बुधवार, 12 मई 2021

गजल

अपन औकात अनुरूपे विधाता ताकि लेने छी
तमाशामे तमाशा बनि तमाशा ताकि लेने छी

जते तकलहुँ तते भेटल जते भेटल तते छूटल
गरीबक माथपर टाँगल भरोसा ताकि लेने छी

बना दुनियाँ बसा दुनियाँ जहाँ चलि गेल छै दुनियाँ
तकर पूरा पता लीखल खजाना ताकि लेने छी

नुका राखत कते हमरासँ हमरा सामनेमे ओ
हजारक भीड़मे हुनकर इशारा ताकि लेने छी

मुकरि जेतै कियो कहियो बदलि जेतै कियो कहियो
अही कारणसँ हमहूँ ई सहारा ताकि लेने छी

सभ पाँतिमे 1222-1222-1222-1222 मात्राक्रम अछि। ई बहरे हजज मोसम्मन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

मंगलवार, 11 मई 2021

गजल

उजड़ल धरती उजड़ल गगन
जनता जानक भेलै हवन

झाँपल नेहक उघरल विरह
टुक टुक ताकै दू गो नयन

छै पावन भारत भूमिपर
संसद माने भड़ुआ भवन

बाहर योगासन साधि कऽ
भीतर केलक बहुते पतन

किछु शब्दे जीतै के कते
जे जे जीला तिनका नमन

सभ पाँतिमे 22-22-22-12 मात्राक्रम अछि। चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृतक परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

गुरुवार, 6 मई 2021

गजल

आर सिस्टम पार सिस्टम
मारि देलक सार सिस्टम

हाथ चाबुक जेब भारी खूजि गेलै द्वार सिस्टम

के नदी छै के समुंदर
बाप छै ई धार सिस्टम

नीक कहियो भेल हेतै
आब भेलै भार सिस्टम

बाँझ खेतक मोन अतबे चोख चाही फार सिस्टम

सभ पाँतिमे 2122-2122 मात्राक्रम (बहरे रमल मोरब्बा सालिम वा बहरे रमल सालिम चारि रुक्नी) अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। आर जिलेबी पार जिलेबी ई हमर लिखल बहुत पुरान गजल अछि जकर प्रयोग एहिमे हम केलहुँ।

बुधवार, 5 मई 2021

गजल

जहिया एलै जहिया गेलै
खतरा एलै सुविधा गेलै

हुनको नै कहि सकलै झुट्ठा
हमरो बाजल पतिया गेलै

सरकारक संगे अइ देशक
सरबा सिस्टम सठिया गेलै

देहक तागति बँचले बाँचल
नमरल खर्चा निहुरा गेलै

अतबो सुधि रहलै दैता लग
किछु बुझि लाजे कठुआ गेलै

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021

गजल

फरेबक नियम मुँहजबानी बतेलक
मरबकेँ विकासक निशानी बतेलक

अपन खर्चकेँ मानि बैसल जरूरति
हमर खर्चकेँ ओ फुटानी बतेलक

जखन तर्क मँगलहुँ तकर बाद बुझलहुँ
अपौरुष कहीं आसमानी बतेलक

नरेटी दबेलक कियो आबि चुप्पे
कियो आबि चुप्पे कहानी बतेलक

कनी बात ठोकर सिखा गेल हमरा
कनी बात ई बुद्धिमानी बतेलक

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

 

मंगलवार, 27 अप्रैल 2021

गजल

बात बाजै जोर चोट्टा
देश बेचै चोर चोट्टा

आँखिमे की छै गरीबक
बाँचि गेलै नोर चोट्टा

आस खेलक साँझ सभहक
खून पीतै भोर चोट्टा

एक गुड्डी छटपटेलै
तोड़ि देलक डोर चोट्टा

लोक मानै लोक जानै
लोक छै लतखोर चोट्टा

सभ पाँतिमे 2122-2122 मात्राक्रम (बहरे रमल मोरब्बा सालिम वा बहरे रमल सालिम चारि रुक्नी) अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2021

गजल

दुनियाँ बहुते क्रूर महोदय
सपना चकनाचूर महोदय

आनक नाँगरि देखि हँसू नै
देखू अपनो खूर महोदय

अपराधी ओ भूख अशिक्षा
सभटा अछि मंजूर महोदय

कोना जरलै गाम पता नै
चुप्पे रहलै घूर महोदय

सुविधा गेलै बाँस बरेली
कत्ते मूनब भूर महोदय

सभ पाँतिमे 22-22-21-122 मात्राक्रम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

रविवार, 11 अप्रैल 2021

गजल

जीवन बहुत रसदार छै
बस एकटा खौकार छै

निंदा परोसत बेर बेर
दुनियाँ बहुत दिलदार छै

मतलब निकालत मतलबी
मोनो हमर तैयार छै

छै भीखपर सेना मुदा
सुविधा सहित सरदार छै

किछु हाट आ किछु वस्तु छै
किछु लोक बस पैकार छै

सभ पाँतिमे 2212-2212 मात्राक्रम अछि। ई बहरे रजज मोरब्बा (दू) सालिम बहर अछि। दोसर शेरक पहिल पाँतिक अंतम लघु छूटक तौरपर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

बुधवार, 31 मार्च 2021

गजल

नौकर लग मजबूरी नमहर
मालिक लग छै पूँजी नमहर

बैसल गानै दाने दाना
भरले पेटक रोटी नमहर

बेरा बेरी घिरना पसरै
नेहक छै मंजूरी नमहर

हमहूँ देखल चानन लेपल
पाखंडी के वेदी नमहर

अपना देशक अतबे लीला
भूखल लग छरछोबी नमहर

"छरछोबी" मैथिलीमे प्रचलित नै अछि। एकर मतलब छै पैखानाक खत्ता। सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। बहरे-मीर। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

सोमवार, 22 मार्च 2021

गजल

अहिँक आश हमरा मदन हे मुरारी
हरू आब विपदा मदन हे मुरारी

सरस रास रचलहुँ नवल नेह गछलहुँ
घटल दिव्य घटना मदन हे मुरारी

हरषि हाल कहलक निजे निज कदम्बक
विमल धार जमुना मदन हे मुरारी

अपन आन कहलक कियो ने जगतमे
मुदा एक विधना मदन हे मुरारी

हुनक बोल सुनिते हमर पाप भागल
मधुर बोल बजना मदन हे मुरारी

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शुक्रवार, 19 मार्च 2021

गजल

विदित भेल अजुका समाचार सभटा
रहल अंत लेकिन निराधार सभटा

कियो छै खसल आ कियो छै शिखरपर
रचल खेल विधना धुँआधार सभटा

सगर काज देखू लकड़पेंच लागल
अपन आन संसार बेकार सभटा

कलापर टका केर दाबी बहुत छै
मधुर माछ मदिरा चिलम आर सभटा

कहीं एक दुनियाँ बसेने रही हम
मुदा कर्म बनलै हवलदार सभटा

हजूरक महलमे कते बाजि सकितहुँ
रहल बेरपर चुप वफादार सभटा

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

मंगलवार, 16 मार्च 2021

गजल

नमन हे सुपालक नमन हे दिगंबर
जयति हे विनाशक जयति हे विशेश्वर

सहज भक्ति जिनकर सरस शक्ति जिनकर
जयति हे महेश्वर महारुद्र विषधर

अटल छथि अचल छथि विमल छथि उमापति
नमन हे फणीश्वर महाकाल शंकर

जगतमे गगनमे अतलमे वितलमे
सदाशिव महामणि नमन हे जटाधर

महापाप मोचक महादेव भैरव
नमन हे त्रयम्बक जयति हे कलाधर

सभ पाँतिमे 122-122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

सोमवार, 8 मार्च 2021

गजल

बाजै घंटी सोभै आसन
ऊधो पापी लगबै चानन

किम्हर किम्हर भागल घूरत
रामा ताकै देशक शासन

धन्ना सेठक दुन्ना तागति
कबिरा जनता ताकै राशन

गहुमन शोभित मंचक आगू
राधे भाषण देलक धामन

देहक सुविधा मोनक दुविधा
माधव बूझू सजनी साजन

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

रविवार, 28 फ़रवरी 2021

गजल

अगबे उठबै उधबा ठाकुर
अगते चाहै पछता ठाकुर

देहक तागति पुरना चुसलक
मोनक चूसै नवका ठाकुर

की सभ हेतै की नै हेतै
चुप्पे केलक चरचा ठाकुर
बसिया ठाकुर नाली फेकल
आँगन बैसल टटका ठाकुर

अनकर उन्नति बरदास्ते नै
चिन्ते बैसल बड़का ठाकुर

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों