Tuesday, 25 April 2017

गजल

छन भरि के पहिचान छै
जीवन भरि अनुमान छै

सोना चानी बैंकमे
आँचरमे दुभि धान छै

पुरहित आ जजमान संग
अपने ओ भगवान छै

चुप्पे रहलहुँ देखितो
केहन ई अभिमान छै

स्वामी अनचिन्हार जी
हमरे सन बइमान छै

सभ पाँतिमे 222+2212 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर लेल गेल अछि
मकतामे हमरा जनैत दोष छै। पहिल पाँतिमे "जी" आदर सूचक छै तँ दोसर पाँतिमे "छै" बराबरी सूचक। आग्रह जे उपाय बताएल जाए।
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों