Saturday, 30 April 2016

गजल

शासन छै बीत भरि के
डाँटन छै बीत भरि के

संबंधो सभ हँसैए
आँगन छै बीत भरि के

नमहर छै मृत्यु ऐठाँ
जीबन छै बीत भरि के

महकल छै कर्म ओकर
चानन छै बीत भरि के

सभहँक हिस्सा पियासे
साबन छै बीत भरि के


सभ पाँतिमे 222-2122 मात्राक्रम अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों