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रविवार, 26 अप्रैल 2026

अपने एना अपने मूँह-50

जनवरी २०२५ मे कुल दू टा पोस्ट भेल जाहिमे आशीष अनचिन्हारक एक पोस्टमे अपने एना अपने मूँह अछि आ जगदानंद झा 'मनु' केर एक टा गजल अछि।

फरवरी एवं मार्च २०२५ मे कोनो पोस्ट नहि अछि।

अप्रैल २०२५ मे कुल एक टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक एक गजल अछि।

मइ २००५ मे कुल ५ पोस्ट अछि जाहिमे जगदानंद झा 'मनु' केर १ भक्ति गजल, १ रुबाइ, १ भक्ति रुबाइ एवं २ टा गजलक भीडियो अछि। 

जून २०२५ मे कोनो पोस्ट नहि अछि।

जुलाइ २०२५ मे कुल १ टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक १ गजल अछि।

अगस्त २०२५ मे कोनो पोस्ट नहि अछि।

सेप्टेम्बर २०२५ मे १ पोस्टमे जगदानंद झा 'मनु' केर १ टा गजल अछि।

अक्टूबर २०२५ मे १ टा पोस्ट भेल जाहिमे आशीष अनचिन्हारक १ टा गजल अछि।

नवंबर २०२५ मे १ टा पोस्ट भेल जाहिमे आशीष अनचिन्हारक १ टा गजल अछि।

दिसंबर २०२५ मे ३ पोस्ट भेल जाहिमे आशीष अनचिन्हारक २ टा गजल एवं जगदानंद झा 'मनु' केर १ टा गजल अछि।

बुधवार, 24 दिसंबर 2025

गजल

झूठ रहि जाइ छै गरीबक कल्पना
सत्य बनि जाइ छै अमीरक कल्पना

मेहनति बाद किछु नै भेटै छै जखन
लोक तखने करै नसीबक कल्पना

चुप रहल सभ हरेक विपदामे हमर
देश छै बौक आ बहीरक कल्पना

कल्पनाशीलता भरल पेटक नियति
पेट खाली तखन अचानक कल्पना

नौकरीमे रहै परेशानी बहुत
नै कऽ सकलै कियो शरीरक कल्पना

सभ पाँतिमे 212-212-122-212 मात्राक्रम अछि। गजलक मान्य छूट लेल गल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

गुरुवार, 11 दिसंबर 2025

गजल

जिनका मानू जते सिनेही
तिनकर लच्छन तते झमेली

कोना बनलै महल अटारी
जनता लग ई परम पहेली

अइ दुनियाँ केर अतबे नियम
छूटै सभहक सखी सहेली

देखियौ बुझियौ हुनक नसीब
चंदन चौकी चिकन चमेली

देशक जनता पाँच दस देखि
अतबेपर ई वयस गमेली

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

बुधवार, 19 नवंबर 2025

गजल

अन्याय केर महिमा खूब गाउ सर
फेर उपदेश केर तान सुनाउ सर

के कहैए अहाँ भ्रष्टाचारी छी
बस अहिना सस्ता दरपर बिकाउ सर

फल्लाँ नेता करबे करता विकास
एहन फालतू बात सभ हटाउ सर

मलाइ छेना रसगुल्ला रसमलाइ
घोंटलहुँ अहाँ कत्ते से गनाउ सर

हमर गजलमे अहाँक नामे नै अछि
सुनि कऽ हमर शेर अहाँ नहि लजाउ सर

सभ पाँतिमे 22-22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

गजल

सदिखन अपने सन लागत समूह
चुप्पे चुप मूडी काटत समूह

नै बाजब से सिखने छी अहींसँ
इम्हर उम्हर छै आहत समूह

बल धन संपति ओ विद्या विवेक
सभ किछु कम हो से चाहत समूह

ढौआ कम भेने कहता कुपात्र
आ ढौआ रहने चाटत समूह

जेना जेना करबै नीक काज
बस तेना तेना छाँटत समूह


सभ पाँतिमे 22-22-22-2-121 मात्राक्रम अछि। ई बहरे लोचन अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

रविवार, 5 जनवरी 2025

अपने एना अपने मूँह-49

जनवरी २०२४ मे कुल दू टा पोस्ट भेल जाहिमे आशीष अनचिन्हारक दू टा गजल अछि।

फरवरी २०२४ मे कुल दू टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक दू टा गजल अछि।

मार्च २०२४ मे कुल तीन टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक दू पोस्टमे एक गजल आ एक रुबाइ अछि। आशीष अनचिन्हारक १ पोस्टमे १ टा भक्ति गजल अछि।

अप्रैल २०२४ मे कुल दू टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक एक गजल आ एक रुबाइ अछि।

मइ एवं जून २०२४ मे कोनो पोस्ट नहि अछि।

जुलाइ २०२४ मे कुल दू टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक एक गजल आ एक रुबाइ अछि।

अगस्त आ सेप्टेम्बर २०२४ मे कोनो पोस्ट नहि अछि।

अक्टूबर २०२४ मे दू पोस्ट भेल जाहिमे एक पोस्टमे जगदानंद झा मनुक एक गजल अछि। आ आशीष अनचिन्हारक एक पोस्टमे अपने एना अपने मूँह अछि।

नवंबर २०२४ मे दू पोस्ट भेल जाहिमे दू पोस्टमे जगदानंद झा मनुक गजलक भीडियो देल गेल अछि।

दिसंबर २०२४ मे ४ पोस्ट भेल जाहिमे चारि पोस्टमे जगदानंद झा मनुक एक-एक टा रुबाइ अछि, एकटा गजल अछि आ एकटा पोस्टमे गजलक भीडियो देल गेल अछि।

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2024

अपने एना अपने मूँह-48

जनवरी २०२३ मे अनचिन्हार आखरपर कुल 5टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदनांद झा मनु केर तीन पोस्टमेसँ  १टा गजल, १ टा भक्ति गजल आ १ टा पोस्टमे २५ टा रुबाइ देल गेल अछि। आशीष अनचिन्हार २ पोस्टमेसँ १ टा भक्ति गजल आ १ टा आलेख अछि।

फरवरी २०२३ मे कुल छह टा पोस्ट भेल जाहि जगदानंद झा मनुक २ टा पोस्टमेसँ १ मे गजल आ दोसरमे भक्ति गजल पोस्ट भेल। आशीष अनचिन्हारक चारि पोस्टमेसँ तीनमे गजल आ एकटामे भक्ति गजल देल गेल।

मार्च २०२३ मे कुल १ टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक १ टा गजल अछि।

अप्रैल २०२३ मे कोनो पोस्ट नहि भेल।

मइ २०२३ मे कुल १ टा पोस्ट भेल जाहिमे आशीष अनचिन्हारक १ टा गजल अछि।

जून २०२३ मे कुल १ टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक १ टा गजल अछि।

जुलाइ २०२३ मे कुल १ टा पोस्ट भेल जाहिमे आशीष अनचिन्हारक १ टा गजल अछि।

अगस्त २०२३ मे कुल १ टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक १ टा गजल अछि।

सेप्टेम्बर २०२३ मे कुल २ टा पोस्ट भेल जाहिमे आशीष अनचिन्हारक २ टा गजल अछि।

अक्टूबर २०२३ मे अनचिन्हार आखरपर कुल 5टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदनांद झा मनु केर तीन पोस्टमेसँ  १ टा पोस्टमे गजल, दोसर पोस्टमे १ टा रुबाइ, तेसर पोस्टमे १ टा भक्ति रुबाइ अछि। आशीष अनचिन्हारक २ टा पोस्टमे दू टा गजल अछि।

नवम्बर २०२३ मे कुल छह टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक ५ टा पोस्ट अछि जाहिमे २ टा पोस्टमे २ टा भक्ति रुबाइ, २ टा पोस्टमे दू रुबाइ आ १ टा पोस्टमे एक गजल अछि। आशीष अनचिन्हारक एक पोस्टमे १ टा गजल अछि।

दिसम्बर २०२३ मे कुल १ टा पोस्ट भेल जाहिमे जगदानंद झा मनुक १ टा गजल अछि।

मंगलवार, 30 जुलाई 2024

गजल

जकरा केलहुँ अपना बुझि
से सभ भागल अनका बुझि

हमरा गेने घाटा छनि
नहिए गेलहुँ दुविधा बुझि

बजने हेतै किछु ने किछु
चुप्पे रहलै खतरा बुझि

असगर रहलहुँ आँगनमे
लोको देखै मजमा बुझि

हेता ओ साँचक मुरती
जनता पहुँचल चमचा बुझि

सभ पाँतिमे 22-22-22-2 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

रविवार, 28 अप्रैल 2024

गजल

वीर छी हमहीं से सुना गेलै
काज पड़िते मुदा सिता गेलै

छै चलनसारि देशमे बहुते
केलहो काज किछु गना गेलै

अंत धरि रोकलहुँ मुदा तैयो
आँखिमे नोर झिलमिला गेलै

ताकमे दुख रहै जे टुटि जेतै
धैर्यमे देखि ओ पिता गेलै

लोक उम्मेद रखने अछि फाजिल
एक हम छी जकर छिना गेलै

सभ पाँतिमे 212-212-1222 मात्राक्रम अछि। किछु पाँतिमे मान्य छूट लेल गेल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

शुक्रवार, 8 मार्च 2024

गजल

 ॐ

सरल शुद्ध सुंदर महादेव शंकर
निरंकार शंकर महादेव शंकर

ॐ
विरूपाक्ष कैलाश वासी गिरिश्वर
कपाली भयंकर महादेव शंकर

ॐ
जटाजूट गंगा तिलक संग चंदा
बड़द संग अजगर महादेव शंकर

ॐ
भरल भूत आँगन मरल बाघ आसन
सकल काज दुष्कर महादेव शंकर

ॐ
कहींपर सजल छथि कहींपर रचल छथि
कहींपर दिगंबर महादेव शंकर

ॐ
सुनाबथि कहानी सरस बनि भवानी
सहज छथि दयाकर महादेव शंकर

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

मंगलवार, 30 जनवरी 2024

गजल

किछु नै कहलक ओ कहियो कऽ
हमहूँ नै बुझलहुँ बुझियो कऽ

दुश्मन यदि हो अपने लोक
रहि सकबै कोना हटियो कऽ

जे जे रहलै हुनका संग
ओकर गिनती नै रहियो कऽ

लिखलहुँ हम जेहन जे पाँति
अपनो नै बुझलहुँ लिखियो कऽ

सारापर करतै जयकार
लेखककेँ नै सुख मरियो कऽ

सभ पाँतिमे 22-22-22-21 मात्राक्रम अछि। ई बहरे विदेह अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शुक्रवार, 5 जनवरी 2024

गजल

ओ छल सदति दुश्मन मुदा
पहुँचल हमर आँगन मुदा

कोबर भने हो काल्पनिक
छै सत्य ई परिछन मुदा

पसरत जहाँ हिंसा कपट
चौपट तहाँ जीवन मुदा

किछु फर्क हेतै मानि लेल
हम देखलहुँ अनमन मुदा

केने रही बस आस किछु
पाछू रहल परिजन मुदा

हो आइ या की काल्हि धरि
हेबे करत गंजन मुदा

सभ पाँतिमे 2212-2212 मात्राक्रम अछि। ई बहरे बहरे रजज मोरब्बा सालिम अछि। गजलक चरिम शेरक पहिल पाँतिमे मान्य छूट लेल गेल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

गुरुवार, 23 नवंबर 2023

गजल

सबूतक कमी नै निशानक कमी नै
दरेगक कमी छै फरेबक कमी नै

रहल लाश सड़िते हमर संग अनको
चिता के कमी या जमीनक कमी नै

कहींपर बुझौअलि कहींपर पहेली
समय साल कोनो रहस्यक कमी नै

कतौ भूख नै छै कतौ रोग नै छै
कहत बात ईहो गवाहक कमी नै

सही लेल दुनियाँ अभावे गनेलक
गलत लेल देखू कुबेरक कमी नै

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2023

गजल

रसिकता छै बहुत बेसी जमानामे
आ लुच्चा छै बहुत बेसी जमानामे

हमर हक मारि बैसल छै हगलगंडा
कमीना छै बहुत बेसी जमानामे

असली भूख लगने भेटि जेतै रस
गुजारा छै बहुत बेसी जमानामे

गलत गलते रहत सभदिन सही कारण
तरीका छै बहुत बेसी जमानामे

कहल आ बेकहल दुन्नू दिशा देखू
नमूना छै बहुत बेसी जमानामे

घटल छै लक्ष्य दुनियाँमे मुदा इम्हर
निशाना छै बहुत बेसी जमानामे

घटा देलक हटा देलक मिटा देलक
तमाशा छै बहुत बेसी जमानामे

जरूरी नै जे हुनके लग दया बाँचल
विधाता छै बहुत बेसी जमानामे


सभ पाँतिमे 1222-1222-1222 मात्राक्रम अछि। ई बहरे हजज मोसद्दस सामिल अछि (एकरा बहरे हजज सालिम छह रुक्नी सेहो कहल जाइत छै)। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2023

गजल

श्यामल सुंदर हियधर राजा
राघव राजा प्रियवर राजा

कौशल्या प्रिय दशरथ नंदन
चंदन लेपित मधुकर राजा

श्री सीतापति हनुमत सेवित
भ्राता पूजित जयकर राजा

शाश्वत वेदात्मा परमात्मा
सभ गुण आगर हरिहर राजा

देव उचारै राम रमाकर
लोक उचारै रघुवर राजा


-अनचिन्हार

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। दू अलग-अलग लघुकेँ एक दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि। ई बहरे-मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

मंगलवार, 26 सितंबर 2023

गजल

आर या पार किछु तऽ हेतै
बीच दरबार किछु तऽ हेतै

मारि भेलै मुदा तकर जड़ि
कवि पुरस्कार किछु तऽ हेतै

काज ओकर भऽ जाइ पूरा
तेज तर्रार किछु तऽ हेतै

घीचि रहलै समय समयपर
डीह डिहबार किछु तऽ हेतै

काटि देने रहै भिरा कऽ
जीह तलवार किछु तऽ हेतै


सभ पाँतिमे 212-212-122 मात्राक्रम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

सोमवार, 25 सितंबर 2023

गजल

आइ राजा उदास रहतै
काल्हि चमचा उदास रहतै

आब के केकरा धऽ बैसत
आस अहिना उदास रहतै

बालु गिद्टी खसल पड़ल छै
घास पथिया उदास रहतै

छद्म रस केर आस रखने
रंग रसिया उदास रहतै

छन घड़ी पल पहर मिनट लेल
पूरा महिना उदास रहतै

सभ पाँतिमे 212-212-122 मात्राक्रम अछि। अंतिम शेरक दूनू पाँतिमे गजलक मान्य छूट लेल गेल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

 

गुरुवार, 14 सितंबर 2023

गजल

आबि सभटा गेल अहिना
चलि रहल धुरखेल अहिना

तेज घसकल काज भेने
छै सटल बकलेल अहिना

लोक देखाँउस करैए
घटि रहल छै तेल अहिना

सत्य माँगै त्याग बहुते
झूठ ठेलमठेल अहिना

माटि ईगो खाद कुंठा
बढ़ि रहल विषबेल अहिना

सभ पाँतिमे 2122-2122 मात्राक्रम अछि। ई बहरे रमल मोरब्बा सालिम वा बहरे रमल सालिम चारि रुक्नी अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

सोमवार, 24 जुलाई 2023

गजल

अपन दूरी अपने नपैए टिटिम्भा
बुड़ित्वक शिखर सन लगैए टिटिम्भा

हरा ने सकब ओकरा मानि लिअ ई
समाजक बलें जे जिबैए टिटिम्भा

रहै लोभ बहुतक तही लेल देखू
धनी केर जुत्ता चटैए टिटिम्भा

अगम बाटपर सत्य साधक चलै छथि
सुगम बाटपर उड़ि चलैए टिटिम्भा

गरीबी कनेने रहै ओकरा तँइ
गरीबक शिकारी बनैए टिटिम्भा

हमर हो अहाँ केर हो वा कि किनको
सदति मोनमे बसि रहैए टिटिम्भा

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि। मतलामे मान्य छूट लेल गेल अछि। ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

सोमवार, 22 मई 2023

गजल

जइ समय जइ काल दुश्मन जा रहल छल जान लेने
ठीक तखने दोस पहुँचल ढेर ढाकी ज्ञान लेने

पाइ जेबीमे नै रहने बुझि लियौ उन्टे रहत गति
मूँह पाकत पानि पीने हाथ पाकत चान लेने

ओकरा हमहीं सिखेलहुँ रूप बदलब रंग बदलब
अंतमे चलि गेल हमरे मूँह हमरे कान लेने

मूर्ख चुनि लिअ यदि अहाँकेँ अछि जगतमे सुखसँ रहबाक
खूब पछताइत रहब हमरे जकाँ विद्वान लेने

नौकरीसँ प्राण बाँचल छै गरीबक बात मानू
देखि लिअ हालति हुनक जे सभ रहथि खरिहान लेने

सभ पाँतिमे 2122-2122-2122-2122 मात्राक्रम अछि। ई बहरे रमल मोसम्मन महजूफ़ अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। दू शेरमे गजलक मान्य छूट लेल गेल अछि। 

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों