मजा भेटत आइ लव यू कहलाक बाद

3
अपन बाँहिमे अहाँके गछारि लेब हम
नजरिसँ करेजमे उतारि लेब हम
एक बेर हँ तँ कहि कए देखिऔ
सगरो बाट पर आँचर पसारि देब हम

4
ठोरसँ ठोर सटतै तँ गीत जनमत
आँखिसँ आँखि मिलतै तँ प्रीत जनमत
दुश्मनीमे जिनगी केखनो नहि बिताउ
हाथमे हाथ देबै तँ मीत जनमत

5
इ जे अहाँक मूँह अछि गुलाब सन
आ आँखि जे लगैए शराब सन
सगरो दुनियाँ बताह भेल देखि कए
मोन हमरो लगैए बताह सन
6
हमरा जीवन मे अहीं केर खगता
अहाँ बिना पड़लै करेज हमर परता
खेलाइत रहू अहाँ हमरा मोन मे
बनू अहाँ देवी हम बनब भगता

7
हमरा ठोरक पिआस भेल छी अहाँ
हमरा मोनक हुलास भेल छी अहाँ
हम बिसरि ने पाएब अहाँ के कहिओ
टूटल करेजक विश्वास भेल छी अहाँ

8
ओ मोन पड़ै छथि तँ निन्न ने अबैए
देह होइए सुन्न नीको ने लगैए
चाहै छी हम जे ओ हमरे लग रहथि
ओ तँ ओ हुनक इयादो ने अबैए

9
हुनका सँ दूर करबा पर बिर्त लोक
अकास मे भूर करबा पर बिर्त लोक
हमही मरब हुनकर प्रेम मे या तँ
अपटी खेत मे मरबा पर बिर्त लोक
10
एकटा हाथ बढ़लै हमरा दिस
एकटा डेग उठलै हमरा दिस
एतेक बड़का गप्प कोना कहू
एकटा नजरि उठलै हमरा दिस

11

रूपक रौद सँ जौबन पघलि जाएत
अहाँक श्वास सँ बसातो गमकि जाएत
अहाँक चलब करबैए मारि सगरो
ठमकब तँ मोन कने सम्हरि जाएत
12

जहिआ हमर पिआर के जानब अहाँ
तहिआ ओकर तागति मानब अहाँ
आइ भने बिता लेब राति सूति कए
काल्हि सँ आँगुर पर दिन गानब अहाँ

13
सपना जखन केकरो टूटि जाइत छैक
मोनक बात मोने मे रहि जाइत छैक
विश्वास सँ बड़का धोखा कोनो ने
टूटल करेज इ बात कहि जाइत छैक
14

हुनका देखने उमकैए मोन हमर
संग मे रहने रभसैए मोन हमर
ओ जखन अबै छथि हमरा सोझाँ मे
सभटा झंझटि बिसरैए मोन हमर

15
माटि मे पानि मे आगि आ बसात मे
दिन मे राति मे साँझ आ परात मे
देखाइ छी अहीं खाली चारु दिस
केहन तागति अछि अहाँक इयाद मे
16

कहब कतेक बात अहाँ सँ हम सजनी
चलब कने दूर अहाँ संग हम सजनी
जँ पकड़बै अपन हाथ सँ हाथ हमर
जीबैत रहब बहुत दिन धरि हम सजनी

17
बहुत बात रहि गेल घोलफच्चका मे
साँप-मगरमच्छ घूमि रहल चभच्चा मे
अहिंसा होइए सभ सँ नीक बुझलहुँ
राम-रज्यक कल्पना उठैए लुच्चा मे
18
देह मोन एकै मिलन के बेर मे
रूप-रंग एकै मिलन के बेर मे
अहाँ भने चल जाउ दूर हमरा सँ
प्रेमक दर्द एकै मिलन के बेर मे

19
हुनका जँ देखितहुँ तरि जइतहुँ हम
ओकरा पछाति बरु मरि जइतहुँ हम
अहाँ केर आँखिक निशा एहन नीक
जँ पीबितहुँ तँ सम्हरि जइतहुँ हम
20

हुनका अबिते मोन हमर हरिआ गेल
आँखिक बात मोन मे फरिआ गेल
ओ केलथि केहन जादू हमरा पर
हुनक इयाद अबिते मोन भरिआ गेल

21
हुनका लेल रूप सजा लेबाक चाही
आइ जबानी के लुटा देबाक चाही
काज नहि इजोत के हमरा-हुनका लग
इजोत लेल घोघ उठा लेबाक चाही
22

जँ खोट ने रहतै सरकारक नेत मे
अनाज उपजबे करतै हमरो खेत मे
पसारए ने पड़तै हाथ दोसर ठाम
रहतै किछु कोठी आ किछु पेट मे

23
चाम जँ अहाँक चाम सँ भीरि जेतै
बूझू मरलो मुरदा जीबि जेतै
इ प्रेमक आगि बड्ड कड़गर आगि
बूझू पाकलो बाँस लीबि जेतै
24
जखन हुनकर घोघ उठेलहुँ सच मानू
आँखिक निशा सँ मतेलहुँ सच मानू
हुनक रूप भमर जाल लगैए हमरा
तैओ हुनके सँ नेह लगेलहुँ सच मानू

25
एहि पार हम ओहि पार अहाँ बैसल छी
मुदा एक दोसराक करेज मे पैसल छी
जहाँ धरि देखी अहीँ देखाइ छी हमरा
देखू हमरो दिस एना अहाँ किएक रूसल छी
26
कते दिन जिबैत रहब उधार के जिन्दगी
जिबैत रहू सदिखन पिआर के जिन्दगी
ने काज आएत समय पर ई धन-बीत
बिका जाएत पाइ-पाइ मे हजार के जिन्दगी

27
प्रेम मे खून सुखा नोर बनि जाएत
हुनक ठोरक हँसी भोर बनि जाएत
चिन्हार मरबे करत हुनका देखि-देखि
अनचिन्हार जीबि चितचोर बनि जाएत

28
रूप देखा बताह बना देलक छौंड़ी
सूतल मोन के जगा देलक छौंड़ी
की कहू छल ओ केहन हरजाइ
अचके मे हमरा कना देलक छौंड़ी
29
अपन करेज अपने सँ डाहि लेब हम
प्रेमक महल अपने सँ ढ़ाहि लेब हम
अहाँ जा सकै छी हमरा जिनगी सँ
असगरे कत्तौ जिनगी काटि लेब हम

30
इ जे अहाँक मूँह अछि गुलाब सन
आ आँखि लगैए अहाँक शराब सन
सगरो दुनियाँ बताह भेल देखि कए
मोन हमरो होइत रहैए खराब सन
31
नोर बनि आँखि मे आबि जाउ
गीत बनि ठोर पर गाबि जाउ
बढ़ि गेल दूरी संगो रहैत
के कतेक दूर प्रेम सँ नापि जाउ
32
हुनका देखिते बजा गेल आइ लव यू

मोन करेज पर लिखा गेल आइ लव यू
आब एकरा प्रेम कहू की बतहपनी
सुतली राति मे बजा गेल आइ लव यू 
33
अँही छी जकरा लेल जीबै छी हम
फाटल-चीटल करेज सीबै छी हम
हम नहि जा सकलहुँ कोनो मन्दिर-मस्जिद

आइ धरि अँहिक बाट जोहै छी हम

34

सात रंग सँ रंगल चेहरा अहाँक
सातो स्वर सँ सजल चेहरा अहाँक
बहुत मेहनति बुझि पड़ैए विधाताक
सात जनम मे बनल चेहरा अहाँक

35
भ्रष्ट सिस्टम मे पप्पू पास होइते रहत
बदमाश लेल मधुमास होइते रहत
जहिआ धरि जनता बनल रहत बेशरम
तहिआ धरि देशक नाश होइते रहत

36
देह हुनकर घाम सँ नहाएल अछि
मानू धार मे कमल फुलाएल अछि
रचब अनचिन्हार आखर हुनके लेल
एहने बात मोन मे आएल अछि

37

आँखि मे मोन मे करेज मे अनचिन्हार
असगरें अनचिन्हार हेंज मे अनचिन्हार
प्रेम ने माँगै लाली रे पलंगिया
माटि पर अनचिन्हार सेज पर अनचिन्हार
38

हमरा देखि लिअ अँहा के हमरे सप्पत
बाँहि मे घेरि लिअ अँहा के हमरे सप्पत
अँहा के हमर सप्पत हमर प्रेमक सप्पत
मोन मे जोड़ि लिअ अँहा के हमरे सप्पत

39
तोरा चाहबौ हम जान सँ बेसी
आन-बान-शान खनदान सँ बेसी
जहिआ चुनबाक हएत संसार मे
हम तोरे चुनबौ जहान सँ बेसी

40
देखू कनैत कनैत धार बनि गेलहुँ
दुनियाँमे रहितो अनचिन्हार बनि गेलहुँ
हम काँट छलहुँ कोनो रस्ता परहँक
हुनक पएरमे गड़ि कचनार बनि गेलहुँ 

41
नेहक जतेक रंग से सभ टा अनचिन्हार
मोनक जतेक रंग से सभ टा अनचिन्हार
किनकर हाथक कोन रंग लगलै पता नै
देहक जतेक रंग से सभ टा अनचिन्हार

42
हमर बाटक पता हमर साधना देत
हमर लक्ष्यक पता हमर साधना देत
प्रेम तँ सभ करै छै करबे करतै मुदा
हमर प्रेमक पता हमर साधना देत

43
आँखिमे किछु शरम राखब जरूरी छै
मोनमे किछु धरम राखब जरूरी छै
जीवन गुजारि सकै छी असगरो मुदा
संबंधक किछु भरम राखब जरूरी छै

44
आइ लभ यू बाजब बड़का साधना छै
चुप्पे रहि कऽ चाहब बड़का साधना छै
मानै छी जे दुनियाँ देखने हेबै मुदा
हुनकर रूप निहारब बड़का साधना छै

45
ओ जे कहियो ने बुझलक आइ लभ यू
ओ जे कहियो ने कहलक आइ लभ यू
तकरा एहन की भेले जे आइ हमर
सारापर बहुत बेर लिखलक आइ लभ यू

46
जेना किसान खेत खरिहान चाहै छै
अमीन सभ केबाला खतियान चाहै छै
पंडित मुल्ला सभ मंत्र अजान चाहै छै
तेना हमर देह ओकर परान चाहै छै

47
जगैत रहलहुँ हम राति भरि ओकरा बिना
तकैत रहलहुँ हम राति भरि ओकरा बिना
इम्हर ओम्हर एकै हाल से बुझाएल
कनैत रहलहुँ हम राति भरि ओकरा बिना

48


हमर गाममे बहुत धुरंधर छै घरे घर
नाला पोखरि धार समुंदर छै घरे घर
गाछ पात डारि फूल बिया खेत खरिहान
दालि भात अचार चहटगर छै घरे घर

49


अनचिन्हारक हाथमे अनचिन्हारक हाथ
छै सिनेह भरल छातीपर घमाएल माथ
केखनो हटबै केखनो सटबै अपन ठोर
ऐ तरहें अनचिन्हार केलक हमरा सनाथ

50

सच झूठकेँ टकरेलासँ भरम टुटि जाइ छै
जेना पाथरसँ नमहर घैलो फुटि जाइ छै
टूटब आ जूटब बहुत कठिन छै दुनियाँमे
ई आँखिकेँ टकरेलापर शरम टुटि जाइ छै

51


चुपचाप रहल बड़ी देर धरि हमरा देखि कऽ
जेना कि कोनो फूल चुप हो भमरा देखि कऽ
फेर केबाड़ बंद कऽ नाचल बहुत असगरे
लागल जे मजूर नाचल हो बदरा देखि कऽ

52

ओना तँ रातुक सिंगार बड्ड नीक
अजोह ठोरक पिआर बड्ड नीक
नै नै नै नै नै कहलक बहुत बेर
मुदा मोनमे अनचिन्हार बड्ड नीक

53
खसबे करतै नोर हमर सारापर
हम तँ मरि गेलहुँ बस एही आशापर
मरला बाद एकौ बेर ने देखलक
हम तँ जीबै छलहुँ जकर इशारापर

54

बढ़ि जाइत शराबक निसाँ जँ अहाँ रहितहुँ
कनडेरिए कनेकबो हमरा दिस तकितहुँ
ई तँ शराबे छल जे आबो हम जीबै छी
मरि जाइत हमर जिनगी जँ अहाँ रहितहुँ

55

शराब पीबै आइ गिलास नेने आउ
अपन कंठमे कने पिआस नेने आउ
जेकहता शराब छै खराप हुनका लेल
अहाँ जीवनक अंतिम श्वास नेने आउ

56


हमर मोन झुमिते रहल हुनक गीतपर
चारू दिस घुमिते रहल हुनक गीतपर
सगरो दुनियाँ कहलक निकलि आऊ मुदा
हमर मोन डुमिते रहल हुनक गीतपर

57
नजरि मीलै छै आ कने झुकि जाइ छै
डेगो तँ उठै छै आ कने रुकि जाइ छै
प्रेममे सभहँक हालति एहने हेतै
देह साबुत रहितों करेज टुटि जाइ छै

58

फाटल करेज तँ सिबहे पड़त हमरा
आब केनाहुतो जिबहे पड़त हमरा
अहाँ तँ भने करैत रहब रंग-रभस
ई जहर सन नोर पिबहे पड़त हमरा

59
सत्तर टा मूस खा बिलाइ आबि गेल
अपन पुण्यक गीत तँ सौंसे गाबि गेल
पहीरि लेलक पाग लगा लेलक ठोप
फकसियार जकाँ सगरो मूँह बाबि गेल
60

करेजा चीरि राखि देलक हाथमे
हमरा अप्पन बनेलक बाते-बातमे
बंद आँखिए चेहरा देखै छी हम
समय सदिखन मर बितैए उचाटमे
61


देखू हुनक आँखिसँ चूबि रहल शराब
आब तँ हरेक ठोरकेँ चूमि रहल शराब
ओ चाहैए पीबि ली सगरो जहान
अभागल सपनेमे पीबि रहल शराब

62

लोक तँ विश्वास रखैए एहि मंत्रमे
कि पाइए बड़का छै एहि गणतंत्रमे
करबै की छब्बीस-पंद्रह मना कए
आजादी तँ बान्हल छै जनतंत्रमे

63


जनिका खाली सपनेमे देखै छलहुँ
जनिका लेल हम पाँति-पाँति लिखै छलहुँ
ओ से चलि गेलथि दूर आइ हमरासँ
जनिका लेल हम फूल-काँट बिछै छलहुँ

64

इयाद करब नीक एहि संसारमे
पिआर करब नीक एहि संसारमे
मुदा मिट्ठो भेने चुट्टी लगै छै
अचार बनब नीक एहि संसारमे

65


निर्गुण बाद सोहर गेबै तँ बात बनतै
नोर संग हँसी लेबै तँ बात बनतै
असगरें रहबतँ खसेबे करत दुनियाँ
हाथमे इ हाथ देबै तँ बात बनतै

66


जुट्टी ओकर तँ जाले सन गूहल छलै
आँखि ओकर तँ उत्साहसँ खूजल छलै
छलै केने तैआरी ओ जेना की
एतै अनचिन्हार शायद बूझल छलै

67

मिललै आँखिसँ आँखि देह सिहरि गेलै
सटलै चामसँ चाम देह सिहरि गलै
हमरा आब नै चाही किछु संसारमे
भेलै प्रेमसँ प्रेम देह सिहरि गेलै

68

जे गण बनथि आ बनाबथि से गणेश 
जे भव उतरथि आ उतारथि से गणेश 
हिनकर बादेँ तँ ब्रम्हा, विष्णु आ महेश 
जे माए-बापक महत्व जानथि से गणेश

69

चीन्हब जँ अनचिन्हारकेँ तँ ईद हएत
सौंसे परसब जँ प्यारकेँ तँ ईद हएत
इ जरूरी नै जे इजोत हेबे करत
देबै ठोकर अन्हारकेँ तँ ईद हएत

70

बेसी बाजब तँ देह हम ततारि देब
अहाँक सभ बदमाशी हम सुधारि देब
जे-जे कहै छी से-से अहाँ मानि लिअ
नै तँ अहाँक सभ बुधिआरी घुसारि देब

71


खूनके पानि बना देत ओ दोस्ती कोन काजक
माएके डाइन कहा देत ओ दोस्ती कोन काजक
मानल जे इ दोस्त जरुरी छै संसारमे सदिखन
मुदा परिवारो छोड़ा देत ओ दोस्ती कोन काजक

72


पिहकारी पड़लै हुनक आँचर उड़ने
सिसकारी छुटलै हुनक आँचर उड़ने
सुन्दरो मनुख नङटे खराप लगैए
महकारी लगलै हुनक आँचर उड़ने

73

जौबन तँ करेज पर चलबैए आरी
मोन के सम्हारी की करेज के सम्हारी
अलगे-अलग इ सोचै छी हम अँहा सदिखन
चलू आब एकै संग बैसि बिचारी

74


जँ अहाँ केखनो धड़फड़ी नहि करबै
तँ अहाँ केखनो गड़बड़ी नहि करबै
सेनुर तँ लगतै कनपट्टीए मे
आशा अछि अहाँ गड़बड़ी नहि करबै

75


हुनकर घाम सँ फूलो गमकि गेल
हुनकर रुप देखि बिजुरी चमकि गेल
आइ तँ निकलि गेल छल हमर प्राण
हुनकर जौबन देखि देह मे अटकि गेल

76

जँ आँचर हुनक ससरि जाएत आइ
तँ लोक पार उतरि जाएत आइ
लोक खसत बेर-बेर बिना पीने
संन्यासिओ तँ बहकि जाएत आइ

77

देह तँ अहाँक गम्हराएल धान सन
रंग तँ अहाँक मगहिआ पान सन
हम तँ आब किछु नहि लीखि सकैत छी
रुप तँ बुझू अहाँक कतकी चान सन

78

ओ हाथ पकड़लक तँ आँखि खुजि गेल
मोन हमर तँ मोनक बात बुझि गेल
एखन धरि तँ इ हम बचेने छलहुँ
मुदा ठोर सटिते हमर सभ लुटि गेल

79


तोरे नामे गमा देलहुँ जिनगी
आसा मे तँ बिता देलहुँ जिनगी
हम तँ बेर-बेर हारि जाइत छलहुँ
हाथे पकड़ि तँ जिता देलहुँ जिनगी

80



की कहू ओ बाट तँ हम बिसरि गेलहुँ
जाहि पर साइत अहाँ अबै-जाइ छलहुँ
की हेतै जँ छोड़िए देब हमरा
हम तँ मिलन विरह सँ उपर गेलहुँ

81

रुसल आइ जान हमर देखू अजगुत
छूटल आइ जान हमर देखू अजगुत
जी ने सकी हम हुनका बिनु केखनो
बूझल आइ जान हमर देखू अजगुत

82

ओ जखन देखैए हमरा बेर-बेर
हिलकोर उठैए बूझू बेर-बेर
अँहा हमरे छी आ हमरे टा छी
इ बात करेज कहैए हमरा बेर-बेर

83


आइ तँ बात अँहाक नहि मानब हम
बस खाली अँही टा के जानब हम
अँहा बरु आ लिअ सप्पत नहि अएबाक
जिनगी भरि तँ अँहिक बाट जोहब हम


84

नेता आ बाबा सँ देश परेशान अछि
मुदा एहने धंधा मे तँ उठान अछि
लोक तँ समीकरणे ने तेना बनबै छै
खून चुसनाहर बड़का लोक महान अछि

85

इतिहास बदलि जेतै जँ उठतै आँखि
बिसबास बदलि जेतै जँ उठतै आँखि
केकर हिम्मत जे देखत अहाँ दिस
बदमास बदलि जेतै जँ उठतै आँखि

86

सोना बनब तँ अहाँ के जरहे पड़त
सदिखन नीक काज अहाँ के करहे पड़त
काज केनिहारक कमी नहि संसार मे
ओ जखन एतै तँ अहाँ के हटहे पड़त

87

जँ आखर के हुनक ठोर भेटतै
बौआएल बटोही के बाट भेटतै
कोनो कारण सँ जँ केओ खसि पड़त
ओकरा लेल हजारो हाथ भेटतै

88

ओ नजरि मे उतरि गेलथि बाते-बात मे
कारेज धरि गुजरि गेलथि बाते-बात मे
पहिल नजरि के पिआर एहने होइत छैक
ओ हमरा बिसरि गेल बाते-बात मे

89

भेसैए करेज मे हुनकर इयाद
लेसैए करेज मे हुनकर इयाद
हम जाएब तँ कहू कोम्हर जाएब
खीचैए पएर के हुनकर इयाद

90


आँखि मे नोर मोन मे दर्द नुका राखू
ठोर पर सदिखन हँसी बचा राखू
केओ ने केओ दुख बुझबे टा करत
ताँ मधुर बोल सँ आँगन सजा राखू

91

हमर हाथ सँ अहाँक हाथ छूटत नहि
प्रेमक तन्नुक ताग तोड़ने टूटत नहि
जाहि दिन बिसरि जाएब अहाँ हमरा
तकरा बाद हमर आँखि देखत नहि

92

आँखि देखबाक मूँह कहबाक लेल
हाथ पकड़बाक ठोर चुमबाक लेल
ने पक्का ने खढ़क घर काज आएत
करेज बनलै केकरो रुकबाक लेल

93

अहाँक नजरि सँ हम घबाह भए चुकल
लटाढ़म सँ हम तबाह भए चुकल
लोक हमरा की ने की कहैए झुढ्ढे
हम अहाँक प्रेम मे खटबताह भए चुकल

94


कने चीखि लिअ काँच-कूँच प्रेम हमर
नून-अनून,झाँस-झूँस प्रेम हमर
भने तोरा लेल मधुए बोरल बोल
मुदा लोकक लेल काँट-कूश प्रेम हमर

95
अपन पीठ अपने ठोकि लेलियै हम
अपन गेंद अपने लोकि लेलियै हम
आनक गला घोंटलासँ की फायदा
अपन कंठ अपने मोकि लेलियै हम

96
आँखि केर सपना टूटल जाइए
हमरा लगसँ कियो रूसल जाइए
समय केर चाकपर बनैत मनोरथ
केकरो हाथसँ खसि फूटल जाइए

97
नवका सीसोक नव पात समान चेहरा
गैंची माछसँ भरल खेतक धान चेहरा
केकरो लेल किछु नै मुदा हमरा लेल
हमर मोन हमर देह हमर जान चेहरा

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों