बुधवार, 31 दिसंबर 2008

गज़ल

ईसाइ नव बर्खक मंगलमय शुभकामना

गजल
१
गप्प जखन बिआहक चलल हेतैक
गरीबक बेटी बड्ड कानल हेतैक

गोली लागल देह दसो दिशा मे
कुशलक खोंइछ कत्तौ बान्हल हेतैक

डेग-डेग पर निद्रा देवीक प्रसार
केना कहू केओ जागल हेतैक

सड़ि गेलैक एहि पोखरिक पानि
जुग-जुगान्तर सँ नहि उराहल हेतैक

विश्वास करु समान कम नहि देत
बाटे मे बाट भजारल हेतैक

1 टिप्पणी:

  1. आदर्श बनाम आदर्शवादी
    बुद्ध-गान्धीक गात लेल युद्ध
    aa
    सड़ि गेलैक एहि पोखरिक पानि
    जुग-जुगान्तर सँ नहि उराहल हेतैक
    aanandit bhay gelahu bhavnak visphot dekhi kay

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों