Sunday, 3 April 2016

गजल

भक्ति गजल

विधिकेँ हाथ
विधिना साथ

सभहँक नाथ
भोलेनाथ

हुनका आगू
झूकै माथ

तोरा लग नै
कोनो लाथ

किछु भक्तिक तों
चिपड़ी पाथ

सभ पाँतिमे 2221 मात्राक्रम अछि
तेसर, चारिम आ पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि



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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों