Sunday, 23 April 2017

गजल

छै सभ कियो असगर
अपने अपन सहचर

ई आगि ओ आगि
दुन्नू रहल मजगर

बुझबै अहाँ सभ किछु
एतै जखन अवसर

जीवन मने बिजनस
रिस्को रहत कसगर

संवेदना टूटल
खूनो रहै पनिगर

सभ पाँतिमे 2212-22 मात्राक्रम अछि
दोसर शेरक पहिल पाँतिक लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों