Wednesday, 13 May 2015

गजल



भेटैत रहिहें कहियो काल
देखैत रहिहें कहियो काल

ई प्राण बनलौ तोरे लेल
झीकैत रहिहें कहियो काल

चर्चा हमर बस उड़िते रहतौ
सूनैत रहिहें कहियो काल

सुइटर सनक छै ई जीबन से
बूनैत रहिहें कहियो काल

हम फूल तों भमरा बनि बनि कऽ
सूँघैत रहिहें कहियो काल

सभ पाँतिमे 2212+2+2221 मात्राक्रम अछि।
तेसर आ चारिम शेरक दोसर पाँतिक अंतिम दीर्घकेँ संस्कृत परम्परानुसार लघु मानल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों