Wednesday, 12 October 2016

गजल

अंबार हेतै की नै हेतै
जैकार हेतै की नै हेतै

हमहूँ पठेने रहियै हुनका
स्वीकार हेतै की नै हेतै

ग्राहक तँ भेलै छै बरबाद
पैकार हेतै की नै हेतै

ई ओइ पारक चेन्हासी छै
अइ पार हेतै की नै हेतै

कीनि एलै  दोकानक दोकान
व्यवहार हेतै की नै हेतै

सभ पाँतिमे 2122 + 222 + 22
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि
पाँचम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ अतिरिक्त छूट मानल गेल अछि

No comments:

Post a Comment

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों