शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2016

गजल

एकटा गजलक प्रारंभिक स्वरूप

बड़ सरल छै फिजिकल मरनाइ
बड़ कठिन छै डिजिटल मरनाइ

जे सिनेहक बेगर मरि गेलै
तकरे कहबै क्रिटिकल मरनाइ

बाँहिमे जकरा तागति छै से
चाहि रहलै कोस्टल मरनाइ

देह छै संगीतक तैयो तँ
बड़ कठिन छै लिरिकल मरनाइ

मरि कऽ हमहूँ जिबिते देखाइ
एहने हो मिथिकल मरनाइ

सभ पाँतिमे 2122+22221 मात्राक्रम अछि
दोसर शेरमे दूटा दीर्घ आ तेसर शेरक एकटा दीर्घकेँ लघु मानबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

1 टिप्पणी:

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों