दुनिया नहि पुछलकै केहनो बात नहि
राखू हियामे ई तेहनो बात नहि
चिन्है छै समाज सगरो धनीकेकेँ
‘मनु’केँ जँ जाइ बिसरि एहनो बात नहि
✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’
दुनिया नहि पुछलकै केहनो बात नहि
राखू हियामे ई तेहनो बात नहि
चिन्है छै समाज सगरो धनीकेकेँ
‘मनु’केँ जँ जाइ बिसरि एहनो बात नहि
✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’
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