शुक्रवार, 6 अगस्त 2021

गजल

कियो पुछलक सुखी के छै
कियो कहलक खुशी के छै

पकड़ि लै छै बिना गलती
पता करियौ बरी के छै

कथीपर नाचि रहलै ओ
अथी साँती अथी के छै

गलत पूरा गलत तकलहुँ
सही पूरा सही के छै

कियो बुझि अप्सरा हमरा
पुछैए जे परी के छै

सभ पाँतिमे 1222-1222 मात्राक्रम अछि। ई बहरे हजज मोरब्बा सालिम अछि। सुझाव सादर आमंत्रित अछि।

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों