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सोमवार, 31 जनवरी 2022
गजल
सोमवार, 26 जुलाई 2021
गजल
गजल
भूख की की नै करा दै छै
सुस्तके कोसो चला दै छै
भाग्य रहितो कर्म बिनु किछु नै
बात ई गीता बुझा दै छै
पीब' खातिर छै शराबे नै
आँखिए हुनकर मता दै छै
साधिजे संकल्प रखने छै
दृष्टिए ओकर बता दै छै
कालके आगू चलल ककरा
केहनो गरदनि झुका दै छै
✍️ अभिलाष ठाकुर
मात्राक्रम अछि 2122-212-22
सभ पाँतिमे! सुझाव आमंत्रित अछि 💐
बुधवार, 21 जुलाई 2021
गजल
गजल
समय पुरनो घाव जगा दैत छै बेर बेर
अपन छै वा आन बता दैत छै बेर बेर
हजारो बेरक दुखके जे रखै नै हिसाब
चुरुक भरि उपकार गना दैत छै बेर बेर
प्रयासे छै जीवनमे लक्ष्यकेँ प्राप्ति द्वार
समस्या ओ जड़ि सँ हटा दैत छै बेर बेर
शराबी छै से कहि बदनाम छै कैक ठाम
गरीबी जमि केर टगा दैत छै बेर बेर
कते आ ककरा रहलै धन कहू ने जमैल
पढू ने इतिहास बता दैत छै बेर बेर
✍️ अभिलाष ठाकुर
मात्राक्रम अछि 1222-2112-212-2121
सभ पाँतिमे! सुझाव आमंत्रित अछि 💐