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गुरुवार, 11 अगस्त 2011

गजल

गजल

जवानीके सहेजक किया बैसल छी सजनिया
चुनि लिअ एकटा हजारोमे अपन साँवरिया

ओकरे सौपि हृदय आहाँ बनि जाउ महारानी
तखन खन-खनाएत पाएरमे पैजनिया

देखब कही बित ने जाए एहु बेरक लगन
एखनेसँ जोडिलिअ प्रेमीसँ पि्रतक सिनेहिया

जवानीके सहेजक किया बैसल छी सजनियाँ
चुनि लिअ एकटा हजारोमे अपन साँवरिया । ।
वर्ण ....18

रविवार, 7 अगस्त 2011

गजल

भागब कोनाक दुर जीन्गी सँ
डरब किया मृत्यु केर चीन्गी सँ

जीबन जीब लेल हराण
तोडब त्रास हम जीन्गी सँ

मेटत बहुतो मित्र हित सब
चाहे करै घात कियो जीन्गी सँ

जीवन एकटा राजमार्ग छिऐक
बाचा तोडि चलब जीन्गी सँ

जँ कियो लेब चाहत हमर प्राण
दुर भऽ जायत ओ जीन्गी सँ

आओत फेर सुन्दर भोर
हिया हारी किया जीन्गी सँ

शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

गजल

बिन पिउनहिं निशा लागल
निर्दोषे छलहँु मूदा बात लागल

ग्रहदशा बढिएँ कहैत छल
अचानक फेर साढे साती लागल

पसिना त हमरो बहल छल
उपलब्धि कमे हाथ लागल

खुशिक फुल टुटि खसल
प्रतिष्ठामें अनादरक लात लागल

अन्धकार मिटाबी मुख्य लक्ष्य छल
मूढा उल्टे पाँछा राति लागल !!

गजल



अडकल छै खुशि सबहक साँसमें
समटल छै दर्द सबहक साँसमें !

चहुँ दिसँ छै तबाही के संजाल
छै भय आ डर हटबाक आसमें !

दुःख आ दर्द क बिच
जीब रहल छै सब त्रासमें !

समाजक लपेटमें लपटल
धुडिअएल छै अपन-अपन बासमें !

गुण्डागर्दी छै कर्तव्य केर नाम पर
मनक बात है लसकल गाँसमें !!
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों