बुधवार, 31 दिसंबर 2025

गजल

करेजमे बसा हमरो तँ कनी  पिआर करु

अपन बना क हमरा प्रिय अहाँ दुलार करु 

 

पिया कते भरल अछि  प्रेम हमर  करेजमे

जियब खुशी स जीवन संग हमर विहार करु

 

मनक तरंग सबटा छोरि अहीँक छी बनल

विचारु नै इना जल्दीसँ अहाँ कहार करु

 

भजैत छी अहाँकेँ मूर्ति अपन हिया त’रे

अहाँ बुझैत छी की आब सगर पसार करु

 

पिआर नही जतय धन केर बिना कियो करै

सिनेह ओइ ‘मनु’ दुनियासँ किना उधार करु

 

(मात्राक्रम 12-12-12-221-12-12-12 सभ पाँतिमे)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों