Tuesday, 18 October 2016

गजल

रातिमे भोरक इच्छा
भोरमे साँझक इच्छा

डेग छै सभहँक जँइ-तँइ
हाथमे हाथक इच्छा

छै घृणा स्थायी भाव
साथमे प्रेमक इच्छा

ओ जरै अपने दुखमे
सभ कहै धाहक इच्छा

तीर सन फूलो भेटल
फूल सन काँटक इच्छा

सभ पाँतिमे 2122 +222 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों