शनिवार, 23 जुलाई 2016

गजल

धार ताकै पानिकेँ
खूब चाहै पानिकेँ

हाल आसक की कहू
श्वास जानै पानिकेँ

संग रहितों सभ समय
पानि थाहै पानिकेँ

आँखि ओकर देखि देखि
आहि आबै पानिकेँ

केकरो लग रेत सभ
बान्हि राखै पानिकेँ

सभ पाँतिमे 2122 + 212 मात्राक्रम अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों