शनिवार, 10 दिसंबर 2016

गजल


प्रश्नो चुप छै
उतरो चुप छै

आँखिक दुखपर
सपनो चुप छै

उघड़ल बरतन
झँपनो चुप छै

मेल मिलापो
झगड़ो चुप छै

अनका संगे
अपनो चुप छै

सभ पाँतिमे 2222 मात्राक्रम अछि
दूटा अलग अलग लघुकेँ दीर्घ मानबाक छूट लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों