Wednesday, 3 July 2013

गजल

२१२ ११२१२ १२२२

दर्द हियक अहांसँ कहब हम कोना
चोट नेहसँ भरल सहब हम कोना

छोडि असगर जखन दूर रहबै प्रिय
भावमें बिन मिलन बहब हम कोना

ठोरपर चमकैत नव हँसिक मोती
दूर रहिक अहांसँ गहब हम कोना

संग जे नहि देबए अहाँ हमरा
आगु जीवनमें बरहब हम कोना

कहि रहल अछि गजलमें हियसँ 'कुन्दन'
बिन अहाँ प्रिय आब रहब हम कोना

© कुन्दन कुमार कर्ण
www.facebook.com/kundan.karna

2 comments:

  1. प्रयास त मनगर भेल मुदा बह्रक ज्ञान लेल प्रयास करने परत.
    शुभम्

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों