Tuesday, 12 June 2018

गजल

किछु काज भगवान भरोसे
किछु काज शैतान भरोसे

किछु लोक नोरेसँ भरल अछि
किछु लोक मुस्कान भरोसे

किछु आँखि सोनासँ सजल छै
किछु आँखि दुभिधान भरोसे

बहुते मजा आबि रहल छै
किछु बात अनुमान भरोसे

लाभक कथा के क' रहल अछि
किछु लाभ नुकसान भरोसे

सभ पाँतिमे 2212-21122 मत्राक्रम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों