Thursday, 4 July 2013

गजलकार परिचय शृखंला भाग-39




कुन्दन कुमार कर्ण:


जहाँ धरि हमर जानकारी अछि कुंदन कुमार कर्ण नेपालक पहिल शाइर छथि जे की अरबी बहरमे गजल कहि रहल छथि। ( संपादक -अनचिन्हार आखर )



नाम : कुन्दन कुमार कर्ण
पिता : श्री शुशिल लाल कर्ण
माता : भारती कर्ण
जन्मतिथि : 23 Dec, 1988
जन्मस्थान : गा.वि.स. जमुनीमधेपुरा, वार्ड नं.-8, पोस्ट : राजविराज, जिला- सप्तरी, नेपाल
मूल वृति : नेपाल सरकारक नोकरीहारा (गृह-मन्त्रालय अन्तर्गत)
शिक्षा :
स्नातक (ब्यवस्थापन) : त्रिभुवन विश्वविद्यालय, श्री महेन्द्र बिन्देश्वरी बहुमुखी क्याम्पस, राजविराज
स्नातकोत्तर (ब्यवस्थापन) : र्इन्दिरा गान्धी खुला विश्वविद्यालय, नव दिल्ली (अध्ययनरत)
रूचिकs क्षेत्र : साहित्य, गीत, संगीत, अध्ययन, उदघोषण



हिनक किछु शब्दह हिनकहि शब्दमे---

हम एकटा सामान्य मध्यम वर्ग परिवारसँ छी । परिवारमें बाबू जी आ माय सहित हमरासँ छोट दू भाइ छैक । कनियेटासँ साहित्य, गीत, संगीतमें हमर रूचि रहि आएल छैक । हमर पहिल मैथिली कविता 'अभिनव' नामक मैथिली साहित्यिक द्वैमासिक पत्रिकामें अक्टुबर, 2003 में प्रकाशित भेलए । हम मैथिली गजल 2005 सँ लिखकें प्रारम्भ केलौं मुदा आधिकारिक रूपसँ पहिलबेर नेपालक पहिल पत्रिका(सरकारी पत्रिका) 'गोरखापत्र'में 18 सितम्बर, 2012 में प्रकाशित भेलए । अभिनयकें क्रममें मैथिली कवि परिषद, राजविराजद्वारा सञ्चालित एकटा कार्यक्रम अन्तर्गत नेपालक सात जिला : मोरंग, सुनसरी, सप्तरी, सिराहा, धनुषा, महोत्तरी आ सर्लाहीकs विभिन्न ठाममें सडक नाटकमें सहभागी भs अभिनय केलौं । वर्तमान समयमें कार्यव्यस्तता रहितौ समय निकालिकs गजल रचना करैत छी । मैथिली गजलकें लोप्रियताके लेल गजलप्रित पूर्ण रूपेन समर्पित फेसबुकपर मैथिली गजल एवं शेर-ओ-शायरी सम्बन्धि 'मैथिली गजल भंडार' नामक एकटा समूह आ ओहि नामसँ एकटा पेज संचालनकs मैथिली गजलसँ सम्बन्धित विभिन्न काममें लागल रहैत छी । एहि क्रममें फेसबुकपर आशिष अनचिन्हार जीसँ भेट भेलए । ओ हमरा अनचिन्हार आखरसँ जोडलखिन जाहिसँ हमरा गजल रचना सम्बन्धी आर ज्ञान भेटलए तेँ हम हुनक आभारी छी । संगे आशिष जीसँ जानकारी भेटल जे अरबी बहरमें गजल रचना कयनिहार हम नेपाल पहिल मैथिल गजलकार छी । र्इ सुनिकs हम बहुत खुशी भेलौं आ गजल रचना करs लेल हमरा एकटा नव उमंग आ उत्प्रेरणाके प्राप्ति भेलए ।

6 comments:

  1. बहुत बहुत धन्यबाद जे कुन्दन जि के अा बहुत बहुत प्रगति के कामना छथि ।।।।।।।।। हम नागेन्द्र के तर्फ से जनकपुर १४ मुजेलिया हाल साउदि अरेबिया

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  2. badhai ai6 kundan bhai, pragati k lel kamana karai 6i ma chhinnamasta sa

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  4. हार्दिक धन्यवाद श्याम जी ।

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  5. अही छि साथी । अही छि तारा ।
    अही छि भावुक ।अही छि शहारा ।

    जनकपुर के ऐछ . अजवे नजारा ।
    मैइरयोके मिथलामे .जन्मलेव दुवारा ।
    तुलसी कुमार

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  6. hardik shubhkamna kundan jee

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों