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सोमवार, 22 मार्च 2021

गजल

अहिँक आश हमरा मदन हे मुरारी
हरू आब विपदा मदन हे मुरारी

सरस रास रचलहुँ नवल नेह गछलहुँ
घटल दिव्य घटना मदन हे मुरारी

हरषि हाल कहलक निजे निज कदम्बक
विमल धार जमुना मदन हे मुरारी

अपन आन कहलक कियो ने जगतमे
मुदा एक विधना मदन हे मुरारी

हुनक बोल सुनिते हमर पाप भागल
मधुर बोल बजना मदन हे मुरारी

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

मंगलवार, 16 मार्च 2021

गजल

नमन हे सुपालक नमन हे दिगंबर
जयति हे विनाशक जयति हे विशेश्वर

सहज भक्ति जिनकर सरस शक्ति जिनकर
जयति हे महेश्वर महारुद्र विषधर

अटल छथि अचल छथि विमल छथि उमापति
नमन हे फणीश्वर महाकाल शंकर

जगतमे गगनमे अतलमे वितलमे
सदाशिव महामणि नमन हे जटाधर

महापाप मोचक महादेव भैरव
नमन हे त्रयम्बक जयति हे कलाधर

सभ पाँतिमे 122-122-122-122-122 मात्राक्रम अछि आ ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शनिवार, 13 फ़रवरी 2021

भक्ति गजल


मैया हमर जगतारनि कल्याणी 
सबहक अहाँ सुधि लेलौं महरानी 

नै हम मिलब माँ बाटक गरदामे
चिंता किए जेकर माय भवानी  

जग ठोकरेलक सदिखन ढेपासन 
देलौं शरण निर्बलके हे दानी

दर्शन अपन दिअ हे अम्बे माता 
नै सोन झूठक चाही नै चानी

धेलक चरण 'मनु' तोहर हे मैया 
नै आब जगमे ककरो हम जानी 
(मात्रा क्रम : २२१२-२२२-२२२)
जगदानन्द झा 'मनु'

बुधवार, 30 दिसंबर 2020

गजल

विधाता छथि संसारमे राधा
गुजारा छथि संसारमे राधा

कते रहबै रसगर अहाँ तकरे
इशारा छथि संसारमे राधा

रहत कीमत की नेहमे देहक
उतारा छथि संसारमे राधा

अते कोना राखब उसारब हम
खजाना छथि संसारमे राधा

जँ चाही कृष्णक संग दुनियाँमे
सहारा छथि संसारमे राधा

सभ पाँतिमे 1222-22-1222 मात्राक्रम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2020

गजल


सरस रस धार छै जमुना अहीं बुझने रही माधव
नवल नव कुंज वृन्दावन अहीं रचने रही माधव

छलै जे ठूँठ बाँसक देह तकरो प्राण देलहुँ आ
बना बसुरी मधुर रागो अहीं फुकने रही माधव

रहै जे पूतना नामी किसुन वध कामनाधारी
तकर संगे असुर नागो अहीं नथने रही माधव

अधर्मी कंस बड़ भारी तकर सभ पापकेँ मेटल
अपन धर्मक उचित मानो अहीं रखने रही माधव

फँसल छी मोहमायामे मुदा विश्वास रखने छी
कटत भवपाश बंधन से अहीं गछने रही माधव

सभ पाँतिमे 1222-1222-1222-1222 मात्राक्रम अछि। ई बहरे हजज मोसम्मन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

 

शनिवार, 24 अक्टूबर 2020

गजल

चकमक हमरो आँगन मैया एने
गमगम हुनको आँगन मैया एने

नवका आँगन महमह गदगद चहचह
जूटल पुरनो आँगन मैया एने

की छै दुख आ की छै दुनियाँदारी
बिसरल सगरो आँगन मैया एने

बुझलथि दुख आँचरकेँ सुख आँचरकेँ
पिघलल बजरो आँगन मैया एने

जे सभ बाँटैए दुख अइ दुनियाँमे
हो सुख तकरो आँगन मैया एने

सभ पाँतिमे 22-22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

शनिवार, 13 जून 2020

गजल

हरी नाम सुमिरन हरी नाम कीर्तन
हरी नाम पूजन हरी नाम वंदन

हरी नाम माथो हरी नाम चंदन
हरी नाम मूँहो हरी नाम दर्पण

हरी नाम बरतन हरी नाम भोजन
हरी नाम देहो हरी नाम पोषण

हरी नाम धरती हरी नाम मेघन 
हरी नाम गर्मी हरी नाम शीतन

हरी नाम  बाहर हरी नाम आँगन
हरी नाम दुनियाँ हरी नाम जनजन

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि। जनसाधारण लेल हरि केर उच्चारण हरी कएल गेल अछि। सभ भारतीय मानसमे सदासँ उपस्थित अछि हम एकरा मात्र गजलक हिसाबसँ रखलहुँ अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

शनिवार, 6 जून 2020

गजल

इष्ट सीता इष्ट राघव
इष्ट राधा इष्ट माधव

चैत वैशाखक युगल छवि 
अष्टमी छै मास भादव 

आस देलनि रास रचलनि
मुग्ध देवो मुग्ध मानव

नाम रावण नाम कंसे 
नष्ट केलनि दुष्ट दानव 

हित मनुष्यक चाहलथि ओ
एक रघुकुल एक यादव  

सभ पाँतिमे 2122-2122 मात्राक्रम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

मंगलवार, 26 मई 2020

गजल

डोकहर वासिनी ग्रामिणी भगवती 
दुखहरी सुखकरी राज राजेश्वरी

मातृदेवी युगल उर्वरी कामिनी
सुंदरी माधुरी काम कामेश्वरी

शालिनी मालिनी शेखरी रागिनी
रुचिकरी शुचिकरी नाद नादेश्वरी

धर्मदा अर्थदा कामदा मोक्षदा 
जयकरी शुभकरी योग योगेश्वरी

कंकिनी काकिनी कोटरी साधिके
शंकरी सहचरी सर्व सर्वेश्वरी

सभ पाँतिमे 212-212-212-212 मात्राक्रम अछि।

मंगलवार, 12 मई 2020

गजल

नमो मेधा महामाया नमो देवी
नमो भाषा नमो जटिला नमो ब्राह्मी

नमो सीता नमो राधा नमो धन्या
नमो वसुधा नमो अनघा नमो लक्ष्मी

नमो दुर्गा नमो सत्या नमो आद्या
नमो काली नमो चंडी महाकाली 

नमो तारा नमो माँजरि नमो कुसुमा
नमो लोना नमो लखिमा नमो थेरी

नमो गंडक महानंदा नमो गंगा
नमो कमला नमो जीबछ नमो कोशी

सभ पाँतिमे 1222-1222-1222 केर मात्राक्रम अछि। परंपरासँ प्राप्त शब्दकेँ बहरमे सजा देल गेल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

सोमवार, 22 अक्टूबर 2018

गजल

हे जया जगदम्बा जगतारिणी कि जय हो
भगवती कल्याणी भयनाशिनी कि जय हो

कष्ट मोचक कामाक्षी जग सुखस्वरुपा
दुर्गपारा देवी दुखहारिनी कि जय हो

सिंहपर अासित मैया मातृका भवानी
कामिनी व्रह्मा वरदायिनी कि जय हो

इन्द्र दुखमे पुजलक परमेश्वरी अहींके
देव रक्षक अजिता कात्यायिनी कि जय हो

नाम जपलापर भक्तक मृत्यु जाइ छै टरि
शैलपुत्री कालक संहारिनी कि जय हो

रहि हृदयमे कुन्दनपर नित करब करुणा
प्रार्थना अछि र्इ पशुपति भामिनी कि जय हो

212-222-2212-122

© कुन्दन कुमार कर्ण

www.kundanghazal.com

मंगलवार, 29 अगस्त 2017

गजल

हम्मर अँगना मैया एली
गमके चहुदिस अरहुल बेली

धन हम छी धन हम्मर अँगना 
मैया जतए दर्शन देली

आबू बहिना संगी हम्मर 
मैया संगे    सामाँ खेली 

जे किछू अछि एखन हमरा ल'ग 
ओ  सबटा  मैया   द'क  गेली

बड़ भागसँ 'मनु' भेटल अवसर 
मैया अप्पन   चरण लगेली

(सब पाँतिमे आठ-आठटा दीर्घ, मकताक दोसर पाँतिमे दूटा अलग अलग लघुकेँ दीर्घ मानक छूट लेल गेल अछि)
जगदानन्द झा 'मनु'

रविवार, 18 जून 2017

भक्ति गजल

अन्त सभके एक दिन हेबे करै छै
छोडि दुनिया एक दिन जेबे करै छै

मोन आनन्दित जकर सदिखन रहल ओ
गीत दर्दोके समय गेबे करै छै

जै हृदयमे भक्ति परमात्माक पनुकै
बुद्ध सन बुद्धत्व से पेबे करै छै

प्रेम बाटू जीविते जिनगी मनुषमे
मरि क' के ककरोसँ की लेबे करै छै

दान सन नै पैघ कोनो पुण्य कुन्दन
लोक फिर्तामे दुआ देबे करै छै

बहरे-रमल [2122-2122-2122]

© कुन्दन कुमार कर्ण

www.kundanghazal.com

शुक्रवार, 17 मार्च 2017

गजल

भक्ति गजल

आयू पूरल जौबन छूटल
सुत मित दुनियाँ सेहो रूसल

अप्पन अनकर हम्मर हुनकर
अतबेमे ई जीवन बीतल

कोठा सोफा अहिना रहतै
ई चर्चा हमरे नै बूझल

जिनका बुझलहुँ अपना अपनी
अंत समय से टन्ना लूटल

दुरजन डूबल सुविधा रसमे
निरगुण रसमे साधू डूबल

सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि नियम शैथिल्यक तहत।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

सोमवार, 7 नवंबर 2016

गजल

छठि भक्ति गजल

अहाँ आएब यै राना दाइ फेरो
हँ, नै जाएब यै राना दाइ फेरो

बहुत सुख संग अन धन लछमी जरूरे
अहाँ लाएब यै राना दाइ फेरो

हँसी हमरो खुशी हमरो भेटि जेतै
जँ मुस्काएब यै राना दाइ फेरो

दया सदिखन बनेने रहबै तकर आस
तँ देखाएब यै राना दाइ फेरो

गजल लीखत बहुत अनचिन्हार ऐठाँ
अहाँ गाएब यै राना दाइ फेरो

सभ पाँतिमे 1222-1222-2122 मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

रविवार, 6 नवंबर 2016

गजल

छठिक शुभकामना सहित ई भक्ति गजल


नहुँए नहुँ आबथि पबनैतिन
सुरजे सन लागथि पबनैतिन

आस्ते आस्ते जोरे जोरसँ
गीत मधुर गाबथि पबनैतिन

कोशी हाथी छिट्टा पथिया
सभहँक रस जानथि पबनैतिन

पुरबा बहने काँपथि तैयो
पाबनि ई ठानथि पबनैतिन

खरना चाहथि दीनो गानथि
परना नै चाहथि पबनैतिन

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानल गेल अछि

शुक्रवार, 6 मई 2016

गजल

आइ मैया बजेलनि हमरा
अपन दर्शन दिएलनि हमरा

मनक शक्ती सगरो छनमे
आइ मैया दखेलनि हमरा

हुनक महिमा कते छनि भाड़ी
ज्ञानकेँ दिप जरेलनि हमरा

पाप सगरो हमर बिसरा कय
छोट बेटा बनेलनि हमरा

दय क' ममता अपन आँचरकेँ
मनु करेजसँ लगेलनि हमरा
(मात्रा क्रम; 2122-122-22)
जगदानन्द झा 'मनु'

रविवार, 3 अप्रैल 2016

गजल

भक्ति गजल

विधिकेँ हाथ
विधिना साथ

सभहँक नाथ
भोलेनाथ

हुनका आगू
झूकै माथ

तोरा लग नै
कोनो लाथ

किछु भक्तिक तों
चिपड़ी पाथ

सभ पाँतिमे 2221 मात्राक्रम अछि
तेसर, चारिम आ पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि



शुक्रवार, 20 नवंबर 2015

गजल

भक्ति गजल

रामे राम सीताराम
गामे गाम सीताराम

कारी देह उज्जर मोन
श्यामे श्याम सीताराम

डेगे डेग दुर्गा कालि
ठामे ठाम सीताराम

लछमी सरसती आँगनमे
धामे धाम सीताराम

रटि रटि जीह पावन भेल
नामे नाम सीताराम

सभ पाँतिमे 2221-2221 मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिमे अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

रविवार, 20 सितंबर 2015

गजल

भक्ति गजल

भक्ति पियास दियौ हे मैया
मुक्ति हुलास दियौ हे मैया

जय जगतारणि सभ दुख हारणि
सुख के आस दियौ हे मैया

दुखमे डूबल सगरो दुनियाँ
बस उगरास दियौ हे मैया

ज्ञानक जोती हीरा मोती
कंठक भास दियौ हे मैया

बचि जेतै दुनियाँ के लाज
ई बिसबास दियौ हे मैया

सभ पाँतिमे 22+22+22+22 मात्राक्रम अछि।
दूटा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
अंतिम शेरक अंतिम लघुकेँ संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों