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सोमवार, 31 जनवरी 2022

गजल

चाकर  एक  बेर  राखि  क'  देखू  सभटा  अहाँकेँ टहल करब
पीसब भाँग नित्य आबि क' जे जे कहबै प्रभू हम कहल करब

डरबै  भूत नै  पिसाच  सँ  कहियो  सेवा  सदति  होइते   रहत
रहबै  घर  त'  घर म' सदिखन आ बाहरमे मशानो रहल करब

नंदी   केर   ध्यान  हम  रखबै  भगतै  दौड़िकेँ  जा  क'  रोमबै
दोसर  ठाम  नै  कतौ  हम  जेबै  भरि जीवने हम बहल करब

पूजा  केर  ओरियान  क'  नित्तहुँ देखब तखन और काज हम
नव नव फूल ताकि हेरि क' छोड़ब नै हम चरणमे गहल करब 

मालिक  एतबी  दया  करियौ  ने हे नोकरी पर म' राखि लिअ
कतबो काज माँथ पर रहतै नामे जापि सभ दुख सहल करब 


                                  
मात्राक्रम अछि २२२१-२१२१-१२२२-२१२२-१२१२

अभिलाष ठाकुर

सोमवार, 26 जुलाई 2021

गजल

 गजल


भूख  की   की   नै  करा  दै  छै

सुस्तके   कोसो  चला   दै    छै


भाग्य रहितो कर्म बिनु किछु नै

बात   ई   गीता   बुझा   दै   छै


पीब'   खातिर   छै   शराबे   नै

आँखिए   हुनकर  मता   दै  छै


साधिजे   संकल्प    रखने   छै

दृष्टिए   ओकर   बता    दै   छै


कालके  आगू   चलल  ककरा

केहनो   गरदनि  झुका  दै   छै


           ✍️ अभिलाष ठाकुर

मात्राक्रम अछि 2122-212-22

सभ पाँतिमे! सुझाव आमंत्रित अछि 💐

बुधवार, 21 जुलाई 2021

गजल

 गजल


समय पुरनो घाव जगा दैत छै बेर बेर

अपन छै वा आन बता दैत छै बेर बेर


हजारो बेरक दुखके जे रखै नै हिसाब

चुरुक भरि उपकार गना दैत छै बेर बेर


प्रयासे छै जीवनमे लक्ष्यकेँ प्राप्ति द्वार

समस्या ओ जड़ि सँ हटा दैत छै बेर बेर


शराबी छै से कहि बदनाम छै कैक ठाम

गरीबी  जमि   केर  टगा  दैत छै बेर बेर


कते आ ककरा रहलै धन कहू ने जमैल

पढू  ने  इतिहास  बता  दैत  छै  बेर बेर


            ✍️ अभिलाष ठाकुर


मात्राक्रम अछि 1222-2112-212-2121

सभ पाँतिमे! सुझाव आमंत्रित अछि 💐

रविवार, 4 जुलाई 2021

गजल

गाम नै गाम शहर भेल जाइ छै
माय नै माय मदर भेल जाइ छै

केहनो छै कनियाँ नीक छै बहुत
बोल पप्पा क जहर भेल जाइ छै

भोट देबै ल' क' टाका यदा कदा
तैं न सरकार निडर भेल जाइ छै

छै अबैया हुनकर दुख कही कते
खूब बैमान पहर भेल जाइ छै

काफिया सँग म' रहने रदीफकेँ
जीवनक डोर बहर भेल जाइ छै

मात्राक्रम अछि 2122-1122-1212

शुक्रवार, 25 जून 2021

गजल

लुटाबी कते
बचाबी कते

बहुत गप्प छै
सुनाबी कते

नयन जे कहै
नुकाबी कते

करेजा अपन
दुखाबी कते

बचै नै तखन
कमाबी कते

हुनक यादमे
बहाबी कते

122-12

गुरुवार, 24 जून 2021

गजल

कर्मक चक्का रूकए नै
आशक पैडिल टूटए नै

सत्यक पथमे कष्ट रहतै
हिम्मत कखनो छूटए नै

जीवक हत्या जे करै छथि
गरदनि माला शोभए नै

जकरा जत्ते भूख तहिना
तकरा कहियो पूरए नै

विद्या धन सन कोन धन छै
चोरो डाकू लूटए नै

(2222-2122)

मंगलवार, 22 जून 2021

गजल

के छै अप्पन के छै आन
कनियो नै अछि तक्कर भान

गलती नै छै झाँपै जोग
कसगर तखने पकड़ी कान

रहती घरमे लक्ष्मी खूब
कहियो कहियो करियौ दान

गरदनि निच्चा राखू थोड़
सभठां तैं भेटत सम्मान

पीबै छी जे जीवन नर्क
त्यागू जल्दी मदिरा पान

बहरे विदेह 22-22-22-21

गुरुवार, 17 जून 2021

गजल

तकियाक तूर सन दबाएल छी कतेको बेर
अप्पन अछैत हम बझाएल छी कतेको बेर

बूझैत सभ अकान छी देखि ई समाजक खेल
परतारि बाल सन ठकाएल छी कतेको बेर

जीवन बहुत नचेलकै नाच के करत प्रतिकार
पीलहुँ कहाँ मुदा झखाएल छी कतेको बेर

आयल विपति बनाक' रस्ता सहैत रहलौं खूब
उठबैत बोझ थड़-थड़ाएल छी कतेको बेर

ठोकर सिखा रहल कते डेग डेग पर अभिलाष
दुख केर आँचमे पकाएल छी कतेको बेर

२२१-२१२-१२२-१२१-२२२१ मात्राक्रम अछि सभ पाँतिमे

गुरुवार, 27 मई 2021

गजल

सूतल भाग्य जगा क' देखू
आलस नित्य हटा क' देखू

भेटत प्रेम अधिक अहाँके
निच्चा माँथ झुका क' देखू

सभटा काज भ जाइते छै
नमरी थोड़ धरा क' देखू

दुख कम हैत जरूर देखब
अपना बूझि सुना क' देखू

जीवैते म' मरै क' अछि की
प्रेमक रोग लगा क' देखू

222-112-122 सभ पाँतिमे, सुझाव आमंत्रित अछि 💐

बुधवार, 26 मई 2021

गजल

हमरा लेल करेजा धड़कैत हेतौ तोरो
अदहा रातिक' सपना जगबैत हेतौ तोरो

उड़लै नींद हमर जहिये छोड़ि तों चलि गेलैं
कारी राति भयाबह डरबैत हेतौ तोरो

केना जीब रहल छी घुटि घुटि क' के देखत ई
ओना नोर त ठीके झहरैत हेतौ तोरो

तों मजबूर छलैं से कहि कात होइत गेलैं
हमरा सूनि दरदमे टहकैत हेतौ तोरो

तोहर याद रहत जाबे जीब सकबै अहि ठां
चिठ्ठी देल हमर मन पारैत हेतौ तोरो

मात्राक्रम अछि 2221-1222-2122-22,सभ पाँतिमे, सुझाव आमंत्रित अछि 💐

गजल

मुस्की अधर नुकाबी कत्ते
छुच्छे नयन लड़ाबी कत्ते

सहलौं बहुत कियो नै मानै
गरदनि कहू झुकाबी कत्ते

मोजर रहल कतौ नै हम्मर
दुखड़ा अपन सुनाबी कत्ते

किछु नै रहत जमा पूँजी तैं
नोरे तखन खसाबी कत्ते

कहलौं मुदा अहाँ नै एलौं
डिबिया कहू जराबी कत्ते


मात्राक्रम अछि 221-212-222 सभ पाँतिमे सुझाव आमंत्रित अछि 💐

शनिवार, 11 जुलाई 2020

गजल

अहाँ बिना सिन्दुर पिठार की हेतै
अहाँ बिना पावनि तिहार की हेतै

अहीं हमर छी देवता अहीं स्वामी
अहाँ बिना जीवन सकार की हेतै

भरोस नै अछि जे कखन अहाँ आयब
अहाँ बिना बिन्दी कपाड़ की हेतै

कते करी असगर पुजाक तैयारी
अहाँ बिना सौंसे हकार की हेतै

बहुत फरल अछि आम आउ ने गामे
अहाँ बिना फारा अचार की हेतै

मात्राक्रम अछि 1212-2212-1222 मुफाइलुन-मुस्तफइलुन-मुफाईलुन
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों