Sunday, 8 June 2014

गजल

भक्ति गजल




से एलै केहन दिनमा ए राम
की फुटलै माटिक बसना ए राम

नै रहलै कोनो काजक धन बीत
किनलहुँ जे दिल्ली पटना ए राम

धधरामे सोना सन पोसल देह
जरि जरि भेलै से मटिया ए राम

छुटलै बेटा बेटी दुनियाँ संग
भेलै जखने पचकठिया ए राम

ईहो निरगुण जे गाबै तकरा तँ
भेटै ओ अनचिन्हरबा ए राम

सभ पाँतिमे 222-222-2221 मात्राक्रम अछि

सुझाव सादर आमंत्रित अछि

2 comments:

  1. आदि शंकर केर ’भजगोविन्दम्’ आ सौंसे उत्तर भारत में प्रसिद्ध निर्गुन गीतक प्रभाव सँ पगल ई ग़ज़ल विधानक संपुष्ट करैत सुन्नर रचना लेल हम्मर बधाई स्वीकार करू, आशीषजी.

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों