Monday, 6 May 2013

गजल

कनी हमरो बजा दिअ माँ  
अपन दर्शन करा दिअ माँ

कते आशा लगोने छी
अपन चाकर बना दिअ माँ

जनम भरि बनि टुगर रहलहुँ
सिनेहक निर चटा दिअ माँ   

जँ हम नेना अहाँकेँ छी
अलख मनमे जगा दिअ माँ

सुखेलै नोर जरि आँखिक
चरण ‘मनु’केँ दखा दिअ माँ   

(बहरे हजज, मात्रा क्रम – १२२२-१२२२)
जगदानन्द झा ‘मनु’ 

1 comment:

  1. Bahute sundar... Gazal ke saath saath e Bhajan seho bh gel....

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों