रविवार, 11 अप्रैल 2021

गजल

जीवन बहुत रसदार छै
बस एकटा खौकार छै

निंदा परोसत बेर बेर
दुनियाँ बहुत दिलदार छै

मतलब निकालत मतलबी
मोनो हमर तैयार छै

छै भीखपर सेना मुदा
सुविधा सहित सरदार छै

किछु हाट आ किछु वस्तु छै
किछु लोक बस पैकार छै

सभ पाँतिमे 2212-2212 मात्राक्रम अछि। ई बहरे रजज मोरब्बा (दू) सालिम बहर अछि। दोसर शेरक पहिल पाँतिक अंतम लघु छूटक तौरपर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

बुधवार, 31 मार्च 2021

गजल

नौकर लग मजबूरी नमहर
मालिक लग छै पूँजी नमहर

बैसल गानै दाने दाना
भरले पेटक रोटी नमहर

बेरा बेरी घिरना पसरै
नेहक छै मंजूरी नमहर

हमहूँ देखल चानन लेपल
पाखंडी के वेदी नमहर

अपना देशक अतबे लीला
भूखल लग छरछोबी नमहर

"छरछोबी" मैथिलीमे प्रचलित नै अछि। एकर मतलब छै पैखानाक खत्ता। सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। बहरे-मीर। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

सोमवार, 22 मार्च 2021

गजल

अहिँक आश हमरा मदन हे मुरारी
हरू आब विपदा मदन हे मुरारी

सरस रास रचलहुँ नवल नेह गछलहुँ
घटल दिव्य घटना मदन हे मुरारी

हरषि हाल कहलक निजे निज कदम्बक
विमल धार जमुना मदन हे मुरारी

अपन आन कहलक कियो ने जगतमे
मुदा एक विधना मदन हे मुरारी

हुनक बोल सुनिते हमर पाप भागल
मधुर बोल बजना मदन हे मुरारी

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शुक्रवार, 19 मार्च 2021

गजल

विदित भेल अजुका समाचार सभटा
रहल अंत लेकिन निराधार सभटा

कियो छै खसल आ कियो छै शिखरपर
रचल खेल विधना धुँआधार सभटा

सगर काज देखू लकड़पेंच लागल
अपन आन संसार बेकार सभटा

कलापर टका केर दाबी बहुत छै
मधुर माछ मदिरा चिलम आर सभटा

कहीं एक दुनियाँ बसेने रही हम
मुदा कर्म बनलै हवलदार सभटा

हजूरक महलमे कते बाजि सकितहुँ
रहल बेरपर चुप वफादार सभटा

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

मंगलवार, 16 मार्च 2021

गजल

नमन हे सुपालक नमन हे दिगंबर
जयति हे विनाशक जयति हे विशेश्वर

सहज भक्ति जिनकर सरस शक्ति जिनकर
जयति हे महेश्वर महारुद्र विषधर

अटल छथि अचल छथि विमल छथि उमापति
नमन हे फणीश्वर महाकाल शंकर

जगतमे गगनमे अतलमे वितलमे
सदाशिव महामणि नमन हे जटाधर

महापाप मोचक महादेव भैरव
नमन हे त्रयम्बक जयति हे कलाधर

सभ पाँतिमे 122-122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

सोमवार, 8 मार्च 2021

गजल

बाजै घंटी सोभै आसन
ऊधो पापी लगबै चानन

किम्हर किम्हर भागल घूरत
रामा ताकै देशक शासन

धन्ना सेठक दुन्ना तागति
कबिरा जनता ताकै राशन

गहुमन शोभित मंचक आगू
राधे भाषण देलक धामन

देहक सुविधा मोनक दुविधा
माधव बूझू सजनी साजन

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

रविवार, 28 फ़रवरी 2021

गजल

अगबे उठबै उधबा ठाकुर
अगते चाहै पछता ठाकुर

देहक तागति पुरना चुसलक
मोनक चूसै नवका ठाकुर

की सभ हेतै की नै हेतै
चुप्पे केलक चरचा ठाकुर
बसिया ठाकुर नाली फेकल
आँगन बैसल टटका ठाकुर

अनकर उन्नति बरदास्ते नै
चिन्ते बैसल बड़का ठाकुर

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

गजल

गंगामे नहा नहा कऽ बाजत
पापी सभ ठठा ठठा कऽ बाजत

सीधा लोक केर नग्रमे जे
बाजत से घुमा फिरा कऽ बाजत

जकरा सत्य कहि गुजरि चलै छै
से गर्दनि कटा कटा कऽ बाजत

जक्कर मूँह मौधमे बसल छै
सदिखन से छुआ छुआ कऽ बाजत

कतबो जोड़ि लिअ विवेक संपति
बजनाहर घटा घटा कऽ बाजत

सभ पाँतिमे 2221-212-122 मात्राक्रम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शनिवार, 13 फ़रवरी 2021

भक्ति गजल


मैया हमर जगतारनि कल्याणी 
सबहक अहाँ सुधि लेलौं महरानी 

नै हम मिलब माँ बाटक गरदामे
चिंता किए जेकर माय भवानी  

जग ठोकरेलक सदिखन ढेपासन 
देलौं शरण निर्बलके हे दानी

दर्शन अपन दिअ हे अम्बे माता 
नै सोन झूठक चाही नै चानी

धेलक चरण 'मनु' तोहर हे मैया 
नै आब जगमे ककरो हम जानी 
(मात्रा क्रम : २२१२-२२२-२२२)
जगदानन्द झा 'मनु'

शनिवार, 23 जनवरी 2021

गजल

रामा भोरे सपना देखल हो
रामा सत्ता देशो बेचल हो

अनकर घटनामे ताली थपड़ी
रामा सेहो घटना बीतल हो

छै हुनकर कोरा दुष्टक बैसक
रामा सधुआ अलगे फेकल हो

नग्रक खेला अलबेला खेला
रामा गामक सेहो देखल हो

जे रचतै से बचतै दुनियाँमे
रामा ताही कारण लीखल हो

सभ पाँतिमे 222-222-222 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। भास पारंपरिक अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

बुधवार, 20 जनवरी 2021

आशीष अनचिन्हारक सभ गजल एकैठाम (3)

1

गलल छै पाथर मोमक दुनियाँमे
कहाँ किछु साबुत मोहक दुनियाँमे

फरेबे भेटल दोसक दुनियाँमे
इलाजो नै छै चोटक दुनियाँमे

नियम निष्ठा बचि जेतै हमरे लग
जरूरी नै छै पेटक दुनियाँमे

चला देबै दौड़ा देबै तैयो
रहत ओ फेरो लोथक दुनियाँमे

बहुत बड़का ई जादू छै हुनकर
पिया देने छै ओसक दुनियाँमे

मिटाबै हमरा सदिखन ई कहि जे
कियो ने पढ़तौ तेजक दुनियाँमे

सभ पाँतिमे 1222-222-222 मात्राक्रम अछि। ई बहरे गोविन्द अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

2

रामा भोरे सपना देखल हो
रामा सत्ता देशो बेचल हो

अनकर घटनामे ताली थपड़ी
रामा सेहो घटना बीतल हो

छै हुनकर कोरा दुष्टक बैसक
रामा सधुआ अलगे फेकल हो

नग्रक खेला अलबेला खेला
रामा गामक सेहो देखल हो

जे रचतै से बचतै दुनियाँमे
रामा ताही कारण लीखल हो

सभ पाँतिमे 222-222-222 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। भास पारंपरिक अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

3

गंगामे नहा नहा कऽ बाजत
पापी सभ ठठा ठठा कऽ बाजत

सीधा लोक केर नग्रमे जे
बाजत से घुमा फिरा कऽ बाजत

जकरा सत्य कहि गुजरि चलै छै
से गर्दनि कटा कटा कऽ बाजत

जक्कर मूँह मौधमे बसल छै
सदिखन से छुआ छुआ कऽ बाजत

कतबो जोड़ि लिअ विवेक संपति
बजनाहर घटा घटा कऽ बाजत

सभ पाँतिमे 2221-212-122 मात्राक्रम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

4

अगबे उठबै उधबा ठाकुर
अगते चाहै पछता ठाकुर

देहक तागति पुरना चुसलक
मोनक चूसै नवका ठाकुर

की सभ हेतै की नै हेतै
चुप्पे केलक चरचा ठाकुर
बसिया ठाकुर नाली फेकल
आँगन बैसल टटका ठाकुर

अनकर उन्नति बरदास्ते नै
चिन्ते बैसल बड़का ठाकुर

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

5

बाजै घंटी सोभै आसन
ऊधो पापी लगबै चानन

किम्हर किम्हर भागल घूरत
रामा ताकै देशक शासन

धन्ना सेठक दुन्ना तागति
कबिरा जनता ताकै राशन

गहुमन बैसल आगू पाछू
राधे भाषण देलक धामन

देहक सुविधा मोनक दुविधा
माधव बूझू सजनी साजन

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 


6

विदित भेल अजुका समाचार सभटा
रहल अंत लेकिन निराधार सभटा

कियो छै खसल आ कियो छै शिखरपर
रचल खेल विधना धुँआधार सभटा

सगर काज देखू लकड़पेंच लागल
अपन आन संसार बेकार सभटा

कलापर टका केर दाबी बहुत छै
मधुर माछ मदिरा चिलम आर सभटा

कतौ एक दुनियाँ बसेने रही हम
मुदा कर्म बनलै हवलदार सभटा

हजूरक महलमे कते बाजि सकितहुँ
रहल बेरपर चुप वफादार सभटा

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

7

नौकर लग मजबूरी नमहर
मालिक लग छै पूँजी नमहर

बैसल गानै दाने दाना
भरले पेटक रोटी नमहर

बेरा बेरी घिरना पसरै
नेहक छै मंजूरी नमहर

हमहूँ देखल चानन लेपल
पाखंडी के वेदी नमहर

अपना देशक अतबे लीला
भूखल लग छरछोबी नमहर

"छरछोबी" मैथिलीमे प्रचलित नै अछि। एकर मतलब छै पैखानाक खत्ता। सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। बहरे-मीर। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

8

जीवन बहुत रसदार छै
बस एकटा खौकार छै

निंदा परोसत बेर बेर
दुनियाँ बहुत दिलदार छै

मतलब निकालत मतलबी
मोनो हमर तैयार छै

छै भीखपर सेना मुदा
सुविधा सहित सरदार छै

किछु हाट आ किछु वस्तु छै
किछु लोक बस पैकार छै

सभ पाँतिमे 2212-2212 मात्राक्रम अछि। ई बहरे रजज मोरब्बा (दू) सालिम बहर अछि। दोसर शेरक पहिल पाँतिक अंतम लघु छूटक तौरपर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों