रविवार, 26 नवंबर 2023

गजल

टोपीमे लगै  बुढ़ा  झक्कास छै
बुढ़िया बिन अछैते मरै  नै आस छै 

गामक आइ केहन असल रखबाड़ छै 
एको धुर बचल ओकरा नै चास छै

शिक्षा केर घरमें बिकाइ ज्ञान छै
आजुक राजनीतिक कतेक बिनास छै 
 
पूजै लेल  कन्या तकै सब लोक छै
बनबे लेल कनियाँ तकै अरदास छै

बाबू माय एने बजट बिगड़ैत छै
साढ़ू सारि ‘मनु’ बैंक खासम खास छै

मात्राक्रम : 2221-2212-2212 सभ पाँतिमे। तेसर शेरकेँ दोसर पाँतिमे दूटा अलग अलग लघुकेँ दिर्घ मानक छूट लेल गेल अछि।

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’

गुरुवार, 23 नवंबर 2023

गजल

सबूतक कमी नै निशानक कमी नै
दरेगक कमी छै फरेबक कमी नै

रहल लाश सड़िते हमर संग अनको
चिता के कमी या जमीनक कमी नै

कहींपर बुझौअलि कहींपर पहेली
समय साल कोनो रहस्यक कमी नै

कतौ भूख नै छै कतौ रोग नै छै
कहत बात ईहो गवाहक कमी नै

सही लेल दुनियाँ अभावे गनेलक
गलत लेल देखू कुबेरक कमी नै

सभ पाँतिमे 122-122-122-122 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मुतकारिब मुस्समन सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

बुधवार, 22 नवंबर 2023

रुबाइ


आपस क दे ओ हमरा  हमर बितल दिन

किरया तोरा  दे   ओ सगर बितल दिन 

आब ताकै  कतौ नहि  भेटतौ तोरा 

खुशीसँ ‘मनु’क संग जे तोहर बितल दिन 

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’

 

मंगलवार, 21 नवंबर 2023

रुबाइ


हे कृष्ण गोविंद मुरारी मिता हमर 

सगरो दुनिया केर मालिक पिता हमर

छोरि ‘मनु’क करेजा किएक तू गेलअ

घुरि आबअ नहि तँ सजत आब चिता हमर

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’

 

गुरुवार, 16 नवंबर 2023

रुबाइ


तोरा नहि हम छोड़लौं नहि हम बेवफा

तोरा बिन नहि मरलौं नहि हम बेवफा 

प्राण गेल तोहर बुझि नहि जीवैत ‘मनु’ 

बिन काठीए जरलौं  नहि हम बेवफा 

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’

 

मंगलवार, 14 नवंबर 2023

रुबाइ


मीरा केर हरने अहाँ कते दुख छी 

साग खाय विदुरकेँ भेल बड्ड सुख छी 

हे माधव ‘मनु’ केर अपन भक्ति दय दिअ 

सबसँ सुन्नर दुनियामे अहाँक मुख छी 

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों