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मंगलवार, 11 मार्च 2014

गजल

प्रस्तुत अछि योगानंद हीराजीक ई गजल--

रहू कमल सन सदा सुवासित
बनू मनोहर हवा सुवासित

उड़ै भमर चहुँ दिशा सुनाबै
हमर हुनक ई कथा सुवासित

दुखक झमारल हँसी लुटाबै
अलख जगाबै धरा सुवासित

किनक कने घोघ उठि रहल अछि
हवा करै अंगना सुवासित

चढ़ल गुलाबी निसा कमल सन
भरम हमर कंगना सुवासित

चलू बढ़ू सबजना निमंत्रण
बनी कुसुम हम मुदा सुवासित

सभ पाँतिमे 12+122+12+122मात्राक्रम अछि

सोमवार, 10 मार्च 2014

गजल

प्रस्तुत अछि योगानंद हीरा जीक ई गजल--




हमरहुँ घरमे आयल पाहुन
घर आँगनमे छायल पाहुन

जिनकर खातिर आँखिक पुतरी
छल पथरायल आयल पाहुन

अँगना गमकल कंगना खनकल
घर आयल चोटायल पाहुन

मेना बाजल सुगना नाचल
दीदीकेँ भरमायल पाहुन

कनखी मारै पोसा पिल्ला
देशी मुरगी खायल पाहुन

हीरा जे छल दुबकल घरमे
तरहथपर चमकायल पाहुन

सभ पाँतिमे आठटा दीर्घक प्रयोग अछि।


रविवार, 9 मार्च 2014

गजल

प्रस्तुत अछि योगानंद हीरा जीक गजल--

मोनमे अछि सवाल बाजू की
छल कपट केर हाल बाजू की

दुख सुखक गप्प आब सूनत के
सभ बजा रहल गाल बाजू की

छोट सन चीज कीनि ने पाबी
बाल बोधक सवाल बाजू की

माँग सभहँक ओहिना बड़का
आँखि सभहँक बिड़ाल बाजू की

भाग लिखलक लालट ई मँहगी
हाथ लेलक भुजाल बाजू की

सभ पाँतिमे २१२२-१२-१२२ मात्राक्रम अछि

शनिवार, 23 नवंबर 2013

गजल

प्रस्तुत अछि योगानंद हीरा जीक गजल। हुनक ई गजल प्रबुद्ध सौरभ जीक सहयोगसँ।

देखू बौआ
आयल कौआ

छतपर बैसल
माँगय खोआ

कुचरय आनय
पाहुन कौआ

विरही पीड़ा
जानय कौआ

कानय बौआ
पकड़य कौआ

एके आँखिन
देखय कौआ


सभ पाँतिमे २२२२ मात्राक्रम।
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों