Friday, 30 December 2016

गजल

नेह लगाबैए कियो कियो
भाग बनाबैए कियो कियो

आँखि बला भेटल बहुत मुदा
नोर लुटाबैए कियो कियो

आब तँ छै बेपार चोट केर
दर्द नुकाबैए कियो कियो

बात सुनाबैए सगर नगर
बात बुझाबैए कियो कियो

देह छुआबै आदमी बहुत
मोन छुआबैए कियो कियो

सभ पाँतिमे 21-1222-12-12 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघु छूटक तौरपर अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों