Wednesday, 12 January 2011

गजल

आइ काल्हि भाड़ेँ की भड़ुएक त चलती छैक

आइ काल्हि चोरे की पहरुएक त चलती छैक



दिन मे डिबिआ लेसनिहार आ राति मे मिझौनिहार

कोबर मे समदाउन गबैत कनिएँक त चलती छैक



रंडी आब पवित्र अछि इहो मानि लिअ अहाँ

रेडलाइट कारोबार मे बहुरिएक त चलती छैक



होइत रहल निपत्ता फल-फूल बगैंचा सँ

सुखाएल सन जड़ि मालिएक त चलती छैक


चिचिआ कए जे जगबैत छल लोक के

गोली खेलक ओ निशिबद्दीएक त चलती छैक

1 comment:

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों