रविवार, 28 अप्रैल 2024

गजल

वीर छी हमहीं से सुना गेलै
काज पड़िते मुदा सिता गेलै

छै चलनसारि देशमे बहुते
केलहो काज किछु गना गेलै

अंत धरि रोकलहुँ मुदा तैयो
आँखिमे नोर झिलमिला गेलै

ताकमे दुख रहै जे टुटि जेतै
धैर्यमे देखि ओ पिता गेलै

लोक उम्मेद रखने अछि फाजिल
एक हम छी जकर छिना गेलै

सभ पाँतिमे 212-212-1222 मात्राक्रम अछि। किछु पाँतिमे मान्य छूट लेल गेल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों