बुधवार, 31 दिसंबर 2025

गजल

करेजमे बसा हमरो तँ कनी  पिआर करु

अपन बना क हमरा प्रिय अहाँ दुलार करु 

 

पिया कते भरल अछि  प्रेम हमर  करेजमे

जियब खुशी स जीवन संग हमर विहार करु

 

मनक तरंग सबटा छोरि अहीँक छी बनल

विचारु नै इना जल्दीसँ अहाँ कहार करु

 

भजैत छी अहाँकेँ मूर्ति अपन हिया त’रे

अहाँ बुझैत छी की आब सगर पसार करु

 

पिआर नही जतय धन केर बिना कियो करै

सिनेह ओइ ‘मनु’ दुनियासँ किना उधार करु

 

(मात्राक्रम 12-12-12-221-12-12-12 सभ पाँतिमे)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’


बुधवार, 24 दिसंबर 2025

गजल

झूठ रहि जाइ छै गरीबक कल्पना
सत्य बनि जाइ छै अमीरक कल्पना

मेहनति बाद किछु नै भेटै छै जखन
लोक तखने करै नसीबक कल्पना

चुप रहल सभ हरेक विपदामे हमर
देश छै बौक आ बहीरक कल्पना

कल्पनाशीलता भरल पेटक नियति
पेट खाली तखन अचानक कल्पना

नौकरीमे रहै परेशानी बहुत
नै कऽ सकलै कियो शरीरक कल्पना

सभ पाँतिमे 212-212-122-212 मात्राक्रम अछि। गजलक मान्य छूट लेल गल अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

गुरुवार, 11 दिसंबर 2025

गजल

जिनका मानू जते सिनेही
तिनकर लच्छन तते झमेली

कोना बनलै महल अटारी
जनता लग ई परम पहेली

अइ दुनियाँ केर अतबे नियम
छूटै सभहक सखी सहेली

देखियौ बुझियौ हुनक नसीब
चंदन चौकी चिकन चमेली

देशक जनता पाँच दस देखि
अतबेपर ई वयस गमेली

सभ पाँतिमे 22-22-22-22 मात्राक्रम अछि। ई बहरे मीर अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि। 

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों