बुधवार, 16 सितंबर 2026

गजल

चलि अहाँ संगे हमर जीवन ताड़ि दिअ

छी पियासल हम कनी अमरित ढारि दिअ

 

चारु दिस अन्हार पसरल अछि मोनमे

आबि दीया  एकटा प्रीतक बारि दिअ

 

डेग डोलैए  हमर नेहक आसमे

प्राण बनि देहक अहाँ जीवन धारि दिअ

 

मेघ धेने अछि सुखक आँगनमे किए
आ अपन मुसकीसँ ओ सभटा मारि दिअ

 

आर नहि हमरा तँ चाही किछु प्रेममे

बस अहाँ जीवन अपन ‘मनु’पर हारि दिअ

 

(बहरे जदीद, मात्राक्रम : 2122-2122-2212)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’


 


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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों