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बुधवार, 15 जुलाई 2015

गजलकार परिचय शृखंला भाग-41








नाम : सुनील कुमार झा

पिता : श्री शंकर झा
माता : इंदिरा देवी
जन्म : 4/5/1988, सोनबरसा राज, सहरसा, बिहार
स्थायी पता - ग्राम पोस्ट : सोनबरसा राज, जिला - सहरसा, बिहार - 852129
ई मेल - njha61@gmail.com
शिक्षा : नैनपन केर शिक्षा अपन गाम स शुरू केलोंउ आ हाई स्कूल केर बाद कोनो नीक साधन नई हैबाक कारण ए. एन इंटर कॉलेज, दुमका स इंटर केर पढाई विज्ञान विषयक संग पूरा केलों। फेर शिक्षा लेल दिल्ली एलोऊ मुदा एतोका रंग में रंगी क नौकरी पकैड़ लेलोंउ, अखन McCann World Group  में सहायक छी, आ इग्नू स पर्यटन म स्नातक कए रहल छी।
साहित्य : विद्यार्थी जीवन से  कविता लेखन मे बड़ रूचि छल, स्कूल आ कॉलेज के कैकटा मंच पर अपन कविता पाठ कए चुकल छी। 2010 स अंतरजाल पर विदेह स जुड्बाक मौका भेटल, किछु गजेन्द्र जीक मार्गदर्शन स किछु लिखय लेल प्रेरित भेलोंउ, इ हमर सौभग्य अछि जे विदेह पर हमर किछु रचना क चुनल गेल, हालाकिं ओतेक नीक नै मुदा साहित्यिक जीवन केर सुरुआत एतेय स पूर्ण रुपें भेल। फेर फेसबुक केर विदेह ग्रुप पर आशीष जी भेट भेल आ अनचिन्हार आखर हमरा आकर्षित केलक, आ आशीष जीक मार्गदर्शन स अनचिन्हार आखर पर अपन गजल, रुबाई लिख लागलहूँ, अखन किछु दिन स ग़ज़ल स दूर भए गेल छी, अर्थक पाछू बेकल रहैत छी त समय के सेहो आभाव लगैत अछि, ओना नीक शुरुवात के लेल अनचिन्हार आखर पर गज़लक स्कूल केर संगोपान्गाय अध्यन म लागल छी, गुरुदेव क आशीर्वाद स फेर एही विधा आ आयब।  साहित्य केर एकटा नव आवाम देबय लेल हम सदिखन  आभारी रहब श्री गजेन्द्र ठाकुर जी आ आशीष जीकँ।


सुनीलजी विदेह आ अनचिन्हार आखरसँ जुड़ल पुरान गजलकार, हाइकूकार ओ मुकरीकार छथि (संपादक)।

शुक्रवार, 17 जनवरी 2014

गजलकार परिचय शृखंला भाग-40




काशीकान्त मिश्र "मधुप" 1906-1987

काशीकान्त मिश्र “मधुप”जीकेँ १९७०मे (राधा विरह, महाकाव्य) पर साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त मैथिलीक भेटलनि। प्रशस्त कवि आ मैथिलीक प्रचार-प्रसारक समर्पित कार्यकर्ता ’झंकार’ कवितासँ क्रान्ति गीतक आह्वान कएलनि । प्रकृति प्रेमक विलक्षण कवि । ’घसल अठन्नी कविताक लेल कथ्य आ शिल्प-संवेदना—दुहू स्तर पर चरम लोकप्रियता भेटलनि। ई आधुनिक मैथिलीक प्राय; पहिल एहन साहित्यकार छथि जे की गद्य नै लिखलनि।

मैथिलीमे हिनक एक गोट गजल उपल्बध अछि जे की पूरा-पूरी अरबी बहरपर अछि।

गजल

मिथिलाक पूर्व गौरव नहि ध्यान टा धरै छी
सुनि मैथिली सुभाषा बिनु आगियें जड़ै छी

सूगो जहाँक दर्शन-सुनबैत छल तहीँ ठाँ
हा आइ "आइ गो" टा पढ़ि उच्चता करै छी

हम कालिदास विद्या-पति-नामछाड़ि मुँहमे
बाड़ीक तीत पटुआ सभ बंकिमे धरै छी

भाषा तथा विभूषा अछि ठीक अन्यदेशी
देशीक गेल ठेसी की पाँकमे पड़ै छी?

औ यत्र-तत्र देखू अछि पत्र सैकड़ो टा
अछि पत्र मैथिलीमे एको न तैं डरै छी
(2212-122-2212-122)
१९३२मे मैथिली साहित्य समिति, द्वारा काशीसँ "मैथिली-संदेश" नामक पत्रिकामे प्रकाशित

गुरुवार, 4 जुलाई 2013

गजलकार परिचय शृखंला भाग-39




कुन्दन कुमार कर्ण:


जहाँ धरि हमर जानकारी अछि कुंदन कुमार कर्ण नेपालक पहिल शाइर छथि जे की अरबी बहरमे गजल कहि रहल छथि। ( संपादक -अनचिन्हार आखर )



नाम : कुन्दन कुमार कर्ण
पिता : श्री शुशिल लाल कर्ण
माता : भारती कर्ण
जन्मतिथि : 23 Dec, 1988
जन्मस्थान : गा.वि.स. जमुनीमधेपुरा, वार्ड नं.-8, पोस्ट : राजविराज, जिला- सप्तरी, नेपाल
मूल वृति : नेपाल सरकारक नोकरीहारा (गृह-मन्त्रालय अन्तर्गत)
शिक्षा :
स्नातक (ब्यवस्थापन) : त्रिभुवन विश्वविद्यालय, श्री महेन्द्र बिन्देश्वरी बहुमुखी क्याम्पस, राजविराज
स्नातकोत्तर (ब्यवस्थापन) : र्इन्दिरा गान्धी खुला विश्वविद्यालय, नव दिल्ली (अध्ययनरत)
रूचिकs क्षेत्र : साहित्य, गीत, संगीत, अध्ययन, उदघोषण



हिनक किछु शब्दह हिनकहि शब्दमे---

हम एकटा सामान्य मध्यम वर्ग परिवारसँ छी । परिवारमें बाबू जी आ माय सहित हमरासँ छोट दू भाइ छैक । कनियेटासँ साहित्य, गीत, संगीतमें हमर रूचि रहि आएल छैक । हमर पहिल मैथिली कविता 'अभिनव' नामक मैथिली साहित्यिक द्वैमासिक पत्रिकामें अक्टुबर, 2003 में प्रकाशित भेलए । हम मैथिली गजल 2005 सँ लिखकें प्रारम्भ केलौं मुदा आधिकारिक रूपसँ पहिलबेर नेपालक पहिल पत्रिका(सरकारी पत्रिका) 'गोरखापत्र'में 18 सितम्बर, 2012 में प्रकाशित भेलए । अभिनयकें क्रममें मैथिली कवि परिषद, राजविराजद्वारा सञ्चालित एकटा कार्यक्रम अन्तर्गत नेपालक सात जिला : मोरंग, सुनसरी, सप्तरी, सिराहा, धनुषा, महोत्तरी आ सर्लाहीकs विभिन्न ठाममें सडक नाटकमें सहभागी भs अभिनय केलौं । वर्तमान समयमें कार्यव्यस्तता रहितौ समय निकालिकs गजल रचना करैत छी । मैथिली गजलकें लोप्रियताके लेल गजलप्रित पूर्ण रूपेन समर्पित फेसबुकपर मैथिली गजल एवं शेर-ओ-शायरी सम्बन्धि 'मैथिली गजल भंडार' नामक एकटा समूह आ ओहि नामसँ एकटा पेज संचालनकs मैथिली गजलसँ सम्बन्धित विभिन्न काममें लागल रहैत छी । एहि क्रममें फेसबुकपर आशिष अनचिन्हार जीसँ भेट भेलए । ओ हमरा अनचिन्हार आखरसँ जोडलखिन जाहिसँ हमरा गजल रचना सम्बन्धी आर ज्ञान भेटलए तेँ हम हुनक आभारी छी । संगे आशिष जीसँ जानकारी भेटल जे अरबी बहरमें गजल रचना कयनिहार हम नेपाल पहिल मैथिल गजलकार छी । र्इ सुनिकs हम बहुत खुशी भेलौं आ गजल रचना करs लेल हमरा एकटा नव उमंग आ उत्प्रेरणाके प्राप्ति भेलए ।

सोमवार, 1 जुलाई 2013

गजलकार परिचय शृखंला भाग-38

पंकज चौधरी "नवलश्री"

प्रस्तुत अछि हिनक परिचय हिनकहि शब्दमे---

माएक नाउ : श्रीमती वन्दना देवी [गृहणी]
बाबूजीक नाउ : श्री भागेश्वर चौधरी [लोक स्वास्थ्य अभियंत्रणा विभाग (बिहार सरकार)मे कार्यरत]
जीवनसंगिनी : मनीषा चौधरी [स्नातक (प्रतिष्ठा), बी.एड.]
जन्मतिथि : 11-09-1980
जन्मस्थान : राजनगर (मधुबनी,  मिथिला)
निवासी : गाम एवं पत्रालय- सुगौना (चौधरी पट्टी)
प्रखण्ड - राजनगर,
जिला-मधुबनी, मिथिला

शिक्षा :
प्रारंभिक  : सेंट एंड्र्यूज स्कूल, भागलपुरसँ
माध्यमिक  : अनूप उच्च विद्यालय, भटसिमरीसँ
अंतर-स्नातक : यू पी वर्मा महाविद्यालय, मुंगेरसँ (विज्ञान विषयक संग)
स्नातक : रामकृष्ण महाविद्यालय, मधुबनीसँ (वाणिज्य विषयमे प्रतिष्ठा)

सम्प्रति आइ. सी. ए. आइ. (नव दिल्लीसँ) सी. ए. (फाइनल) आ आइ. सी. एस. आइ. (नव दिल्लीसँ) सी. एस. (फाइनल)मे अध्ययनरत। संगहिं एकटा निजी कम्पनीमे प्रबंधक (वित्त एवं कर) पदपर कार्यरत।        

रुचि : 
साहित्यिक गतिविधि, संगीत, अध्ययन-अध्यापन

साहित्यक क्षेत्रमे पहिल डेग :

पारिवारिक पृष्ठभूमिमे साहित्य कतहु नै छल। अंतर-स्नातक विज्ञानसँ आ स्नातक वाणिज्यसँ रहल मुदा तइयो साहित्य आ संगीत प्रति अनुराग सभदिन बनल रहल। चिट्ठी लिखबाक स'ख शुरुएसँ रहल। चिट्ठी सभके आकर्षक बनेबाक उद्देश्ये ओहिमे तुकबन्दीक किछु पांति सभ सेहो जोड़य लगलहुँ। आरम्भमे कविता, शायरी, कथा आ गीत प्रति प्रमुख आकर्षण रहल। अन्तर-स्नातकमे रही त' पहिल (हिन्दी भाषामे) कविता लिखने रही। तदुपरान्त निरंतर किछु-किछु लिखबाक प्रयास करैत रहलहुँ। कॉपीक आगाँक पन्ना दिससँ शैक्षणिक आ पाछाँ दिससँ साहित्यिक गतिविधि निरंतर चलैत रहल। ओहि समयावधिमे भरिसके कोनो एहन कॉपी छल होएत जाहिमे पाछाँ दिससँ किछु पन्ना पर तुकबन्दीक मोसि नहि टघरेने होए।

मैथिलीमे रचनाक आरम्भ :

आरंभिक शिक्षा भागलपुरसँ भेल मुदा घ'रक वातावरण सभदिन मैथिलीमयी रहल। धिया-पुतामे मैथिली-संस्कारक संचरण होइत रहए, एहि कारणें माए-बाबूजी शहरमे रहितो परिवारमे संवादक माध्यम मैथिलीए बनने रहलनि। नेनपनेसँ मैथिली प्रति हमरा बड्ड स्नेह रहल मुदा अंतर-स्नातक पूरा होए धरि रचनाक मादे मैथिलीमे किछु विशेष नै केलहुँ। स्नातक-अवधिमे मैथिली प्रति प्रेम जागल। आ से एना जागल जे हिन्दीमे लिखब बन्न भ' गेल। वर्ष 2001मे पहिल मैथिली कविता "माए मैथिली छथि आह्वान करैत" लिखलहुँ जे वर्ष 2012मे “मिथिमीडिया” आ “मैथिली दर्पण”सँ प्रकाशित सेहो भेल।

गजलकार रूपमे स्थान आ सामान :

वर्ष 2012 हमर लेखनी लेल विशिष्ट रहल। वर्षारंभमे मुखपोथीसँ जुड़लहुँ। मार्चमे आदरणीय गजेन्द्र ठाकुरजी जहन "विदेह" समूहसँ जोड़लन्हि त' साहित्यक कएक टा अमूल्य रत्न सभसँ भेंट भेल। तदुपरान्त आशीष अनचिन्हार जी "अनचिन्हार आखर"सँ जुड़बा लेल हकारलन्हि। ओना त' रचना हम मुखपोथी, विदेह आ अनचिन्हार आखरसँ जुड़बासँ पहिलेहो करैत रही मुदा जँ "गजलकार" रूपमे हमरा स्थान आ सम्मान भेटल अछि त'  श्रेय हम निःसंकोच "विदेह" आ "अनचिन्हार आखर"कें देब। अनचिन्हार आखर  आ आशीष अनचिन्हारजीसँ गजलक मादे बहुत किछु सिखबाक-बुझबाक लेल भेटल। विशेष क' गजलक व्याकरण पक्षमे। मार्च 2012सँ  निरन्तर लिखैत रहलहुँ आ पाठकवर्गसँ सुझाव आ सहयोगक अपेक्षे "मुखपोथी" आ "अनचिन्हार आखर"पर परसैत रहलहुँ। रचनाकार आ पाठक लोकनिक अपूर्व सहयोग आ समर्थन भेटल। प्रोत्साहनसँ आर मेहनति करबाक लेल मनोबल भेटैत रहल।

विदेह आ अनचिन्हार आखरसँ जुड़लाक एक्के मास बाद अनचिन्हार आखर द्वारा प्रायोजित “गजल कमला-कोशी-बागमती-महानंदा" (बाल-गजल श्रेणी) सम्मानक पहिल चरण (मास अप्रैल 2012) लेल हमर एकटा बाल-गजल चयनित भेल। तदुपरान्त मास दिसंबर 2012 (पहिल चरण) लेल हमर एकटा गजल सेहो चुनल गेल। वर्ष-2012 लेल "गजल कमला-कोशी-बागमती-महानंदा" (गजल श्रेणीमे) सम्मान सेहो भेटल। मुख्य चयनकर्ता श्री जगदीश चन्द्र ठाकुर "अनिल" जीक प्रोत्साहन आ आशीष भेटल। संगहि एहि सम्मानक बाल-गजल श्रेणीमे श्रीमती प्रीती ठाकुरजी हमर बाल-गजलकें सराहलन्हि आ एकरा "तेसर स्थान"पर रखलन्हि।    

"विदेह" आ "अनचिन्हार आखरसँ" जुडलाक बाद पहिने "सरल-वार्णिक बहर" आ तदुपरांत "अरबी बहर"मे सेहो बहुत रास गजल कहलहुँ। आइ धरि लगभग सवा-सए गजल (गजल, बाल-गजल, भक्ति-गजल आ हजल मिला कँ) कहि चुकल छी आ लगभग 10-12 टा गजलकें पूर्ण रूप देब शेष अछि। एहि पाछाँ हमर मेहनति जे हो मुदा साहित्यिक संगी आ मार्गदर्शक लोकनिक सहयोग आ सुझाव सेहो महत्वपूर्ण अछि। एहि सहयोगक बिना एतेक आगाँ बढ़ब सहज नै।  

रचनाक प्रकाशन/प्रसारण/संकलन :
गजलक अलावा कविता, गीत, कथा, आलेख, रुबाई, हाइकू आदि सेहो लिखैत रहलहुँ अछि मुदा रचनामे गजलक बहुलता रहल अछि। मुखपोथीक अलावा बहुत रास गजल, कविता, गीत, कथा, आलेख पत्र-पत्रिका (विदेह-इ पत्रिका, मिथिमीडिया, श्री-मिथिला, मैथिली दर्पण, मिथिलांचल-टुडे, स्मारिका आदि)मे  सेहो छपैत रहल अछि। अगस्त 2012मे हमर एकटा हजल "हौ दैव किएक विआह केलहुँ …" जनकपुर (नेपाल) एफ.एम. (रेडियो)सँ प्रसारित सेहो भेल। कार्यक्रमक संचालक आदरणीय धीरेन्द्र प्रेमर्षि जीक बड्ड प्रोत्साहन भेटल। आदरणीय "तारानन्द वियोगी" जीक सुझाव आ भाइ "रौशन चौधरी" जीक सहयोगसँ अपन रचना सभके एकठाम समेटबा आ सरियेबाक उद्देश्यसँ नवम्बर 2012मे  "www.aanjur.in"नाउसँ एकगोट जालवृत सेहो बनवेलहुँ। जालवृतक माध्यमे सेहो बहुत रास प्रोत्साहन भेटल।

धन्यवाद ज्ञापन :
साहित्य आ संस्कार दुनु क्षेत्रमे हमर जे अर्जन अछि तकर पूर्ण श्रेय हम अपन माए-बाबूजी-भाए-बहिनकें देबए चाहब। संगहि गुरु श्री मुनीन्द्र नाथ मिश्र आ श्री जीवेश्वर चौधरी सदिखन पथप्रदर्शक रूपमे आशीष दैत रहलनि अछि। साहित्यिक बाटमे सेहो किछु एहन सखा आ मार्गदर्शक (गजेन्द्र ठाकुर, आशीष अनचिन्हार, चन्दन झा, राजीव रंजन मिश्र, अमित मिश्र, मनु भाइ, ओम प्रकाश झा, मिहिर झा, गुंजनश्री, आदि) सभ भेटलन्हि जनिका बिनु सभ बेमानी, सभकिछु सुन्ना। ऋणी छी पाठक लोकनिक जे अपन व्यस्त जीवन-शैलीसँ समय निकालि हमर रचना सभ पढ़लनि आ समुचित प्रोत्साहन आ मार्गदर्शन केलन्हि। संगहि आभार ओहि सभ व्यक्ति/संस्था प्रति जे हमर रचना सभके प्रकाशन/प्रसारण योग्य बुझलन्हि।





गुरुवार, 27 सितंबर 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-37



बाबा बैद्यनाथ
पिताक नाम---- स्व. सूर्यमणि झा
माताक नाम----स्व. गौरी देवी
जन्म----३ अगस्त १९५५ ( श्रावण धवल त्रयोदशी )
शिक्षा---- एम.ए ( हिन्दी एवं दर्शन शास्त्र)
पता-- कचहरी बलुआ, भाया बनैली, जिला पूर्णिया
प्रकाशित कृति---पहरा इमानपर ( गजल संग्रह)



मैथिली आ हिन्दी साहित्यिक विभिन्न विधामे समान रूपें लेखन। अखिल भारतीय त्रिभाषा ( हिन्दी, मैथिली, उर्दू) साहित्य एवं कला परिषदक संस्थापक आ महासचिव। मिथिला सौरभ ( मैथिली त्रैमासिकी) आ त्रिवेणी ( हिन्दी, मैथिली, उर्दूक काव्य संकलन)क संपादन। सुपौलसँ प्रकाशित भारती-मंडन नामक पत्रिकाक प्रधान संपादक। हिन्दी आ मैथिलीमे लिखल कैकटा नाटक, उपन्यास, कथा संग्रह, कविता संग्रह अप्रकाशित।

केन्द्रीय सचिवालय, हिन्दी परिषद् नई दिल्ली द्वारा आयोजित " हिन्दी प्ररूप एवं टिप्पणी-लेखन प्रतियोगिता "मे अखिल भारतीय स्तरपर प्रथम स्थान प्राप्त, फलतः स्वर्ण पदक, वैजयन्ती ( ट्राफी), प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशिसँ सम्मानित।

जिला साहित्य परिषद्, खगड़िया द्वारा मैथिली साहित्यमे योगदान हेतु " विद्यापति स्मृति सम्मान "सँ सम्मानित।


वर्तमानमे यूको बैंक, मुख्य शाखा, बेगूसरायमे सीनीयर मैनेजर

बुधवार, 20 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-36




जगदानन्द झा 'मनु'




हिनक परिचय हिनकेँ शब्दमे----


हमर गप्प
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नाम : जगदानन्द झा 'मनु'
पिता : श्री राजकुमार झा
माता : मन्जु देवी
जन्म : १३/११/१९७३, हरिपुर डीहटोलमे
ग्राम पोस्ट : हरिपुर डीहटोल, मधुबनी
वर्तमान निवास : पूर्वी विनोद नगर, दिल्ली
मो.नो : ०९२१२४६१००६
ई मेल - jagdanandjha@gmail.com
शिक्षा : प्राथमिक- ग्राम हरिपुर डीहटोलमे, आँगाक सबटा सीबीएसई दिल्लीसँ, देशबन्धु कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालयसँ १९९४ मे बिसनेसमे स्नातक, इलेक्ट्रोनिक्समे डिप्लोमा, कम्पूटर हार्डवेयरमे डिप्लोमा |
व्यबसाय : १९९४ सँ २०११ तक करीब १८ बर्ख तक इलेक्ट्रोनिक्स फील्डमे अपन बेपार | तीन बर्ख तक पार्ट टाइम एमएलएम व्यबसाय केला बाद अप्रैल २०११ सँ फूल टाइम एमएलएम व्यबसायमे एखन तक |
साहित्य : विद्यार्थी जीवनमे कविता लेखनमे रूचि मुदा गृहस्थ जीवनमे सबटा बिसरा गेल | अक्टूबर २०११, श्री गजेन्द्र ठाकुर जी विदेह ग्रुपसँ जोरलाह, आ ओतएसँ हमर साहित्यक जीवन शुरू भेल | विदेह पर सभकेँ नीक-नीक लिखैत देखि हमरो भितरक मरल साहित्यक स्नेह बाहर निकलल, दू-तीन टा कविता लिख विदेहक देबाल पर देलियै | पाठकक वाह-वाही पढि मन हर्शोत्साहीत भेल | नीक लागल | आगु लिखैक प्रेरणा भेटल | संगे अपन कविताकेँ विदेह ई पत्र पर छपल देख आओर खुशी भेटल | मुदा हमर मैथिली भाषाक पक्ष बड्ड कमजोर छल, एखनो अछिए | नम्बर २०११ मे गुरुबर आशीष अनचिन्हारजी विदेह ग्रुपकेँ आशिर्वादे भेट भेलाह आ ओहिठामसँ हुनक मार्गदर्शनमे शुरू भेल हमर गजल आ मैथिली लिखैक यात्रा | ओकर बादक सभ किछ अपने लोकिनकेँ सामने अछि | हमर जीवनमे साहित्यक कोनो जगह अछि तँ ओहि लेल हम आभारी छी मार्गदर्शक श्री गजेन्द्र ठाकुर जीकँ आ गुरुबर श्रीआशीष जीकँ |

मंगलवार, 19 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-35


प्रस्तुत अछि समवेत गजलकार परिचय। ऐमे कुल 27 गजलकार छथि। किछु गजलकारक विस्तृत परिचय देबाक इच्छा छल, मुदा बेर-बेर आग्रहक बबजूद ओ लोकनि नेट पर उपल्बध रहितो अपन परिचय नै पठा सकलाह तँए मात्र हुनक नामोल्लेखसँ काज चला रहल छी। ई सभ गजलकार अनचिन्हार आखरक खोज छथि।



त्रिपुरारी कुमार शर्मा,सुनील कुमार झा, विकास झा रंजन,रोशन,दीप नारायण विद्यार्थी,प्रवीन नारायण चौधरी प्रतीक, विनीत उत्पल, भावना नवीन, भाष्कर झा, रवि मिश्रा भारद्वाज, अजय ठाकुर मोहन, प्रभात राय भट्ट, श्रीमती इरा मल्लिक, मनोहर कुमार झा, प्रवीन नारायण चौधरी, स्वाती लाल, नितेश झा रौशन ,कुमार पंकज झा, उमेश मंडल, मनीष झा बौआ भाइ, अभय दीपराज, नवल श्री पंकज, मनोज, कुंदन कुमार कर्ण, मुकुंद मयंक, अविनाश झा अंशु|राजीव रंजन मिश्रा आदि।

सोमवार, 18 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-34


चंदन कुमार झा
ई गजलक मामिलामे अनचिन्हार आखरक खोज छथि।

हिनक परिचय हिनकहि शब्दमे----

पिता-श्री अरूण झा
माता-मीना देवी
जन्म-०५-०२-१९८५
ग्राम-सड़रा,मदनेश्चर स्थान
पोस्ट-मदना
थाना-बाबूबरही
जिला-मधुबनी
जन्म-स्थान-सिसवार (मामा गाम मे)
नाना-स्व० शुशील झा (राजाजी)
आरंभिक शिक्षा-मामा गाम मे (१०वाँ धरि)
आँगाक शिक्षा- अन्तर-स्नातक (वाणिज्य) एवं स्नातक (वाणिज्य) दरिभंगा सँ, चंद्रधारी महाविद्यालय.,वित्तीय-प्रबंधन मे डिप्लोमा (वेलिंगकर इन्सटीच्युट आफ मैनेजमेन्ट,मुम्बई)
व्यवसायिक जीवन- एकटा बहुराष्ट्रीय कंपनी मे लेखा-विभाग मे कार्यरत
परिवार-निम्न मध्यम वर्गीय कृषक परिवार
रुचि-अध्ययन-अध्यापन,नाटक-संगीत,सामाजिक सरोकार सँ जुड़ब आ' साहित्यिक गतिविधि.
साहित्य लेखन-२००० ईस्वी सँ.कएक गोट कविता,लेख ईत्यादि दरभंगा रेडियो स्टेशन एवं विभिन्न पत्र-पत्रिका सभ सँ प्रकाशित-प्रसारित.
किछु व्यक्ति जिनकर अनुकंपा सँ कहियो उॠण नहि होयब- श्री विजयकांत मिश्र (अध्यापक)-कन्हई,श्री शंभूनाथ झा-सुसारी,श्री ताराकांत झा (संपादक,मिथिला समाद),डा० धिरेन्द्र नाथ मिश्र (मैथिली विभागाध्यक्ष,सी.एम.कालेज)
(हम ई त' नहि कहि सकब जे मैथिली सँ हमरा कहियो भेँट नहि छल किएक त' हम मैट्रिक सँ स्नातक धरि सभ दिन एच्छिक विषय के रूप मे एकरा पढलहु.हाँ तखन मैथिली व्याकरण सँ कहियो भेँट नहि भेल अवश्य. हमरा कहियो मैथिली पढब आ'कि लिखबा मे बेशी दिक्कत नहि भेल किएक तए जहिना बजैत-सुनैत छी ओहिना लिखैत छी आ' सभ दिन मैथिली साहित्य रुचिकर लगैत रहल अछि...मुदा, मैथिली मे कविता ईत्यादि हम लिखनाय चालू कएलहुँ एकरा पाँछा हमर पारिवारिक आर्थिक विपन्नता छल..एकटा एहन समय आयल जखन लगैत रहय जे पढाइ बिचहि मे छोड़य पड़त किएक त' अभिभावक पढौनिक खर्चा देबय मे असमर्थ भऽ गेल रहथि ..खोलि कय कहियो नहि कहलथि..सभदिन उत्साहित करैत रहलथि..मुदा जहिया दरभंगा सँ गाम जाइत छलौ मासक खर्च अनबा लेल माँ-बाबूजीक चिन्ता स्पष्टतः दृष्टिगोचर होइत छल..लोकक धिया-पुता गाम अबैछ त' माय-बाप हर्षित होइत छैक...हमर माय कनैत छल...मुदा, खून बेचि पढेबाक जिद्द आ तइँ पढाइ नहि छोडल भेल...एहि समय मे परमादरणीय श्री ताराकांत झा जी (संपादक-मिथिला समाद) एकटा सुझाव देलनि जे दरभंगा रेडियो-स्टेशन मे हरेक-मास किछु कार्यक्रम कऽ किछु धनार्जन कयल जा सकैत अछि आ' मासक खर्छ निकालल जा सकैत अछि. हमरा ई सुझाव सूट कयलक आ' फेर सँ नव-उत्साहक संग अपने धनार्जन कय पढबाक विचार ठनलहु. तत्काल एकटा प्राइवेट स्कूल मे मास्टरी पकडि लेलहु...फेर डा. धीरेन्द्रनाथ मिश्र (तत्काळीन बिभागाध्यक्ष-मैथिली , सी.एम.कालेज) के मार्गदर्शन भेटल..केन्द्रिय पुस्तकालय, दरभंगा मे भरि दुपहरिया अगबे मैथिली के पोथी पढी
....जे मोन मे अबैत गेल लिखैत गेलहु आ' एक साल मे पचास टा सँ बेशी कविता लिखलहु....आब मोनो लागय लागल..नित नव उल्लास ......रेडियो स्टेशन सेहो ३-४ टा कार्यक्रम करबाक अवसर देलक...स्नातक खतम भेल..आगाँ पढबाक मोन छल दू टा छोट भाइक भविष्य सोचि अपन भविष्य दाँव पर लगा देलियैक...रोजी-रोजगारक अवसर मे मुम्बई चलि गेलहु..क्रमशः दिन घुरल ..फेर अपनो जहाँ धरि सकलहु आगाँ पढलहु..(फाइनान्स सँ डिप्लोमा कयलहु).....एखनहु पढतहि छी...मझिला स्नातक कयलक..छोटका भाइ एखन इंजिनीयरिंग कय रहल अछि...आब संतोष अछि....त्यागक फल भेटल...हाँ एहि झमेला मे पछिला छह बरख मे साहित्यिक रचनात्मका जेना हेराय गेल छल..मुदा संजोग जे कलकत्ता स्थान्तरित भेलहुँ..फेर ताराकांजी भेटलाह आ' नवउत्साह पाबि किछु लिखबाक प्रयास शुरू कयलहु..किछु सफलता सेहो भेटल..आ' फेर विदेह भेटल..एकर सुधि पाठक भेटल..गुरूरूप मित्र भेटल ......आ' सभटा हेरायल सपना जेना भेट गेल...अरे बाप रे ई कथा त' अनावश्यक नमहर भेल जा रल अछि..एकरा एतहि खतम करू...अहाँ सभक स्नेह बेर-बेर किछु नव लिखबाक...जिनगीक गुनबाक लेल प्रेरित करैत रहैत अछि ...एहने स्नेह सभ दिन बनल रहय एतबहि भगवती "वैदेही"सँ कामना.)


शनिवार, 16 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-33


अमित मिश्र

हिनक परिचय हिनकेँ शब्दमे----


बाबू जी-श्री नविन कुमार मिश्र
माँ- श्रीमती विभा देवी हम सम्तीपुर जिलाक रोसड़ा थाना अंतर्गत करियन नाम क गाम के रहनिहार छी ।हमर जन्म 11 / 1/1993 मे भेल। बाबू जी एकटा किसान छथि तेँए हमर प्रारंभीक पढ़ाइ गामक इस्कूल मे भेल आ हाइ इस्कूल बैद्यनाथ पूर सँ 2008 मे मैट्रीक केलौँ । इंटर सी .एम .साइंस काँलेज दरभंगा सँ भेल आ एतै सँ गणीत सँ स्नातक क रहल छी । हमरा भाषा सँ कोनो विषेश प्रेम नै रहल । आ मैथिली आफसनल रहबाक कारण कहियो नै पढ़लौँ मुदा हमर बाबा स्बर्गीय भोला ईसर {हमर बाबा तक ईसर लिखाइ छल मुदा बाबू जी सँ मिश्र भ गेल जे की हमर फरीकक आनो चाचा सब लिखै छथि } शिक्षक छलथिन तेँए हम भाषा सँ बेसी दूरो नै छलौं । 2008 मे हम पहिल बेर लिखलौँ जे की एकटा मैथिली मे भगवती गीत छल आ तेकर बाद प्राय: मैथिली , हिन्दी , भोजपुरी मे गीत आ बाद मे मैथिली मे किछु कविता लिखलौं । हमर किछु मित्र किछु गीत सब सुनने छलथि आ किछु गामक किर्तन मे गेने छलौँ बाद बाँकी सब डायरीये मे समेटल छल मुदा 2012 के जनवरी मे विदेह सँ जुड़ला के बाद हमर रचना अपने सबहक संग भेटल । जनवरीक अन्त मे श्री आशीष अनचिन्हार जीक आशीर्वाद भेटल आ अनचिन्हार आखर सँ भेँट भेल ।


शुक्रवार, 15 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-32


ओमप्रकाश



हिनक परिचय हिनक अपने शब्दमे-------

हमर नाम ओम प्रकाश झा अछि। हम ओम प्रकाश नाम सँ गजल लिखैत छी। हमर बाबूजीक नाम श्री पीताम्बर झा आ माताजीक नाम श्रीमती रामकुमारी झा अछि। हमर जन्म ०५ दिसम्बर १९६९ ईस्वी मे हमर नानीगाम चुन्नी, पत्रालय मधेपुर, जिला मधुबनी मे भेल अछि। हमर पैतृक गाम ड्योढ, पत्रालय घोगरडीहा, जिला मधुबनी अछि। हम छह भाई बहिन मे सब सँ जेठ छी। दसवींक इम्तहान १९८४ मे बीरपुर, जिला सुपौल सँ पास केने छी। अन्तरस्नातक १९८६ मे सी. एम. साइंस कओलेज, दरिभंगा सँ आ स्नातक १९९० मे लंगट सिंह कओलेज, मुजफ्फरपुर सँ पास केलहुँ। सरकारी सेवा मे १९९२ मे अयलहुँ। २००१ मे प्रोन्नति भेंटला पर आयकर अधिकारी भेलहुँ आ विभिन्न स्थान सँ होइत एखन भागलपुर मे पदस्थापित छी।
साहित्यक प्रति प्रेम पिता सँ भेंटल अछि। ओहो साहित्य अध्ययन मे बहुत रूचि राखै छथि आ गोट आध रचना सेहो करैत रहै छथि। हमर पढाई केर विषय विज्ञान रहल मुदा साहित्यक प्रति प्रेम ओहो समय उत्कट छल आ अपन डायरी मे किछु किछु लिखैत रहै छलौं। मुदा नै ककरो ओ रचना देखेलियै आ नै सुनेलियै। हम २०१० सँ फेसबुक पर सक्रिय भेलौं आ २०११ मे विदेह ग्रुप मे शामिल कएल गेलौं। इ घटना हमरा लेल परिवर्तनक घटना छल। विदेह पर आदरणीय गजेन्द्र भाई आ अनुज आशीष भाई (हमरा सदिखन लागैए जे इ हमर हराएल अनुज छथि, जे एकाएक भेंटला) सँ सम्पर्क भेल। इ दुनू गोटे हमर भीतर मे नुकाएल गजलकार केँ बाहर आनि दुनियाक सामने ठाढ कऽ देलखिन्ह। ओहि समय आशीष भाई हमरा अनचिन्हार आखर मे योगदान लेल आमन्त्रित केलथि। अनचिन्हार आखर पर हमरा गजलशास्त्रक नियम सब पढबाक अवसर भेंटल, जे हमरा लेल बहुत उपयोगी सिद्ध भेल। आशीष भाईक प्रेरणा पर हम अरबी बहर मे गजल लिखनाई शुरू कएलौं। हमर लिखल गजल अनचिन्हार आखर ब्लाग पर पढल जा सकैए। हम गजलक अलावे कथा, पद्य आ समीक्षा सेहो लिखै छी, मुदा मुख्य रूप सँ हम गजलकार छी।

गुरुवार, 14 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-31


मिहिर झा
ई गजलक मामिलामे अनचिन्हार आखरक खोज छथि।

विशेष---- मिहिर जी " अनचिन्हार आखर " द्वारा आयोजित पहिल आन-लाइन मोशायराक विजेता छथि।

हिनक परिचय हिनक अपने शब्दमे-------

गाम - लखनौर (झंझारपुर)
जन्म - २ जून १९६३
शिक्षा - स्नातक (विज्ञान) , स्नातकोत्तर (प्रबंधन)
संप्रति - जे. आई. आई. टी विश्वविद्यालय. नोएडा मे डिप्टी रजिस्ट्रार
परिवार - पत्नी - श्रीमती वंदना झा, पुत्री - श्रुति आ श्रिया , पुत्र - आशीष
अभिरुचि - साहित्य ( पद्य ), "अनचिन्हार आखर" के प्रेरणा सों गजल विधा मे प्रारंभिक प्रयास
आकांक्षा - विश्व स्तरीय साहित्य मे मैथिली साहित्य के शीर्षस्थ देखब

बुधवार, 13 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-30


अनिल कुमार मल्लिक ( अनचिन्हार आखर पर " अनिल " नामसँ उपस्थित )
ई गजलक मामिलामे अनचिन्हार आखरक खोज छथि।

हिनक परिचय हिनक अपने शब्दमे-------

हम अनिल कुमार मल्लिक पिता श्री सुरेन्द्र लाल मल्लिक माता श्रीमती सुशिला देबी मल्लिक l हमर जन्म २२ दिसम्बर १९६२ मे झापा जिला, मेची अंचल, नेपाल मे भेल l हमर पुर्खा ग्राम महिशारि, थाना सिंघबारा, जिला दरिभंगा सॉ छलाह, करिब ११० साल पहिने राणा शासन के समय हमर बाबा स्व. जिवनाथ मल्लिक नेपाल अयलाह, सरकारी नोकरी गोश्वारा मे भेटलन्हि आ बाद मे पटवरिका भेटलन्हि त नेपाल के भ' क' रहि गेलहूँ हम सभ l हमर १० कक्षा तक के शिक्षा झापा के इस्कुल मे भेल, स्नातक तक के शिक्षा हमरा बिरगंज आ काठमाण्डु मे भेटल, जन प्रशासन बिषय मे स्नातकोत्तर के अन्तिम बरख छल मुदा कारण बस पुरा नहि क' सकलहूँ l २ भाई छी, ४ बहिन… हम सभ सॉ जेठ छी भाई के बिबाह बिदेह ग्रुप मे सदस्य छथि श्री बृषेश चन्द्र लाल, हुनकर जेष्ठ कन्या सॉ भेल l हमर मातृक समैला, ग्राम पोष्ट पचाढी, जिला दरिभंगा भेल l हमरा मैथिली भाषा आ अपन संस्कृती प्रति के प्रेम हमरा अपन दादी स्व.जोगमाया देबी सॉ भेटल ओ हमर आदर्श छथि l हम कओलेज के समय मे नाटक सभ लिखैत छलहूँ, गीत इ सभ गबैत छलहूँ सांस्कृतीक कार्यक्रम सभ मे नेपाली, हिन्दी, बाङ्ला या त फेर राजबंशी भाषा मे l मैथिली मे लिखनाई बुझू विदेह सॉ जुडला'क बाद मात्र सुरु भेल l मास साइत अक्टूबर २०११ मे पहिल पोष्ट छल "आखर आखर शब्द लिखै छी" l २ पुत्र'क पिता छी, पत्नी संगीता कुमारी कर्ण छथि l आशिष जी'क बताओल बेसीक कॉन्सेप्ट पर सरल बर्ण पर गजल लिखैत छी, एकटा दबाई के कम्पनि मे ब्यवस्थापक छी आ अपनो नीजी ब्यवसाय अछि त समय के कने कमी रहैत अछि l अन्चिन्हार आखर त कय बेर इ सोचि भिजिट करैत रहलौं की संभवतः हमहूँ सिख जायब मुदा नै सिख सकलहूँ अखनि धरि l हमरा नेपाल मे लोक मैथिली मे लिखैथ, पढैथ, भाषा के सम्मान भेटै से नीक लगैत अछि त जे समय भेटैत अछि कोशिष करैत छी, एकर अलावा अपन जन्म स्थान के बच्चा सभ'क शिक्षा प्रति सचेत छी आ जे संभव होइत अछि करवा'क चेष्टा करैत छी

मंगलवार, 12 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-29


सदरे आलम "गौहर"




विशेष---अनचिन्हार आखर द्वारा प्रयोजित मैथिली गजल लेल देल जाए बला " गजल कमला-कोसी-बागमती-महानंदा सम्मान" बर्ख 2011क विजेता छथि। धातव्य अछि जे ई ऐ सम्मानक पहिल विजेता छथि।

गाम-पुरसौलिया, भाया- जयनगर, जिला मधुबनी।

सोमवार, 11 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-28


शान्तिलक्ष्मी चौधरी


ई श्रीमती शेफालिका वर्मा जीक बाद मैथिलीक दोसर महिला गजलकार छथि आ सभसँ पहिने अनचिन्हार आखर द्वारा हिनका गजल लिखबाक लेल प्रेरित कएल गेल। ई गजलक मामिलामे अनचिन्हार आखरक खोज छथि।

कुमारी शांतिलक्ष्मी चौधरी

परिचय: श्रीमति कुमारी शांतिलक्ष्मी चौधरी (विवाहपुर्व- सुश्री कुमारी शांति), ग्राम गोविन्दपुर, जिला सुपौल निवासी आ राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय सहरसामे कार्यरत पुस्तकालायाध्यक्ष श्री श्यामानन्द झा केर जेष्ठ सुपुत्री छथिl पुज्यनिया माताक नाम श्रीमति गंभीरा झाl जन्म वर्ष 1984 मे भेलन्हिl पितामह मूल रूपसँ सुपौल जिलान्तर्गत कोसीदियरा प्रदेसक बनैनिया गामक निवासी छलाह मुदा कोसीक बाढ़ि मे घरद्वार आ खेत-खरिहान कटि गेलाक बाद ई लोकनि ओहीठाम सँ उपटि अपन कामत गोविन्दपुर (गोविन्दपुर-श्रीपुर) मे आबि स्थायी रूप सँ बसि गेलाहl ओना तँ गाम मे हिनक पितामहेगण लोकनि लग सँ एक्के चुल्हाक आदर्श संयुक्त परिवार एखनहु अछि तथापि पिता अपन सरकारी नौकरीक चलितवे बेसीकाल सपरिवार कायस्थ टोला, सहरसा रहलाह जतयसँ शांतिलक्ष्मी अपन विद्यालयी आ विश्वविद्यालयी शिक्षादीक्षा पूर्ण केलीह. हिनक शुभविवाह सहरसा जिलान्तर्गत महिषी/आरापट्टी गामक निवासी श्री राजनारायण चौधरी आओर श्रीमति निभादेवतादेवीक जेष्ठ सुपुत्र श्री अक्षय कुमार चौधरीसँ 4 मई 2009 केँ भेलन्हिl श्री चौधरी दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्ससँ जुड़ल अन्वेषक आओर समाजिक मानवशास्त्री छथिl श्रीमति शांतिलक्ष्मीक सासुरपक्षक संयुक्त परिवार आओर दिआदबाद लोकनिक दोहटवाड़ी घर-आँगन सहरसा जिलाक महिषी आओर आरापट्टी दुहु गाममे पसरल अछि आओर ई लोकनि समवेत रूपसँ एहि दुहु गामकेँ अपन मातृभुमि मानैत रहल छथिl सन्‌ 2009 मे एम.एल.टी. कॉलेज सहरसा (बीएनएमयू) सँ प्राणीविज्ञानमे स्नाकोत्तरक उपाधि ग्रहण कयलाक बाद, श्रीमति चौधरी सन्‌ 2010 मे महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतकसँ बी. एड. केर उपाधि ग्रहण केलीहl सम्प्रति बीएनएमयूसँ प्राणीविज्ञानमे ’डॉकट्रेट इन फिलॉसफी’ (Ph. D.) केर शोधकार्यसँ जुड़ल छथिl प्राकृतिक विज्ञानसँ स्नातकोत्तर आ शिक्षाशास्त्री स्नातक रहितहुँ एकटा समाजिक मानवशास्त्रीसँ परिणय-सुत्रमे बन्हलाक उपरान्त हिनके सानिध्यसँ आम जीवन केर सामाजिक बिषय-वोस्तु आ विशेष कs महिलाजन्य सामाजिक समस्या आओर प्रघटनाकेँ बुझवा-समझवा व ओहिपर विमर्श करवामे शांतिलक्ष्मीक अभिरूचि बेशी बढ़लन्हिl सामाजिक प्रघटनाक अंतर्वस्तुपर हिनक लिखल बहुतोरास मैथिली कविता, मैथिली गजल, आओर सामाजिक विषयक आलेख मैथिली ई-पत्रिका "'विदेह' प्रथम मैथिली पाक्षिक ई-पत्रिका"क वर्ष 2010-12 केर अनेको अंक आओर मैथिली ब्लॉग "अनचिन्हार आखर" पर प्रकाशित भेल अछिl शांतिलक्ष्मी "विदेह" आओर "अनचिन्हार आखर" परिवार केँ अपन "साहित्यिक बाल्यकालक मातृत्व आँचर" मानैत छथि जकर छाँव मे हिनकर साहित्यिक संस्कार पलिपोइसकेँ पैघ भेल अछिl हिनक लेखन काज एखनहु अनवरत अछिl कलकत्तासँ छपय वाली मैथिली पत्रिका "मिथिला दर्शन"क मई-जून 2012 केर अंक (पृष्ठ 39) मे प्रकाशित हिनक दुई गोट मैथिली गजल सेहो नारी जीवनक अंतर्वस्तुपर लिखल गेल अछिl जूलाई 2012 मे राजेन्द्र मिश्र कॉलेज सहरसामे "Maoist Naxal Menace: Its Solution" विषयपर आयोजित आओर यु.जी.सी. संपोषित राष्ट्रिय सेमिनारमे शांतिलक्ष्मी द्वारा प्रस्तुत व्याख्यान केर शीर्षक छल "Maoist Naxalism: A National Threat and Holistic Solution". अक्टूबर 17-18, 2012 केँ महिषी गाममे बिहार सरकार पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित "उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव" केर स्मारिका (पृष्ठ 96-98) मे प्रकाशित हिनक एकटा हिन्दी आलेखक शीर्षक अछि "माहिष्मति में मैथिल नारी के प्रतिमान" l अंतिका प्रकाशन गाजियावादसँ प्रकाशित होयवाली मैथिली पत्रिका "अंतिका" केर जून-दिसम्बर 2012 केर अंक मे प्रकाशित हिनक तीन गोट मैथिली कविता दिल्ली गेंगरेप प्रकरण आओर अन्य सामाजिक व्याधिकी विषयक अंतर्वस्तु सँ सम्बन्धित अछि.

शुक्रवार, 8 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-27


मु्न्ना जी

प्रकाशित गजल संग्रह----माँझ आँगनमे कतिआएल छी।

अन्य प्रकाशित पोथी----प्रतीक ( विहनि कथा ), हम पुछैत छी ( साक्षात्कार)
शीघ्र प्रकाश्य पोथी---- भैया जी ( उपन्यास) आ एकटा हाइकू संग्रह
हिनक अन्य विवरण एना अछि------मूलनाम- मनोज कुमार कर्ण, जन्म–27 जनवरी 1971 (हटाढ़ रूपौली, मधुबनी), शिक्षा–स्नातक प्रतिष्ठा, मैथिली साहित्य। वृत–अभिकर्त्ता, भारतीय जीवन बीमा निगम। पहिल विहनि कथा–‘काँट’ भारती मण्डनमे 1995 पकाशित। पहिल कथा–कुकुर आ हम, ‘भरि रात भोर’मे 1997मे प्रकाशित। एखन धरि दर्जनो विहनि कथा, लघु कथा, क्षणिका, गजल आ विहनि कथा सम्बन्धी आलेख प्रकाशित। मुख्यतः मैथिली विहनि कथाकेँ स्वतंत्र विधा रूपेँ स्थापित करबाक दिशामे संघर्षरत।

गुरुवार, 7 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-26


गजेन्द्र ठाकुर,

पिता-स्वर्गीय कृपानन्द ठाकुर, माता-श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर,जन्म-स्थान-भागलपुर 30 मार्च 1971 ई., मूल-गाम-मेंहथ, भाया-झंझारपुर,जिला-मधुबनी (बिहार)।
शिक्षा: एम.बी.ए. (फाइनेन्स), सी.आइ.सी., सी.एल.डी., कोविद।

विदेहक http://www.videha.co.in प्रधान संपादक सहित अनेको वेबसाइटक संचालक आ पथप्रदर्शक।

प्रकाशित गजल संग्रह----धांगि बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ

विशेष------ हिनक चारिटा मुख्य विशेषता अछि---
1) ई मैथिलीक पहिल अरूजी छथि, आ
2) हिनका माध्यमे मात्र बारह सालमे कुल ३५०-४००टा नवलेखक आ कतिआएल लेखक सामने अएलाह।
3) अन्तर-महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगितामे "मैन ऑफ द सीरीज" (1991), सम्प्रति अमेच्योर गोल्फर|
4)अंतर्जाल लेल तिरहुता आ कैथी यूनीकोडक विकासमे योगदान आ मैथिलीभाषामे अंतर्जाल आ संगणकक शब्दावलीक विकास, मैथिली विकीपीडियाक स्थापक। गूगल मैथिली ट्रान्सलेटमे योगदान आ शब्दकोषक वृहत संकलन ओ प्रकाशन। संस्कृत वीथी नाटकक निर्देशन आ ओइमे अभिनय।


अन्य लेखन:
प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना भाग-१
सहस्रबाढ़नि (उपन्यास)
सहस्राब्दीक चौपड़पर (पद्य संग्रह)
गल्प-गुच्छ (विहनि आ लघु कथा संग्रह)
संकर्षण (नाटक)
त्वञ्चाहञ्च आ असञ्जाति मन (दूटा गीत प्रबन्ध)
बाल मण्डली/ किशोर जगत (बाल नाटक, कथा, कविता आदि)
उल्कामुख (नाटक)
सहस्रशीर्षा (उपन्यास)
प्रबन्ध-निबन्ध-समालोचना भाग दू (कुरुक्षेत्रम अन्तर्मनक-२)
धांगि बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ (गजल संग्रह)
शब्दशास्त्रम (कथा संग्रह)
जलोदीप (बाल-नाटक संग्रह)
कुरुक्षेत्रम् अन्तर्मनक
देवनागरी वर्सन KuruKshetramAntarmanak_GajendraThakur.pdf
तिरहुता वर्सन KuruKshetramAntarmanak_GajendraThakur_Tirhuta.pdf
ब्रेल वर्सन KuruKshetramAntarmanak_GajendraThakur_Braille.pdf
सहस्रबाढ़नि_ब्रेल मैथिली (पी.डी.एफ.)
सहस्रबाढ़नि_ब्रेल-मैथिली
मिथिलाक इतिहास- भाग-२ (शीघ्र)
जगदीश प्रसाद मण्डल- एकटा बायोग्राफी (शीघ्र)
The Comet
The_Science_of_Words
On_the_dice-board_of_the_millennium
A Survey of Maithili Literature- Vol.II- GAJENDRA THAKUR (soon)

Learn Mithilakshar Script तिरहुता (मिथिलाक्षर) सीखू

Learn_MithilakShara_GajendraThakur.pdf

Learn Braille through Mithilakshar Script ब्रेल सीखू
LearnBraille_through_Mithilakshara.pdf
Learn International Phonetic Script through Mithilakshar Script अन्तर्राष्ट्रीय ध्वन्यात्मक वर्णमाला सीखू
Learn_International_Phonetic_Alphabet_through_Mithilakshara.pdf
सह-लेखन:
गजेन्द्र ठाकुर, नागेन्द्र कुमार झा आ पञ्जीकार विद्यानन्द झा
MAITHILI-ENGLISH DICTIONARIES
Maithili_English_Dictionary_Vol.I.pdf
MaithiliEnglishDictionary_Vol.II_GajendraThakur.pdf
ENGLISH-MAITHILI DICTIONARIES
VIDEHA ENGLISH MAITHILI DICTIONARY
EnglishMaithiliDictionary_Vol.I_GajendraThakur.pdf
जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध
जीनोम मैपिंग (४५० ए.डी.सँ २००९ ए.डी.)--मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध (Click this link to download)

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OR right click the following link and save target as:-
AND click this link to download some of the jpg images of palm-leaf manuscripts of Panji.
AND CLICK EACH OF THE FOLLOWING 17 LINKS TO DOWNLOAD ALL THE 11000 JPG IMAGES IN 17 PDF FILES.
पंजी (मूल मिथिलाक्षर ताड़पत्र)
दूषण पंजी
मोदानन्द झा शाखा पंजी
मंडार- मरड़े कश्यप-प्राचीन
प्राचीन पंजी (लेमीनेट कएल)
उतेढ़ पंजी
पनिचोभे बीरपुर
दरभंगा राज आदेश उतेढ आदि
छोटी झा पुस्तक निर्देशिका
पत्र पंजी
मूलग्राम पंजी
मूलग्राम परगना हिसाबे पंजी
मूल पंजी-२
मूल पंजी-३
मूल पंजी-४
मूल पंजी-५
मूल पंजी-६
मूल पंजी-७

मंगलवार, 5 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-25








योगानंद हीरा



ई १९५०क बाद पहिल गजलकार छथि जे मैथिलीमे पूर्ण रूपेण अरबी बहरक पालन केलथि। मुदा एही कारणे मैथिली संपादक सभ हिनका कात कए देलकन्हि

मूल नाम---योगानंद दास हीरा
जन्म-30-1-1940
गाम--डुमरी, पत्रालय-गणपतगंज, थाना-राघोपुर, जिला सुपौल
शिक्षा-- हिन्दी भाषामे मास्टर डिग्री
लेखन---मैथिली आ हिन्दी दूनूमे
प्रकाशित पोथी--- नीड़ की तलाश, भले आदमी की तलाश ( उपन्यासिका), सिमटती छाया ( कहानी संग्रह), एक अच्छा मैं ( एकांकी संग्रह), आज की कहानी ( नाटक)। सभ प्रकाशित पोथी हिन्दीमे। मैथिलीमे जल्दिये हिनक पोथी आएत।

सोमवार, 4 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-24


नरेश कुमार विकल



जन्म 27 जुलाइ 1950 भगवानपुर देसुआ (समस्तीपुर)
प्रकाशित कृति---- अरिपन, महुआ मदन रस टपकय, बिन बाती दीप जरय ( काव्य-) कथा-संग्रह- भरि गेल दर्दक इनार। उपन्यास- टहकैत टीस। नाटक- चोखगर खौंच।

शनिवार, 2 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-23


राम भरोस कापड़ि भ्रमर, 1951

प्रकाशित गीत-गजल संग्रह----मोमक पघलैत अधर

जन्म-बघचौरा, जिला धनुषा (नेपाल)।बन्नकोठरी: औनाइत धुँआ (कविता संग्रह), नहि, आब नहि (दीर्घ कविता), तोरा संगे जएबौ रे कुजबा (कथा संग्रह, मैथिली अकादमी पटना, १९८४), मोमक पघलैत अधर (गीत, गजल संग्रह, १९८३), अप्पन अनचिन्हार (कविता संग्रह, १९९० ई.), रानी चन्द्रावती (नाटक), एकटा आओर बसन्त (नाटक), महिषासुर मुर्दाबाद एवं अन्य नाटक (नाटक संग्रह), अन्ततः (कथा-संग्रह), मैथिली संस्कृति बीच रमाउंदा (सांस्कृतिक निबन्ध सभक संग्रह), बिसरल-बिसरल सन (कविता-संग्रह), जनकपुर लोक चित्र (मिथिला पेंटिङ्गस), लोक नाट्य: जट-जटिन (अनुसन्धान), घरमूहाँ ( उपन्यास)२०१२। नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक सदस्यता- श्री राम भरोस कापड़ि 'भ्रमर' (2010)

शुक्रवार, 1 जून 2012

गजलकार परिचय शृखंला भाग-22



विजय नाथ झा

प्रकाशित गीत-गजल संग्रह---- अहींक लेल ( प्रकाशन साल 2008, प्रकाशक -शेखर प्रकाशन)


पिता-प. रतिनाथ झा ( पूर्व विभागाध्यक्ष प्राच्य दर्शन विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय)
गाम---ग्रम-पोस्ट---तलपुरवा, बाँसी, सिद्यार्थनगर,( उत्तर प्रदेश)
शिक्षा---विज्ञान स्नातक ( काशी हिन्दू विश्वविद्यालय)
वृति---पत्रकारिता आ स्वतंत्र लेखन, आर्यावर्तक संपादकीय विभागमे विविध सेवा, चुटकुलानंदक चिट्ठी केर लेखन, आकाशवाणी आ दूरदर्शन पटनामे कविता पाठ आ अन्यान्य तरहवक प्रसारण

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों