Tuesday, 22 September 2009

गजल

गजल

आबि जाइए अहाँक सोह केखनो-केखनो
आ फेर टुटि जाइए मोह केखनो- केखनो


छी आहाँ हमरा लग से तँ देखाइते अछि
मुदा अनुभव होइए विछोह केखनो-केखनो

मनुखक करेज बनल छैक पानि सँ संदेह नहि
मुदा भए जाइत छैक लोह केखनो-केखनो

जिनगी संगीत थिक सर्वथा सत्त तँए तँ
आबै छैक आरोह-अवरोह केखनो-केखनो


मरि गेलैक सऽख-आकांक्षा पहिनेहें केकरो
तैओ जिनगी लैए टोह केखनो-केखनो

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों