Monday, 26 December 2016

गजल

सरकार केकरो नै
दरबार केकरो नै

बकलेल जान दैए
बुधियार केकरो नै

जे बेचि देत एहन
अधिकार केकरो नै

जयकार छै छिनार
जयकार केकरो नै

हटले रहू बहुत दूर
चिन्हार केकरो नै


सभ पाँतिमे 2212+122 मात्राक्रम अछि
तेसर शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ संस्कृत परंपरानुसार दीर्घ मानल गेल अछि
चारिम शेरक पहिल पाँतिक अंतिम लघुकेँ छूटक तौरपर लेल गेल अछि
सुझाव सादर आमंत्रित अछि

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों