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सोमवार, 13 जून 2016

गजल


अहाँक यादि में पागल पागल
अहाँक रूप के मारल मारल

गनैत मेघ के चंदा तारा
निछोह राति में जागल जागल

चमकि रहल छलै अँगना मोनक
अहींक लेल छल पोछल पाछल

कतेक बेर तक ताकब रस्ता
बिछोह आगि के जारल जारल

उछेह राखि हम नेहक सागर
फिरैत बाध में भागल भागल

सनेस यैह टा भेटल नीरज
करेज राख सन राखल राखल

प्रत्येक पाँति में मात्राक्रम 
121212-2222 अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित 

शनिवार, 16 जनवरी 2016

गजल

ने   रूप  छै  ने  रंग  छै   तोरा  जकाँ
ने  बोल  छै  ने  ढंग  छै   तोरा  जकाँ

ने  गीत  छै   ने  छंद  छै  ने   राग  छै
ने  ढोल  ने  मिरदंग  छै   तोरा  जकाँ

मखमल कही वा संगमरमर सन कही
छै  झूठ  सब  ने अंग  छै तोरा  जकाँ

किछ दूर चललौं साथ हम सबके मुदा
ने  सोर   ने  हुड़दंग  छै   तोरा   जकाँ

सब  लोग  छै  साथे  मुदा  साँचे  कही
ने   मोह  माया  संग   छै   तोरा  जकाँ

नीरज कहै  तू  छैं अलग  अनमोल  छैं
एहन   कहाँ   अतरंग  छै  तोरा  जकाँ

सब पाँति में मात्राक्रम
2212-2212-2212

सुझाव सादर

मंगलवार, 22 दिसंबर 2015

गजल

कोनो   फूल  फूलल  अहाँके   मुस्की
कोनो   तान   छेड़ल  अहाँके   मुस्की

कस्तूरी    जकाँ   छै    सुगंधित   सौँसे
चारु   कात   पसरल   अहाँके   मुस्की

मज्जर  आमके छै  कि  की  गमकै छै
एगो   गाछ   मजरल   अहाँके  मुस्की

सिंगरहार      चंपा      चमेली      गेना
एक्के   ताग   गूथल    अहाँके   मुस्की

तीरक   नोखके  अधमरल  छै   सबतर
एहन   बाण   साधल   अहाँके    मुस्की

धड़कैछै   करेजा   कते   सब   लोकक
निसदिन  देखि  निखरल अहाँके मुस्की

जिनगी भरि पियासल रहल बड नीरज
अमरित  बनिक' बरसल  अहाँके मुस्की

सब पंक्ति में मात्राक्रम 2221-2212-222
अछि

बुधवार, 25 नवंबर 2015

गजल

एगो दुल्हिनियाँ देखू ने
सुंदर बढ़ियाँ देखू ने

सब किछ बिसरब हुनके खातिर
एहन कनियाँ देखू ने

हमहूँ रहबै डूबल हरदम
चकमक दुनियाँ देखू ने

राजो रहने हुनके खटबै
मीता रनियाँ देखू ने

की पैसा की सोना चानी
धन लछमिनियाँ देखू ने

हरदी तेल-मसल्ला सबके
हम्मर धनियाँ देखू ने 


                    -नीरज कर्ण
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पहिल पंक्ति में मात्राक्रम
22-22-22-22
दोसर पंक्ति में मात्राक्रम
22-22-22-2

मंगलवार, 3 नवंबर 2015

गजल

मोहक  नयन   तोहर  नयन
चंचल  नयन    सुन्दर  नयन

खटगर सनक मिठगर सनक
रस में  सनल  रसगर  नयन

मधुबन  नयन  चानन नयन
छौ   प्रेम  के  कानन  नयन

किछु जोग में  किछु टोन में
किछु मन्त्र में  बान्हल नयन

छौ  रूप   तोहर   चान  सन
आ  चान  सन  शीतल नयन

सब में अलग मुख में सजल
छौ  प्रेमरस  भीजल  नयन

भारी   नयन   आरी   नयन
छौ  मेघ  सन   कारी  नयन

काजर सजल जौं आँखि में
बस   भेल    दूधारी   नयन

किछु नै बुझल  मासूम बड
अनबुझ मुदा  सातिर नयन

सौ  जानमारुक  बाण  सन
बोझल रहल कातिल नयन

                  -नीरज कर्ण

सभ पाँति में 2212 2212
मात्रक्रम अछि।
तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों