Tuesday, 25 January 2011

ग़ज़ल



कोरा में माथा रइख कS सुतइ के इच्छा अछि
अहाँ नजदीक आबि क मरइ के इच्छा अछि


टहटहाइत इजोरिया में फेर आउ एक बेर
टहटहाइत इजोरिया में देखइ के इच्छा अछि

कोनो बात न छै प्राण चइल गेलय त की
अहाँ के आइबते अर्थी से उठइ के इच्छा अछि


पड़ल जखन साँझ मोन भ गेल बड्ड निराश
अहाँ लेल भरि जिनगी बैठइ के इच्छा अछि


उड़ल जाइ छी एखन फेर नील गगन दिस
अहाँ संग नील गगन में उड़इ के इच्छा अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों