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रविवार, 6 नवंबर 2011

गजल

हमर घरक भीत लाईग छोट सन बाट
बाटक ध कगनी हुनक ताकि हम बाट

चान सुरुज देखि देखि घोर भेल नैना
जिनगीक चान आई उगती ई बाट

हसोथब कोना हुनक रूपक इजोत के
टहाटही अभरत आई इजोर ई बाट

हमरे सन हुनको भेल हेतैन धकमकी
देखि देखि इ सब मुसुकी देत ई बाट

हुनके गछेर हम कह्बैन निजगुत
जरे जरे काटब जिनगीक ई बाट

स स्नेह -विकाश "मैथिल"

गुरुवार, 3 नवंबर 2011

गजल




बतहा बसात सन टौआइत हमर जिनगी
मेंहक बरद सन थौआईत  हमर जिनगी

बिपदाक टाल हमर जिनगीक दालान पर
सूखक कबाउछ में हौआइत हमर जिनगी

झहरैत मेघ थिक सब हमर मोनक मनोरथ
डालिक अरहुल सन मौलाइत हमर जिनगी

नोरक डबरा हमर जिनगीक आँगन में
काठक असरा सन घुनाइत हमर जिनगी

नेहक आतुर हमर जिनगीक भोर सांझ
सिनेहक सपना में बौआइत हमर जिनगी

स स्नेह
विकाश झा

बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

गजल

हमर मोनक अहीं गूगल अहीं युआरेल छि
अहींक प्रेमक स्क्रैप सौं हमर भरल गीमेल छि !

ऑरकुट पर मुँह ठोर अइछ कने दोसर रंग
फेसबुक पर तेसरे रंग इ कोन खेल छि !

विडियो में चैट खातिर लेलौं हम थ्री गी
पोप केलक मेसेज अहाँ बीजी भ गेल छि !

आईटी सन सैद्खन अपडेटेड अहाँक स्टेटस
विन्डोजक प्रोसेसर में अहाँ एप एन्ड्रोआईड छि !

नेटवर्कक् अई माया सौं तरंगित अइ तन मन
अहीं जिनगीक प्रोग्रामक सॉफ्टवेर भ गेल छि !

स स्नेह
विकाश झा

गुरुवार, 22 सितंबर 2011

रुबाइ

तोहर नेहक ताग में उरी हम गुड्डी जेना ,
तोरा देखी त फुदकी हम फुद्दी जेना !
हम तोरे लय जितिया हरिबासल केलौं,
तोहर रूपक इजोत अरबा खुद्दी जेना.!!

बुधवार, 18 मई 2011

गजल

कोहबर के घाम महैंक उठल मौह सन
रुचलौं आहाँ राईत गुदगर रौह सन !

चतुर्थी अबैत बेस भेलौं समर्थ
पाकल यौवन भातिक लौह सन !

पाटिया बनल पट्काक अखारा
टसक्लौं ने आहाँ नबका चौह सन !

भोरे बिधकरी जे केलैन खखाश
चुप्पे मठेरलौं बतही पुतौह सन !

अहिबातलक पातिल सेहो मिंझा गेल
सांसक बिर्रो छल नागक फौंह सन !

शनिवार, 14 मई 2011

रुबाइ


यौवन मचान सन गात सोनलत्ती छऊ,
काया कनोजैर सन घाम धूपबत्ती छऊ,
रसगर ठोर तोहर तोरलक सबूर के ,
मातल आँखी बुझ जरदाक पत्ती छऊ!

रुबाइ

आहाँ रूपक भेरियाधसान लागल अई,
छोरा संग बुढबोक आन जान लागल अई
आबो समेटू अपन भाभट दसगरदा
आँगन में घट्कक दलान लागल अई

रुबाइ


कोना कहू कहितो ई लाज होईया ,
बिनु टाका कूटमैतीक ने काज होईया,
सेहनता अई बेटी महफा में बैसती,
किये मैथिल भेलौं ई संताप होईया

रुबाइ


सगर जिनगीक तोरा सौं मीत जोरलौं,
एक दोसरक बेगरता सौं प्रीत जोरलौं
गरबहिंयाँ द दुनु गोटे बन्हलौं सिनेहके
तोहर नेहक गिलेबा सौं भीत जोरलौं

सोमवार, 9 मई 2011

रुबाइ

जिनगी अमोल तोहर कोंख भेटल माँ,
तोरे आँचर में हमरा भरोस भेटल माँ,
सब आफद अनेरे उरल कपूर सन ,
तोहर ममता के जखने बसत भेटल माँ!

गजल

गजल
काइल्ह आँईखक आहँक हम तरेगन छलौं,
आई तरेगन बना किये दूर केलौ !

सब आखर सिनेहक हम गुनैत छलौं
आई आखर किया आहाँ बिसरा गेलौं !

हम एसगर अहिं संग दोसर भेलौं
आई तेसर बना किया आन केलौं !

ठोर आहाँक ने कहियो हम चुम्मा केलौं
आई नोरक किये ठोर चुम्मा देलौं !

तीर तरकस जकाँ संग सैद्खन छलौं,
आई तीरे लगा किये पीर देलौं !!

गुरुवार, 5 मई 2011

रुबाई

हुनक सोह टीसईया काँट बबूर जेना ,
आँईख भिजैईया तारी खजूर जेना ,
हुनके रूपक चिप्पी लगेलौं करेज में,
वो अघाई छईथ कछहरिक हजूर जेना !

रुबाइ


ईशा आ पैगम्बरक झगरा सुनलौं,
अन्हरा जिहाद के फतबा सुनलौं,
सुनलौं निछा गेलई लादेन परसु ,
आई फेर केदन लादेन भेल इ की सुनलौं !

गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

गजल

मोन मुंगबा फुटईया मीत हमर ,
सोझा अबैईथ जखन प्रीत हमर !

हुनक जूट्टी में गूहल भबित हमर ,
हुनक गजरा गछेरने अतीत हमर !

खाम्ह कोरो बनल मोन चीत हमर ,
हुनक लेपट सौं छारल अई भीत हमर !

हुनक नख शिख में नेह निहीत हमर ,
हुनक कोबरे करत मोन तिरपित हमर !

हम हुनके सिनेह ओ सरीत हमर ,
हुनक मुस्की सौं जागे कबीत हमर !

सा- स्नेह
विकाश झा

गजल

मोन मुंगबा फुटईया मीत हमर ,
सोझा अबैईथ जखन प्रीत हमर !

हुनक जूट्टी में गूहल भबित हमर ,
हुनक गजरा गछेरने अतीत हमर !
खाम्ह कोरो बनल मोन चीत हमर ,
हुनक लेपट सौं छारल अई भीत हमर !

हुनक नख शिख में नेह निहीत हमर ,
हुनक कोबरे करत मोन तिरपित हमर !

हम हुनके सिनेह ओ सरीत हमर ,
हुनक मुस्की सौं जागे कबीत हमर !

सा- स्नेह
विकाश झा
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों