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शनिवार, 6 अगस्त 2011

गजल

लडकीकेँ जाईत नहि होईत छै
लडका अजाईत नहि होईत छै


आन्हर भऽ डुबल अछि जे प्रेममे
ओकरा दिनराईत नहि होईत छै


विवाह, जन्म, मृत्यु, छै देव लिखल
प्रेमक तऽ साईत नहि होईत छै


प्रेमक व्यवहारमे उँच निच की
कियो कोनो पाईत नहि होईत छै


हृदय उछलैछ कहियो आ कतौ
एकर कोनो माटि नहि होईत छै

शनिवार, 16 जुलाई 2011

गजल

प्रस्तुत अछि रोशन झाक गजल



आहाँकेँ दिल जँ धडकैया तऽ धडकय दियौ

आँहाँके आँखि जँ फडकैया तऽ फडकय दियौ


मिटा सकत ने हाथक रेखा मेंहदी कखनो

आँहाँके हाथ जँ थडकैया तऽ थडकय दियौ


भऽ जाईछ बेडी जे पाएरक नुपुरो कखनो

डेग आँहाँके जँ बहकैया तऽ बहकय दियौ


किया दबैछी आँहाँ मनक अरमान अपन

आगि मनके जँ भडकैया तऽ भडकय दियौ


आँहि लए आकुल व्याकुल ग्रीष्म रोशन मन

दुपट्टा तन सँ जँ लडकैया तऽ लडकय दियौ


शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011

गजल



धडकलै छाति राति, बहुत दिन बाद मिता
जरलैय दिया बाति, बहुत दिन बाद मिता

छलैया सुखल जडि जे परुका रौदीमे
फुल फुलैले साईद, बहुत दिन बाद मिता

आब पैर कहाँ धरती उरी आकाश जे हम
निशामे गेलियै माति, बहुत दिन बाद मिता

करै कोनो जोगार, तुही छैं आश हमर
देखहि कोनो साईत, बहुत दिन बाद मिता

देखिते ओकरा मुग्ध भेलै जे गृष्म रोशन
जुडिते गेलै पाँति, बहुत दिन बाद मिता
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों