Saturday, 28 February 2009

गजल

गजल

इजोतक दर्द अन्हार सँ पुछियौ
धारक दर्द कछेर सँ पुछियौ


नहि काटल गेल हएब जड़ि सँ
काठक दर्द कमार सँ पुछियौ


समदाउनो हमरा निर्गुणे बुझाएल
कनिञाक दर्द कहार सँ पुछियौ


सभ पुरुषक मोन जे सभ स्त्री हमरे भेटए
अवैध पेटक दर्द व्यभिचार सँ पुछियौ


करबै की हाथ आ गला मिला कए
अनचिन्हारक दर्द चिन्हार सँ पुछियौ

Saturday, 14 February 2009

गज़ल

गजल

देश चुल्हा मे गेल संसद मे हल्ला मचि रहल
राष्ट्र पर खतरा भेल संसद मे हल्ला मचि रहल

अकाल, बाढ़ि, भूकंप आबि चल गलैक
ए.पीक भत्ता लेल संसद मे हल्ला मचि रहल

घोटाला पर घोटाला बैसल कमीशन जाँचक
रिर्पोटक औचित्य लेल संसद मे हल्ला मचि रहल

टूटि गेल सपना मेटि गेल आजादीक अर्थ
निच्चा काँट उपर बेल संसद मे हल्ला मचि रहल

एकटा लाश भेटल बाट पर अनचिन्हार
ओकर जाति लेल संसद मे हल्ला मचि रहल

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों