शुक्रवार, 9 दिसंबर 2022

गजल

जखन मोन कानल गजल कहलौं

रहल कोंढ़ छानल गजल कहलौं

 

जमाना सुतल छल जखन नींदसँ

तहन राति जानल गजल कहलौं

 

गरीबक घरक जेठ बेटा हम

अभाबे इ गानल गजल कहलौं

 

जुआ छल लदल कांहपर लोकक

पसीनासँ सानल गजल कहलौं

 

उमर ‘मनु’ बितल आर की करबै

अपन मोन ठानल गजल कहलौं

 

(मात्राक्रम 122-122-1222, सभ पाँतिमे)

✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’

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तोहर मतलब प्रेम प्रेमक मतलब जीवन आ जीवनक मतलब तों