बुधवार, 4 मार्च 2020

हिंदी फिल्मी गीतमे बहर-27

गजलक मतलामे जे रदीफ-काफिया-बहर लेल गेल छै तकर पालन पूरा गजलमे हेबाक चाही मुदा नज्ममे ई कोनो जरूरी नै छै। एकै नज्ममे अनेको काफिया लेल जा सकैए। अलग-अलग बंद वा अंतराक बहर सेहो अलग भ' सकैए संगे-संग नज्मक शेरमे बिनु काफियाक रदीफ सेहो भेटत। मुदा बहुत नज्ममे गजले जकाँ एकै बहरक निर्वाह कएल गेल अछि। मैथिलीमे बहुत लोक गजलक नियम तँ नहिए जानै छथि आ ताहिपरसँ कुतर्क करै छथि जे फिल्मी गीत बिना कोनो नियमक सुनबामे सुंदर लगैत छै। मुदा पहिल जे नज्म लेल बहर अनिवार्य नै छै आ जाहिमे छै तकर विवरण हम एहि ठाम द' रहल छी-----------------

एक बेर फेर बहरक कमाल देखू फिल्मी गीतमे देखू।122-122-122-122 हरेक पाँतिमे अछि। फिल्म "अगर तुम न होते" केर गीत अछि। गीतकार छथि गुलशन बावरा। संगीतकार छथि राहुल देव बर्मन । गायक किशोर कुमार आ लता मंगेशकर। ई फिल्म 1983 मे आएल रहै जाहिमे राज बब्बर, राजेश खन्ना, रेखा आदि कलाकार छलथि।


हमें और जीने की चाहत न होती
अगर तुम न होते,  अगर तुम न होते

(हमें जो तुम्हारा सहारा न मिलता
भंवर में ही रहते किनारा न मिलता - २)
किनारे पे भी तो लहर आ डुबोती
अगर तुम न होते,  अगर तुम न होते

तुम्हें क्या बताऊं के तुम मेरे क्या हो
मेरी ज़िंदगी का तुम्ही आसरा हो
मैं आशा कि लड़ियां, न रह रह पिरोती
अगर तुम न होते,  अगर तुम न होते

हर इक ग़म तुम्हारा सहेंगे खुशी से
करेंगे न शिकवा कभी भी किसी से
जहाँ मुझ पे हंसता, खुशी मुझपे रोती
अगर तुम न होते,  अगर तुम न होते

एकर तक्ती उर्दू हिंदी नियमपर कएल गेल अछि।  जनैत हेबै तैयो कही जे "हर इक" केर तक्ती "हरिक" भेल छै।
ई गीत निच्चा सुनि सकैत छी--





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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों