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गुरुवार, 1 मार्च 2012

गजल

अनचिन्हार ग़जल और हमर कोशिश
मुकाबला में शामिल नय अछि

छलावा आएंख मे तरीका सेहो जमाना वला ,
आय दुःख दैत अछि कैल कखनो हँसे वला ,,

आदैत हमर कउनु पाथर पर लेख जकां ,
समय के साथ हम नय बदैल जाय वला ,,

आंच मे धिप क सोन सँ चमैक जायब ,
होसला हमर नय आइग मे जैर जाय वला ,,

दूरी अहांके अगर निश्चिन्त क सके ,
हम आय कतौ छी दूर निकेल जाय वला ,,

पुरबा इ बसात ओकरा बहे जाय दियौ ,
वो नय हमर मुठ्ठी मे संहिये वला ,,

इश्क मोहबत प्यार वफ़ा की कहबई ,
निशांत जज्बात नय नाम स बजाबय वला ,,,,,,,

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

गजल

खुश रहय के लेल अहांके हजार बहाना अछि ,
कलि स दोस्ती अहांके गुल स अहंक याराना अछि ,,

हमर ख़्वाब तू आसमान स उंच भ जो ,
हमरो आय अपन हौसला कनी आजमायक अछि ,,

साकी तू बस पियेने जो वजह नय पूछ पीये के ,
सबहक दर्द अपन अपन सबहक अपन अफसाना अछि ,,

एक चूक भेल की तोहर ऩजइर स उतैर गेलौ ,
ऐना छौ तोहर आएंख की अदब के पेमाना अछि ,,

ख़ामोशी तन्हाई नाकामी रुसवाई ,
'निशांत ' भेटलौ तोरा मोहबत के नजराना अछि ,,,,
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों