सोमवार, 8 मई 2017

गजल

जे अछि जयकार विरोधी
से अछि दरबार विरोधी

ई मानू या नै मानू
सभ छै अधिकार विरोधी

संसारे खातिर देखू
भेलै संसार विरोधी

खाली संगे भरलाहा
बनतै अवतार विरोधी

चारू दिस बंदूक मुदा
कहलक हथियार विरोधी

सभ पाँतिमे 222-222-2 मात्राक्रम अछि
दू टा अलग-अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों